बांदा में ‘मणिकर्णिका—आंगन से अंतरिक्ष तक’ हुआ युवती सम्मेलन, छात्राओं ने लिया भाग

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रिपोर्ट – शैलेन्द्र शानू वर्मा 

बांदा: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), कानपुर प्रांत के तत्वावधान में बांदा में ‘मणिकर्णिका—आंगन से अंतरिक्ष तक’ युवती सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान युवतियों के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, आत्मविश्वास और समाज एवं राष्ट्र के पुनर्निर्माण में उनकी भूमिका को लेकर संवाद किया गया।

सम्मेलन का उद्देश्य छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना और अनुभवी महिलाओं के अनुभवों के माध्यम से उन्हें नए अवसरों की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक सहभागिता, नेतृत्व क्षमता और महिलाओं की बदलती भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं छात्राएं

‘मणिकर्णिका—आंगन से अंतरिक्ष तक’ सम्मेलन में बांदा जिले के विभिन्न हिस्सों से सैकड़ों छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में छात्राओं ने विशेषज्ञ महिलाओं से संवाद किया और उनके अनुभवों को सुना।

आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य युवतियों को यह समझाना था कि शिक्षा और कौशल के साथ वे अपने लिए नए अवसर तलाश सकती हैं। इसके साथ ही समाज के विकास में महिलाओं की सक्रिय भूमिका को लेकर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम में छात्राओं की भागीदारी को देखते हुए आयोजकों ने इसे संवाद और प्रेरणा का मंच बताया। सम्मेलन में शामिल छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर वक्ताओं से बातचीत की और अपने सवाल भी रखे।

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता समेत कई महिलाएं रहीं मौजूद

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा पटनाहा मौजूद रहीं। इसके अलावा उच्च क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी दीपाली गुप्ता, एबीवीपी की प्रांत पदाधिकारी विज्ञा मिश्रा, सबीहा रहमानी, जिज्ञासा तिवारी और जयंती सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिलाएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

इन अतिथियों की मौजूदगी में छात्राओं को शिक्षा और करियर से जुड़े अवसरों के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों और नेतृत्व क्षमता के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का संयोजन और संचालन एबीवीपी की प्रांत सह मंत्री आयुषी त्रिपाठी ने किया। उन्होंने सम्मेलन की गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया और विभिन्न सत्रों के दौरान छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित की।

अनुभवी महिलाओं के साथ हुआ संवाद

सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण अनुभवी महिलाओं के साथ संवाद सत्र रहा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही महिलाओं ने छात्राओं के साथ अपने व्यक्तिगत और पेशेवर अनुभव साझा किए।

संवाद के दौरान छात्राओं को बताया गया कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और चुनौतियों के बीच लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखने की आवश्यकता होती है। वहीं, वक्ताओं ने छात्राओं से अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप शिक्षा एवं करियर के विकल्प चुनने की बात कही।

इस सत्र के जरिए छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी और उनके अनुभवों से परिचित कराने का प्रयास किया गया। साथ ही, कार्यक्रम में आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

राष्ट्र निर्माण में छात्राओं की भूमिका पर चर्चा

एबीवीपी की प्रांत पदाधिकारी विज्ञा मिश्रा ने राष्ट्र के पुनर्निर्माण में छात्राओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि छात्राएं शिक्षा और अपनी प्रतिभा के माध्यम से समाज में सकारात्मक योगदान दे सकती हैं। इसके लिए जरूरी है कि वे अपने भीतर मौजूद क्षमताओं को पहचानें और उन्हें विकसित करने के लिए लगातार प्रयास करें।

‘आंगन से अंतरिक्ष तक’ की थीम के माध्यम से सम्मेलन में यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि युवतियों के लिए अवसरों का दायरा लगातार व्यापक हो रहा है। शिक्षा और तकनीकी विकास के दौर में छात्राएं अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकती हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई कार्यक्रम की रौनक

सम्मेलन में विचार-विमर्श के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। गुरुकुल कथक साधना केंद्र की छात्राओं ने कथक एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग जोड़ दिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय कला और परंपरा से जुड़े पक्षों को भी सामने रखा गया। छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और प्रतिभागियों ने सराहा।

दो सत्रों में आयोजित हुआ सम्मेलन

‘मणिकर्णिका—आंगन से अंतरिक्ष तक’ युवती सम्मेलन को दो सत्रों में आयोजित किया गया। दोनों सत्रों में युवतियों की भूमिका, उनके सर्वांगीण विकास और समाज में उनकी भागीदारी से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और नेतृत्व जैसे पहलुओं पर भी जानकारी दी गई। आयोजकों ने कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम युवतियों को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को समझने में मदद कर सकते हैं।

अखंड हिंद फौज के बारे में दी जानकारी

सम्मेलन के दौरान विनोद जैन ने ‘अखंड हिंद फौज’ के विषय में जानकारी साझा की। उन्होंने इस विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर उपस्थित छात्राओं और प्रतिभागियों को जानकारी दी।

वहीं, कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि छात्राओं के लिए संवाद और मार्गदर्शन के ऐसे मंच उपयोगी हो सकते हैं। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों और प्रतिभागियों ने युवतियों की शिक्षा, विकास और सामाजिक भागीदारी को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कुल मिलाकर, बांदा में आयोजित ‘मणिकर्णिका—आंगन से अंतरिक्ष तक’ युवती सम्मेलन छात्राओं के लिए संवाद, अनुभव साझा करने और प्रेरणा प्राप्त करने का मंच बना। कार्यक्रम में शिक्षा, नेतृत्व, सांस्कृतिक गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण में युवतियों की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

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