कानपुर RTO कार्यालय का DTC ने किया निरीक्षण, आवेदकों से लिया फीडबैक; परिसर में घूमते मिले दलाल
रिपोर्ट: हरि शंकर शर्मा
कानपुर। संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) कार्यालय में परिवहन सेवाओं की कार्यप्रणाली का जायजा लेने के लिए उप परिवहन आयुक्त (डीटीसी) कानपुर परिक्षेत्र आर.आर. सोनी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालकानपुर RTO कार्यालय का DTC ने किया निरीक्षण, आवेदकों से लिया फीडबैक; परिसर में घूमते मिले दलाल
य के विभिन्न पटलों पर हो रहे कार्यों की समीक्षा की और काम कराने आए आवेदकों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं तथा अनुभवों की जानकारी ली। निरीक्षण में एआरटीओ प्रशासन कहकशां खातून और आरआई संतोष कुमार भी मौजूद रहे।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्यालय में चल रहे कार्यों की स्थिति को समझना, कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा करना और आम नागरिकों को परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का जायजा लेना था। इसके साथ ही अधिकारियों ने यह भी जानने का प्रयास किया कि आवेदकों को अपने काम के लिए कार्यालय में किसी तरह की परेशानी का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है।
कार्यालय के विभिन्न पटलों पर कार्यों की समीक्षा
डीटीसी आर.आर. सोनी ने आरटीओ कार्यालय पहुंचकर अलग-अलग पटलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित कर्मचारियों के कामकाज की मौके पर ही समीक्षा की और कार्यालय में संचालित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह देखा कि विभिन्न पटलों पर आवेदकों से जुड़े काम किस प्रकार किए जा रहे हैं।
इसके बाद डीटीसी लाइसेंस भवन यानी सारथी भवन पहुंचे। यहां उन्होंने सभी पटलों पर हो रहे कार्यों की जानकारी ली और लाइसेंस संबंधी सेवाओं के लिए पहुंचे लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने आवेदकों से पूछा कि उनका काम किस प्रकार हो रहा है और उन्हें प्रक्रिया पूरी करने में किसी तरह की असुविधा तो नहीं हो रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी आवेदक को कार्यालय में काम कराने के दौरान परेशानी होती है, तो वह एआरटीओ प्रशासन कहकशां खातून से सीधे मिलकर अपनी समस्या बता सकता है। इससे संबंधित अधिकारी के संज्ञान में समस्या आएगी और उसके समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
खुद फॉर्म भरकर काम कराने पहुंचे आवेदक की सराहना
निरीक्षण के दौरान डीटीसी आर.आर. सोनी ने एक आवेदक से बातचीत की। पूछताछ में जानकारी मिली कि संबंधित आवेदक ने अपना फॉर्म स्वयं भरा था और निर्धारित फीस भी खुद जमा की थी। इसके बाद वह संबंधित पटल पर अपना काम कराने पहुंचा और बिना किसी परेशानी के उसकी प्रक्रिया पूरी हो गई।
यह जानकारी मिलने पर डीटीसी ने आवेदक की सराहना की। उन्होंने उसे स्वयं प्रक्रिया पूरी करने और जागरूक नागरिक की तरह काम कराने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही उसकी पीठ थपथपाकर उत्साहवर्धन भी किया।
इस घटना को परिवहन सेवाओं के प्रति नागरिकों की जागरूकता के उदाहरण के तौर पर देखा जा सकता है। जब आवेदक आवश्यक जानकारी प्राप्त करके स्वयं फॉर्म भरते हैं और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फीस जमा करते हैं, तो वे अपने काम की स्थिति को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। इसके अलावा, उन्हें अपने आवेदन से संबंधित जानकारी सीधे विभाग से प्राप्त करने का अवसर भी मिलता है।
हालांकि, प्रत्येक सेवा के लिए जरूरी दस्तावेजों, शुल्क और प्रक्रिया की जानकारी संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त करना आवश्यक है। इससे आवेदन करते समय गलतियों की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर में घूमते मिले दलाल
आरटीओ कार्यालय के निरीक्षण के दौरान परिसर में कुछ संदिग्ध व्यक्ति घूमते दिखाई दिए, जिन्हें दलाल बताया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुरक्षा में तैनात होमगार्डों ने इन लोगों को पकड़ लिया। इसके बाद डीटीसी आर.आर. सोनी ने उनसे पूछताछ की।
पूछताछ के बाद डीटीसी ने संबंधित लोगों को सख्त हिदायत दी कि वे दोबारा कार्यालय परिसर या उसके आसपास दिखाई न दें। उन्हें चेतावनी देते हुए भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया।
आरटीओ कार्यालय जैसे सार्वजनिक सेवा केंद्रों में दलालों की मौजूदगी का मुद्दा आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है। परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में आवेदकों को सही जानकारी, पारदर्शी प्रक्रिया और निर्धारित शुल्क के आधार पर सेवाएं मिलना जरूरी है।
हालांकि, निरीक्षण के दौरान पकड़े गए व्यक्तियों के संबंध में किसी औपचारिक कानूनी कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए इस मामले में आगे की कार्रवाई के बारे में बिना आधिकारिक पुष्टि के कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
आवेदकों को सीधे अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह
निरीक्षण के दौरान डीटीसी ने आवेदकों से बातचीत कर यह संदेश देने का प्रयास किया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे संबंधित अधिकारियों से सीधे संपर्क कर सकते हैं। यदि आवेदन, दस्तावेज, फीस या प्रक्रिया से संबंधित कोई परेशानी आती है, तो नागरिकों को अधिकृत माध्यमों से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
इसके अलावा, आवेदकों को किसी अनधिकृत व्यक्ति के बहकावे में आने से बचना चाहिए। सरकारी सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क की जानकारी पहले से प्राप्त करना और भुगतान की रसीद सुरक्षित रखना भी उपयोगी है।
डीटीसी आर.आर. सोनी के निरीक्षण के दौरान कार्यालय के कामकाज की समीक्षा, आवेदकों से संवाद और परिसर में घूम रहे बताए गए दलालों को चेतावनी देना प्रमुख बिंदु रहे। अब ऐसे निरीक्षणों के माध्यम से परिवहन कार्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और नागरिकों को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने पर विभाग का ध्यान बना रहना महत्वपूर्ण होगा।

