कानपुर: युवती ने युवक पर दुष्कर्म और वीडियो बनाने का लगाया आरोप, हिस्ट्रीशीटर से धमकाने का दावा
रिपोर्ट- हनुमंत सिंह पिंटू
कानपुर नगर के गोविंद नगर थाना क्षेत्र में एक युवती ने युवक पर प्रेम संबंध के बहाने होटल ले जाकर दुष्कर्म करने और वीडियो बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार दबाव में रखा गया। इसके साथ ही, शिकायत वापस लेने के लिए एक कथित हिस्ट्रीशीटर द्वारा धमकाने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले में कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपी युवक आयुष वर्मा ने पहले उससे नजदीकियां बढ़ाईं और बाद में कथित तौर पर उसे नशीला पदार्थ पिलाकर वारदात को अंजाम दिया। युवती ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि घटना के बाद आरोपी ने शादी करने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में वीडियो के जरिए उसे डराने लगा। फिलहाल, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
कंपनी में काम सीखने के दौरान हुई थी मुलाकात
पीड़िता गोविंद नगर थाना क्षेत्र के मित्र लाल चौराहा की रहने वाली बताई गई है। उसने पुलिस कमिश्नर को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह शिल्पी हजरी कंपनी में काम सीखने जाती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात आयुष वर्मा से हुई। प्रार्थना पत्र में आरोपी की पहचान मनोज वर्मा के पुत्र के रूप में बताई गई है।
युवती का आरोप है कि परिचय बढ़ने के बाद आयुष ने उसे अपने विश्वास में ले लिया। इसके बाद एक दिन उसने कोल्ड ड्रिंक में कोई पदार्थ मिलाकर पिला दिया। पीड़िता के अनुसार, पेय पदार्थ पीने के बाद वह अचेत हो गई। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर युवक उसे एवी होटल (A.V. Hotel), परगंवा ले गया, जहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उसका वीडियो बनाया गया। हालांकि, वीडियो बनाए जाने और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
शादी का आश्वासन देकर चुप कराने का आरोप
पीड़िता के मुताबिक, होश में आने के बाद जब उसे घटना की जानकारी हुई तो उसने विरोध किया और रोने लगी। आरोप है कि इस दौरान आयुष ने उससे शादी करने का आश्वासन दिया। युवती का दावा है कि बाद में आरोपी ने कथित वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
युवती ने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि वीडियो वायरल होने के डर से वह काफी समय तक परेशान रही। उसके अनुसार, आरोपी कथित तौर पर इसी सामग्री का इस्तेमाल करके उसे अपनी बात मानने और शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करता रहा।
यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो मामला महिला की सहमति, सुरक्षा और डिजिटल माध्यमों के कथित दुरुपयोग से जुड़े गंभीर कानूनी सवाल खड़े कर सकता है। ऐसे मामलों में पीड़िता की पहचान और उसकी निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना भी आवश्यक है।
हिस्ट्रीशीटर से धमकी दिलाने का दावा
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई और परिवार ने आयुष से इस बारे में बात की, तो मामला और तनावपूर्ण हो गया। युवती के अनुसार, इसके बाद उसे अजय ठाकुर नामक व्यक्ति के माध्यम से धमकियां दी गईं। पीड़िता ने अजय ठाकुर को हिस्ट्रीशीटर बताते हुए दावा किया है कि उसके खिलाफ 34 मुकदमे दर्ज हैं। इस संख्या और संबंधित आपराधिक रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि अजय ठाकुर ने उसे स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर रास्ते में धमकाया और आयुष वर्मा के खिलाफ की गई शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। पीड़िता का कहना है कि उसे और उसके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
युवती के मुताबिक, इन कथित धमकियों के कारण परिवार भयभीत है और सामान्य रूप से घर से बाहर निकलने में भी परेशानी महसूस कर रहा है। उसने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में यह भी दावा किया है कि वह पहले कई बार स्थानीय थाने और कमिश्नर कार्यालय के चक्कर लगा चुकी है। इसके बावजूद, उसके अनुसार, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
युवती का आरोप है कि संबंधित लोग खुलेआम घूम रहे हैं और शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। इसी वजह से उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की अपील की है। हालांकि, पुलिस की ओर से शिकायत प्राप्त होने, मुकदमा दर्ज होने, जांच की स्थिति या आरोपियों के विरुद्ध किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
इसलिए मामले में आरोपों और स्थापित तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है। पुलिस जांच के दौरान पीड़िता के बयान, उपलब्ध साक्ष्य, कथित वीडियो, होटल से संबंधित जानकारी और धमकी दिए जाने के आरोपों की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है।
पीड़िता ने न्याय और सुरक्षा की मांग की
पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि आयुष वर्मा और अजय ठाकुर के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यदि साक्ष्यों से अपराध की पुष्टि होती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। उसने अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
महिलाओं के विरुद्ध अपराध की शिकायतों में समय पर सुनवाई, निष्पक्ष जांच और शिकायतकर्ता की सुरक्षा महत्वपूर्ण होती है। वहीं, किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया पूरी किया जाना आवश्यक है।

