सोनभद्र में SIR के विरोध में CPM का प्रदर्शन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की रखी मांग

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रिपोर्ट – ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी 

सोनभद्र: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच सोनभद्र में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPIM ने प्रदर्शन किया। गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने रॉबर्ट्सगंज में प्रदर्शन करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल करने और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए।

रॉबर्ट्सगंज में निकाला गया प्रदर्शन

सीपीआईएम के जिला मंत्री नन्दलाल आर्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रॉबर्ट्सगंज के बढ़ौली चौक से प्रदर्शन शुरू किया। इसके बाद कार्यकर्ता तहसील परिसर पहुंचे। यहां डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और प्रदर्शन का समापन किया गया।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। साथ ही निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची में नामों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने की मांग की गई।

पार्टी नेताओं का कहना था कि मतदाता सूची में शामिल प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा जरूरी है। इसलिए पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची से हटाया गया है तो उसकी जांच कर नाम दोबारा शामिल किया जाना चाहिए।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग

प्रदर्शन के दौरान सीपीआईएम ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी उठाई। पार्टी का कहना है कि SIR को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न नागरिक संगठनों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

जिला मंत्री नन्दलाल आर्य ने कहा कि पार्टी निर्वाचन प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने की पक्षधर है। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान अपनाई जा रही प्रक्रिया को लेकर पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि गलत तरीके से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम वापस मतदाता सूची में शामिल किए जाएं। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का भी किया जिक्र

सीपीआईएम नेता नन्दलाल आर्य ने 23 सितंबर को प्रकाशित इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग के भीतर SIR समेत मतदाता सूची से जुड़े कुछ निर्णयों को लेकर दो निर्वाचन आयुक्तों की ओर से आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात कही गई थी।

सीपीआईएम ने इस रिपोर्ट को अपने प्रदर्शन के दौरान उठाई गई चिंताओं के संदर्भ में रखा। पार्टी नेता का कहना था कि इससे निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों की ओर से पहले से व्यक्त की जा रही चिंताओं को बल मिला है।

हालांकि, इस संबंध में निर्वाचन आयोग की ओर से यह स्पष्ट किया गया था कि अंतिम निर्णय तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा था कि अलग-अलग राय या विचार प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं।

इसलिए रिपोर्ट और उसके बाद निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया, दोनों को इस पूरे विवाद के संदर्भ में देखना महत्वपूर्ण है।

इंडिया गठबंधन के आह्वान का किया समर्थन

सीपीआईएम नेताओं ने बताया कि SIR के मुद्दे को लेकर पार्टी और इंडिया गठबंधन के आह्वान पर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए गए। इसी क्रम में सोनभद्र में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची किसी भी चुनाव की बुनियादी व्यवस्था का हिस्सा है। इसलिए इसके पुनरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न हों।

इसके अलावा पार्टी ने निर्वाचन आयोग से SIR प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब देने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।

इन मांगों को लेकर प्रदर्शन

सीपीआईएम की ओर से प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से कई मांगें उठाई गईं। इनमें SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने, पात्र मतदाताओं के हटाए गए नामों को दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रही।

इसके साथ ही पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की मांग भी की। सीपीआईएम का कहना है कि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रदर्शन में ये लोग रहे मौजूद

प्रदर्शन में किसान सभा के जिला संयोजक प्रेमनाथ, खेत मजदूर यूनियन के अध्यक्ष पुरुषोत्तम, श्याम नारायण सिंह, बच्चा लाल, राजबली, हनुमान प्रसाद और सत्येंद्र जायसवाल समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान अपनी मांगों को लेकर नारे लगाए और संबंधित मुद्दों पर अपनी बात रखी। इसके बाद तहसील परिसर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम समाप्त किया गया।

क्या है SIR को लेकर विवाद?

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें मौजूद त्रुटियों को दूर करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं। विपक्षी दलों की ओर से यह चिंता जताई जा रही है कि प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं।

वहीं, निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत संचालित किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले समय में SIR को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस जारी रहने की संभावना है।

फिलहाल सोनभद्र में सीपीआईएम के प्रदर्शन ने इस मुद्दे को एक बार फिर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा में ला दिया है। पार्टी ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन और निर्वाचन व्यवस्था के सामने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

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