कानपुर के जच्चा-बच्चा अस्पताल में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत हुआ वृहद वृक्षारोपण
रिपोर्ट- हरी शंकर शर्मा
कानपुर: पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने और हरित भविष्य की दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अपर इंडिया शुगर एक्सचेंज जच्चा-बच्चा अस्पताल परिसर में मंगलवार को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में अस्पताल की कार्यवाहक विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. अनीता गौतम, वरिष्ठ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान केवल पौधारोपण ही नहीं किया गया, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का भी सामूहिक संकल्प लिया गया। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक पौधे को सुरक्षित रखकर उसे विकसित किया जाए।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिला समर्थन
केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ना है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए जच्चा-बच्चा अस्पताल में चिकित्सकों और कर्मचारियों ने पौधारोपण कर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
इस अवसर पर अस्पताल परिसर में नीम, आम, जामुन और अशोक सहित कई छायादार एवं पर्यावरण के लिए उपयोगी पौधों का रोपण किया गया। इन पौधों का चयन इस दृष्टि से किया गया कि भविष्य में ये न केवल हरियाली बढ़ाएं, बल्कि स्वच्छ वातावरण और बेहतर पारिस्थितिकी संतुलन में भी योगदान दें।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यवाहक विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा द्विवेदी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशभर में करोड़ों पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसी उद्देश्य से विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसे संस्थानों की भूमिका केवल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने की भी होती है। इसलिए अस्पताल परिवार ने इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई है।
डॉ. सीमा द्विवेदी ने यह भी कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े बदलाव संभव हैं।
पौधारोपण के साथ संरक्षण का भी लिया संकल्प
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनीता गौतम ने कहा कि वृक्षारोपण तभी सफल माना जाएगा, जब लगाए गए पौधों का नियमित संरक्षण और रखरखाव भी किया जाए।
उन्होंने सभी चिकित्सकों, कर्मचारियों और नर्सिंग स्टाफ से अपील की कि प्रत्येक पौधे को अपनी जिम्मेदारी मानकर उसकी देखभाल करें। उन्होंने कहा कि पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर स्वच्छ हवा, छाया और बेहतर पर्यावरण प्रदान करेंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियों को भी लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई और प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया।
अस्पताल परिसर में बढ़ेगी हरियाली
वृक्षारोपण अभियान के तहत लगाए गए पौधों से आने वाले समय में अस्पताल परिसर की हरियाली बढ़ने की उम्मीद है। चिकित्सकों का मानना है कि हरित वातावरण का सकारात्मक प्रभाव मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार अस्पताल परिसरों में अधिक हरियाली होने से वायु गुणवत्ता में सुधार, तापमान में संतुलन और वातावरण अधिक स्वच्छ बनाए रखने में सहायता मिलती है। यही कारण है कि देशभर के अनेक स्वास्थ्य संस्थानों में हरित परिसर विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण में वृक्षों की अहम भूमिका
वृक्ष केवल ऑक्सीजन प्रदान करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वृक्ष वायु प्रदूषण कम करने, भूजल संरक्षण, जैव विविधता बढ़ाने और मिट्टी के कटाव को रोकने में सहायक होते हैं।
विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण और तापमान को नियंत्रित करने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है। ऐसे में अस्पतालों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों में नियमित पौधारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जाते हैं।
चिकित्सकों और कर्मचारियों ने दिखाई सक्रिय भागीदारी
वृक्षारोपण कार्यक्रम में अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान सभी ने पौधे लगाए और उन्हें संरक्षित रखने का सामूहिक संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. नीना गुप्ता, रश्मि यादव, डॉ. दिव्या, डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. श्रुति गुप्ता, मेट्रन मीरा, सिस्टर प्रीता रोस्टन, करुणा शिखा, शालिनी, स्टाफ नर्स सनम, सुधा दुर्ग पाल, विनय यादव, एस.पी. सिंह, मनोज कपूर, राकेश भट्ट सहित अस्पताल के अन्य फैकल्टी सदस्य एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सभी प्रतिभागियों ने पौधारोपण को केवल औपचारिक कार्यक्रम न मानते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।
जनभागीदारी से ही सफल होंगे पर्यावरण अभियान
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियान तभी प्रभावी हो सकते हैं, जब उनमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। केवल पौधे लगाने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि उनकी नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है।
इसी सोच के साथ जच्चा-बच्चा अस्पताल में आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देता है। यदि ऐसे प्रयास लगातार जारी रहे, तो शहरों में हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण कम करने के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।
हरित भविष्य की दिशा में सकारात्मक पहल
जच्चा-बच्चा अस्पताल परिसर में आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक वर्ग की साझा जिम्मेदारी है।
अस्पताल प्रशासन द्वारा पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण का संकल्प लेना इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता रही। आने वाले समय में यदि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाती है, तो यह पहल न केवल अस्पताल परिसर को अधिक हरित बनाएगी, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

