कानपुर: डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने जन-सुनवाई में सुनीं लोगों की शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर: कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में नागरिकों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान को प्राथमिकता देते हुए पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) अतुल कुमार श्रीवास्तव ने अपने कार्यालय में जन-सुनवाई आयोजित की। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं। पुलिस उपायुक्त ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जन-सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो तथा प्रत्येक मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई की जाए। साथ ही शिकायतकर्ताओं को उनके प्रकरण में हुई प्रगति और अंतिम निस्तारण की जानकारी समय पर उपलब्ध कराने पर भी विशेष बल दिया गया।
शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज करने के निर्देश
जन-सुनवाई के दौरान प्राप्त सभी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किया गया। पुलिस उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत की प्रकृति के अनुसार समयबद्ध जांच की जाए और आवश्यक कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के समाधान में जवाबदेही और संवेदनशीलता दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ करें।
त्वरित और प्रभावी निस्तारण पर विशेष जोर
बैठक के दौरान पुलिस उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा करें और निर्धारित समय के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित करें।
इसके अतिरिक्त अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि यदि किसी मामले में अतिरिक्त जांच या समन्वय की आवश्यकता हो तो संबंधित विभागों के साथ समय रहते संपर्क स्थापित कर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए।
शिकायतकर्ताओं को समय पर दी जाए कार्रवाई की जानकारी
जन-सुनवाई में एक महत्वपूर्ण निर्देश यह भी दिया गया कि शिकायतकर्ताओं को उनके मामलों की स्थिति से लगातार अवगत कराया जाए। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि नागरिकों को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि उनकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है और उसका वर्तमान चरण क्या है।
इस व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों का प्रशासनिक प्रक्रिया पर विश्वास भी मजबूत होगा। साथ ही शिकायतकर्ता अनावश्यक रूप से बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी बच सकेंगे।
नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार पर दिया गया बल
जन-सुनवाई के दौरान पुलिस उपायुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मानजनक, शालीन और संवेदनशील व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत लेकर आने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपनी किसी न किसी समस्या के समाधान की अपेक्षा से कार्यालय आता है। ऐसे में उसकी बात धैर्यपूर्वक सुनना और उचित मार्गदर्शन देना प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसके अलावा जन-सुनवाई में आने वाले लोगों के बैठने, प्रतीक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बार-बार आने वाली समस्याओं के स्थायी समाधान पर जोर
पुलिस उपायुक्त ने केवल व्यक्तिगत शिकायतों के समाधान तक ही सीमित रहने के बजाय उन समस्याओं पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई जो किसी क्षेत्र में बार-बार सामने आती हैं।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी समस्याओं की पहचान कर उनके स्थायी समाधान के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार की जाए। यदि किसी समस्या के समाधान के लिए अन्य विभागों का सहयोग आवश्यक हो तो आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पारदर्शिता और जवाबदेही को बनाया जाए प्राथमिकता
बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा गया कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण में पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। सभी कार्रवाई निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप की जाए ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
इसके साथ ही प्रत्येक अधिकारी अपने स्तर पर की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से तैयार रखें, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उसकी समीक्षा की जा सके।
जन-सुनवाई से बढ़ता है प्रशासन और जनता के बीच विश्वास
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित जन-सुनवाई प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम होती है। इसके माध्यम से लोगों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है, जबकि प्रशासन को भी जमीनी स्तर की चुनौतियों को समझने में सहायता मिलती है। यदि शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत होता है।

