बदायूं में सपा ने निकाली पदयात्रा, ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारों से गूंजा शहर – पढ़िए जिलाध्यक्ष आशीष यादव के नेतृत्व में रखी गई यह मांग

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रिपोर्ट – विपिन यादव 

बदायूं: मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने बदायूं में पदयात्रा निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘संविधान बचाओ-देश बचाओ’ जैसे नारे लगाए। सपा विधायक बृजेश यादव, विधायक हिमांशु यादव और पार्टी के जिलाध्यक्ष आशीष यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पदयात्रा में शामिल हुए।

पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के पास पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। इस दौरान सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची तथा चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां और सवाल सामने रखे।

सपा नेताओं के नेतृत्व में निकली पदयात्रा

बदायूं में आयोजित इस पदयात्रा को लेकर सपा कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया। पार्टी नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ता एकजुट होकर आगे बढ़े। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जुड़े नारे लगाए।

सपा नेताओं का कहना था कि चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सूची की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में मतदाता सूची से जुड़े किसी भी सवाल को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज बुलंद की।

पदयात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे और विभिन्न संदेशों से जुड़े पोस्टर भी लिए। रास्ते में लगातार नारेबाजी होती रही। इसके कारण शहर में राजनीतिक गतिविधियां चर्चा का विषय बनी रहीं।

कलेक्ट्रेट के पास किया प्रदर्शन

पदयात्रा के बाद सपा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के पास पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन किया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला फूंका।

पुतला दहन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘संविधान बचाओ-देश बचाओ’ जैसे नारे लगाए। इसके अलावा प्रदर्शन में ‘एक कचौड़ी दो समोसा, ज्ञानेश तेरा क्या भरोसा’ जैसे नारे भी सुनाई दिए।

वहीं, बिजली और पानी से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने ‘बिजली-पानी दे न सके, वो सरकार निकम्मी है’ जैसे नारे लगाकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

मतदाता सूची को लेकर सपा ने उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र मतदाता का मताधिकार सुरक्षित रहना जरूरी है। इसलिए मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों और सवालों पर पारदर्शी तरीके से विचार किया जाना चाहिए।

सपा नेताओं ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा को लेकर भी अपनी बात रखी। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पार्टी कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा के माध्यम से अपनी आवाज जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया।

हालांकि, चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष इस प्रदर्शन के दौरान सामने नहीं आया है। ऐसे में उठाए गए राजनीतिक सवालों को सपा नेताओं के आरोप और मांग के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी

पदयात्रा के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने बिजली, पानी और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की बात कही।

पार्टी कार्यकर्ताओं के मुताबिक, पदयात्रा का उद्देश्य लोगों को लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक करना भी था। इसके जरिए सपा ने अपने राजनीतिक संदेश को कार्यकर्ताओं और आम लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की।

‘संविधान बचाओ-देश बचाओ’ का दिया संदेश

कलेक्ट्रेट के पास पुतला दहन के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर ‘संविधान बचाओ-देश बचाओ’ के नारे लगाए। इस दौरान पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।

दरअसल, समाजवादी पार्टी पिछले कुछ समय से मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक स्तर पर उठाती रही है। बदायूं में हुई यह पदयात्रा भी इसी राजनीतिक अभियान का हिस्सा बताई गई।

इस प्रदर्शन के दौरान सपा ने एक तरफ जहां मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए, वहीं दूसरी ओर बिजली-पानी जैसे स्थानीय जनहित के मुद्दों को भी अपने विरोध प्रदर्शन में शामिल किया। इससे प्रदर्शन का राजनीतिक और जनहित से जुड़ा दोनों तरह का स्वरूप नजर आया।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी

पदयात्रा में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया। विधायक बृजेश यादव, विधायक हिमांशु यादव और जिलाध्यक्ष आशीष यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक मार्च किया।

पदयात्रा के दौरान नारेबाजी और पुतला दहन के कारण कलेक्ट्रेट क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों और विरोध को नारों के जरिए सामने रखा।

अंत में सपा कार्यकर्ताओं ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराया। पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदाता और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया जाएगा।

इस तरह बदायूं में सपा की पदयात्रा के जरिए पार्टी ने मतदाता सूची, चुनाव प्रक्रिया और जनहित के मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारे और कलेक्ट्रेट के पास हुआ पुतला दहन स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों में चर्चा का विषय रहा।

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