औरैया में सपा के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान का समापन, बिधूना में निकाला पैदल मार्च
रिपोर्ट – अंजुमन तिवारी
औरैया: समाजवादी पार्टी के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान का गुरुवार को औरैया जिले में समापन हुआ। अभियान के अंतिम दिन बिधूना तहसील क्षेत्र में सपा कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर मतदाता अधिकार और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए। मार्च के दौरान कार्यकर्ता हाथों में विभिन्न संदेशों वाली तख्तियां लेकर चले और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
यह अभियान समाजवादी पार्टी की ओर से 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक चलाया गया। इसी क्रम में बिधूना में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर से पैदल मार्च शुरू किया, जो भगत सिंह चौराहे तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की। अभियान के तहत मतदाता सूची में पात्र लोगों के नाम जोड़ने और वोट से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी ने अपनी बात रखी।
बिधूना तहसील से शुरू हुआ पैदल मार्च
सपा कार्यकर्ताओं का पैदल मार्च बिधूना तहसील से शुरू हुआ। कार्यकर्ताओं के हाथों में अलग-अलग स्लोगन लिखी तख्तियां थीं। इनमें निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से संबंधित संदेश लिखे गए थे। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर नारे भी लगाए।
मार्च का उद्देश्य पार्टी नेताओं के मुताबिक लोगों को मतदान के अधिकार और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक करना था। सपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का मत महत्वपूर्ण है और मतदाता सूची को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।
इसके बाद मार्च भगत सिंह चौराहे पर पहुंचा, जहां कार्यक्रम का समापन किया गया। यहां राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ। इसके बाद संविधान के अनुच्छेद 326 का सामूहिक पाठ किया गया। यह अनुच्छेद वयस्क मताधिकार से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों से जुड़ा है।
मतदाता सूची को लेकर सपा ने उठाए सवाल
सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर पार्टी की चिंताओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से प्रभावित होता है तो उसकी जांच कर आवश्यक सुधार किया जाना चाहिए।
जिलाध्यक्ष के मुताबिक, इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश स्तर पर ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि बिधूना में पैदल मार्च के माध्यम से संविधान और मतदान के अधिकार के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया।
हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों पर निर्वाचन आयोग या भाजपा की ओर से इस कार्यक्रम के संबंध में कोई स्थानीय प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए पार्टी नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
तख्तियों पर दिखे अलग-अलग संदेश
पैदल मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं की तख्तियों पर निर्वाचन प्रक्रिया और राजनीतिक नारों से जुड़े संदेश लिखे थे। इनमें ‘PDA के वोट का अधिकार छीन रही भाजपा सरकार’ और ‘वोट चोर ज्ञानेश कुमार हाय-हाय’ जैसे नारे शामिल थे।
इन नारों के जरिए सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के प्रति अपनी राजनीतिक असहमति जाहिर की। वहीं, पार्टी नेताओं ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, पात्र मतदाताओं के वोट सुरक्षित रखने और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग दोहराई।
राष्ट्रगान के बाद हुआ संविधान के अनुच्छेद 326 का पाठ
भगत सिंह चौराहे पर पहुंचने के बाद कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा संविधान के अनुच्छेद 326 का सामूहिक पाठ रहा। इसके पहले राष्ट्रगान गाया गया।
सपा नेताओं ने कहा कि संविधान प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार देता है। इसलिए मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है।
अभियान के दौरान संविधान और मताधिकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता देना सपा के कार्यक्रम का हिस्सा रहा। प्रदेश के दूसरे जिलों में भी पार्टी ने इसी अवधि में मार्च और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम, बिधूना विधायक रेखा वर्मा, दिबियापुर विधायक प्रदीप यादव और विधानसभा बिधूना अध्यक्ष रानू पालीवाल समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यकर्ताओं ने मार्च के दौरान पार्टी के अभियान से जुड़े संदेशों को लोगों तक पहुंचाया। इसके साथ ही नेताओं ने मतदाता अधिकार और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
प्रदीप यादव ने भी निर्वाचन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
दिबियापुर विधायक प्रदीप यादव ने निर्वाचन आयोग की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग देश की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थाओं में से एक है और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर जनता के बीच विश्वास कायम रहना जरूरी है।
उन्होंने पार्टी के रुख को दोहराते हुए कहा कि सपा मतदाता के अधिकार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक बयान हैं और इन पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
प्रदेशभर में चला अभियान
समाजवादी पार्टी ने 2 से 8 अक्टूबर के बीच ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अभियान में मार्च, जनजागरूकता कार्यक्रम और संविधान के अनुच्छेद 326 के सार्वजनिक पाठ जैसे कार्यक्रम शामिल रहे।
औरैया में बिधूना का पैदल मार्च इसी अभियान का अंतिम कार्यक्रम रहा। इसके साथ ही पार्टी ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची में पात्र लोगों के नाम सुनिश्चित करने और मतदान के अधिकार की सुरक्षा से जुड़े अपने मुद्दों को दोहराया।
फिलहाल, अभियान के समापन के बाद सपा की ओर से उठाए गए सवालों और मांगों पर निर्वाचन आयोग तथा भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार है। वहीं, मतदाता सूची और SIR से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में भी राजनीतिक चर्चा का विषय बने रहने की संभावना है।

