कानपुर में कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का मुखौटा पहनाकर जंजीरों में निकाला जुलूस

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह 

कानपुर: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कानपुर में अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। कंपनी बाग से शुरू हुआ कांग्रेस का जुलूस कलक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक व्यक्ति को मुख्य चुनाव आयुक्त का मुखौटा पहनाकर जंजीरों में जकड़ते हुए प्रतीकात्मक जुलूस निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की तथा अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा।

कांग्रेस की ओर से किए गए इस प्रदर्शन में 500 से अधिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग भी उठाई गई।

कंपनी बाग से शुरू हुआ कांग्रेस का जुलूस

कांग्रेस कार्यकर्ता गुरुवार को कंपनी बाग के पास एकत्र हुए। यहां से प्रदर्शन की शुरुआत हुई और कार्यकर्ता जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय की ओर रवाना हुए। जुलूस के दौरान पार्टी कार्यकर्ता नारे लगाते हुए आगे बढ़े।

प्रदर्शन का सबसे अलग दृश्य उस समय देखने को मिला, जब एक कांग्रेस कार्यकर्ता को मुख्य चुनाव आयुक्त का मुखौटा पहनाया गया। इसके बाद उसे प्रतीकात्मक तौर पर जंजीरों में जकड़कर जुलूस में शामिल किया गया। कांग्रेस ने इस तरीके के प्रदर्शन के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करने की कोशिश की।

हालांकि, यह प्रदर्शन प्रतीकात्मक था और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे अपने विरोध दर्ज कराने के तरीके के तौर पर पेश किया।

500 से अधिक कार्यकर्ता शामिल होने का दावा

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, प्रदर्शन में 500 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र, चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दे उठाए।

कांग्रेस नेताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर लोगों के बीच चिंता है। हालांकि, ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर लोगों का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। इसी संदर्भ में कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं।

इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। यहां उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने मुद्दों को प्रशासन के सामने रखा।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से जुड़े मामले का भी जिक्र

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ हुई कथित अराजकता को लेकर भी नाराजगी जताई। पार्टी नेताओं ने कहा कि ऐसे मामलों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में असंतोष है।

कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े सवालों को केवल राजनीतिक मुद्दे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इन पर सार्वजनिक स्तर पर चर्चा होनी चाहिए। पार्टी नेताओं ने कहा कि वे इन मुद्दों को आगे भी उठाते रहेंगे।

सड़क से संसद तक संघर्ष का दावा

कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर पार्टी सड़क से लेकर संसद तक अपनी आवाज उठाती रहेगी। नेताओं के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी।

इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जा सकता है। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपने मुद्दों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया।

प्रदर्शन से क्या संदेश देने की कोशिश?

कानपुर में हुए इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। मुख्य चुनाव आयुक्त का मुखौटा पहनाकर जंजीरों में प्रतीकात्मक जुलूस निकालना प्रदर्शन का प्रमुख आकर्षण रहा। कांग्रेस ने इसे अपने विरोध का रचनात्मक तरीका बताया।

दूसरी ओर, इस तरह के राजनीतिक प्रदर्शनों का उद्देश्य आमतौर पर किसी मुद्दे पर पार्टी की स्थिति को सार्वजनिक रूप से सामने रखना होता है। कानपुर में भी कांग्रेस ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से जुड़े अपने सवालों को लेकर कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतारा।

कुल मिलाकर, कंपनी बाग से शुरू हुआ यह प्रदर्शन जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचा, जहां कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा। वहीं, प्रदर्शन में लगाए गए आरोप कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं, जिन पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष अलग हो सकता है।

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