लखीमपुर खीरी में वीरगाथा एवं सैनिक सम्मान समारोह, डीएम ने पूर्व सैनिकों को शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: देश की सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्र की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सैनिकों का सम्मान करना समाज का नैतिक दायित्व है। इसी भावना के साथ मंगलवार को लखीमपुर खीरी के कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में सेवा संकल्प अभियान के तहत वीरगाथा एवं सैनिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी (डीएम) अंजनी कुमार सिंह ने पूर्व सैनिकों को माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने अपने सैन्य जीवन के अनुभव साझा किए और अपनी वीरगाथाओं के माध्यम से देशभक्ति, अनुशासन तथा राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।
समारोह का उद्देश्य देश की रक्षा में सैनिकों के योगदान को सम्मान देना, उनके अनुभवों को समाज तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान सभागार में देशसेवा के प्रति समर्पण और सैनिकों के सम्मान का भाव दिखाई दिया।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
वीरगाथा एवं सैनिक सम्मान समारोह का शुभारंभ जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर धनंजय प्रसाद सिंह ने दीप प्रज्वलित करके किया। इसके बाद पूर्व सैनिकों को सम्मानित करने का क्रम शुरू हुआ। अधिकारियों ने सैनिकों के सेवाकाल और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
समारोह में पूर्व सैनिक सार्जेंट रामपाल सिंह, सूबेदार संतोष सिंह सेना मेडल, सूबेदार बाबूराम, सूबेदार बालकराम वर्मा, सिपाही रामप्रकाश शुक्ला और सूबेदार गुरनाम सिंह को माला पहनाकर तथा शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले पूर्व सैनिकों के प्रति उपस्थित लोगों ने आदर व्यक्त किया।
कार्यक्रम में यह संदेश भी सामने आया कि सैनिकों का योगदान केवल उनके सेवाकाल तक सीमित नहीं रहता। सेना में अर्जित अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, नेतृत्व क्षमता और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने का अनुभव समाज के लिए भी उपयोगी है। इसलिए पूर्व सैनिकों के अनुभवों को सुनना और उनसे सीखना युवाओं के लिए प्रेरणादायक हो सकता है।
पूर्व सैनिकों ने साझा किए सैन्य जीवन के अनुभव
समारोह का प्रमुख आकर्षण पूर्व सैनिकों की वीरगाथाएं और उनके सैन्य जीवन के अनुभव रहे। पूर्व सैनिकों ने अपने सेवाकाल से जुड़े प्रसंग साझा किए। उनके अनुभवों में देश की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता, अनुशासन और कर्तव्य को सर्वोपरि रखने की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।
सैनिक जीवन में जिम्मेदारियों का निर्वहन, निर्धारित नियमों का पालन और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे अनुभवों से नई पीढ़ी को यह समझने का अवसर मिलता है कि राष्ट्रसेवा केवल एक विचार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, समर्पण और निरंतर प्रयास से जुड़ा दायित्व है।
इसके साथ ही, पूर्व सैनिकों की जीवन यात्रा युवाओं को यह सीख देती है कि व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर समाज और देश के लिए काम करना महत्वपूर्ण है। उनके अनुभवों के माध्यम से देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता विकसित करने का संदेश दिया गया।
सैनिकों का सम्मान राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता: डीएम
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि सैनिकों का शौर्य, त्याग और समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सीमाओं की सुरक्षा से लेकर देश की संप्रभुता की रक्षा तक, सैनिक हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हैं। राष्ट्र के प्रति उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना संभव नहीं है।
डीएम ने कहा कि पूर्व सैनिकों का सम्मान करना उनके सेवाकाल के योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सैनिकों के अनुभव और उनके जीवन मूल्य युवाओं को अनुशासन, साहस तथा राष्ट्रसेवा की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने यह भी संदेश दिया कि सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान तथा संवेदनशीलता बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों के प्रति आभार केवल किसी समारोह तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दैनिक जीवन में भी उनके योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगा सैनिकों का अनुभव
वीरगाथा एवं सैनिक सम्मान समारोह का महत्व पूर्व सैनिकों को सम्मानित करने के साथ-साथ उनके अनुभवों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में भी है। ऐसे आयोजन युवाओं को देश के प्रति अपने कर्तव्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और अनुशासन के महत्व को समझने का अवसर देते हैं।
पूर्व सैनिकों की सेवा यात्रा यह बताती है कि राष्ट्रहित में समर्पण, जिम्मेदारी और दृढ़ संकल्प की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनके अनुभवों से प्रेरणा लेकर युवा अपने जीवन में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने सैनिकों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ ही राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। लखीमपुर खीरी के कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में आयोजित समारोह के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश की रक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों और पूर्व सैनिकों का सम्मान करना पूरे समाज का साझा दायित्व है।
वीरगाथा एवं सैनिक सम्मान समारोह ने पूर्व सैनिकों के योगदान को सम्मान देने और उनके अनुभवों से समाज को प्रेरित करने का अवसर प्रदान किया। जिलाधिकारी द्वारा पूर्व सैनिकों को सम्मानित करने तथा उनके सैन्य जीवन के अनुभवों को महत्व देने से राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता, अनुशासन और सेवा भावना का संदेश सामने आया।

