यूपी वोटर लिस्ट में गायब नामों की होगी जांच, SIR से पहले BLO चलाएंगे विशेष अभियान

WhatsApp Image 2026-10-08 at 1.37.46 PM

DigitalUPNews

उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया से पहले उन मतदाताओं के नाम तलाशने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिनके नाम पहले की मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन अब नई सूची में दिखाई नहीं दे रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र मतदाता किसी भी स्थिति में मतदाता सूची से बाहर न रह जाएं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत मतदाता सूचियों की जांच और छूटे हुए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

पुरानी और नई वोटर लिस्ट का होगा मिलान

अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO 10 अप्रैल को प्रकाशित मतदाता सूची का मिलान पिछले वर्ष 7 जनवरी को प्रकाशित सूची से करेंगे। इस दौरान दोनों सूचियों में दर्ज नामों का मिलान किया जाएगा। यदि किसी मतदाता का नाम पुरानी सूची में मौजूद था, लेकिन नई सूची में नहीं मिलता है, तो ऐसे नामों को अलग से चिह्नित किया जाएगा।

इसके बाद संबंधित मतदाता की मौजूदा स्थिति का पता लगाने के लिए BLO स्तर से सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी। जरूरत पड़ने पर अधिकारी मतदाता के घर या मतदाता सूची में दर्ज पते पर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि संबंधित व्यक्ति उसी पते पर रह रहा है या नहीं और उसका नाम नई सूची से किस कारण से गायब हुआ है।

घर-घर जाकर स्थिति की होगी पड़ताल

दरअसल, मतदाता सूची में किसी पात्र नागरिक का नाम नहीं रहना चुनावी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए ऐसे मतदाताओं की पहचान के बाद उनके बारे में वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया जाएगा। BLO अपने स्तर पर उपलब्ध जानकारी और स्थानीय सत्यापन के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेंगे।

इसके अलावा, यदि कोई मतदाता स्थान बदल चुका है, तो उसकी स्थिति के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है। वहीं, यदि कोई पात्र मतदाता उसी क्षेत्र में निवास कर रहा है और उसका नाम किसी कारण से सूची में नहीं है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका नाम शामिल कराने की कार्रवाई की जा सकेगी।

SIR के बाद छूटे मतदाताओं पर भी फोकस

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बैठक में बताया कि चुनाव आयोग की ओर से उन राज्यों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ऐसे राज्यों में छूटे हुए मतदाताओं और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों को मतदाता सूची में जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

इसका सीधा उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट रखना है। विशेष रूप से ऐसे युवा, जिन्होंने मतदान की निर्धारित आयु पूरी कर ली है, उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, ऐसे पात्र नागरिक जिनका नाम किसी कारण से सूची में दर्ज नहीं हो पाया है, उन्हें भी प्रक्रिया के तहत जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी साझा की। मतदाता सूची से जुड़े अभियान में राजनीतिक दलों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि उनके प्रतिनिधि भी अपने स्तर पर मतदाता सूची का निरीक्षण कर सकते हैं और आवश्यक मामलों को निर्वाचन अधिकारियों के संज्ञान में ला सकते हैं।

इसके परिणामस्वरूप मतदाता सूची में संभावित त्रुटियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सुनिश्चित करने और अपात्र या गलत प्रविष्टियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दुरुस्त करने की दिशा में भी काम किया जा सकता है।

मतदाताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह अभियान?

मतदाता सूची किसी भी चुनाव की बुनियादी आवश्यकता होती है। इसलिए नागरिकों के लिए यह जरूरी है कि वे समय-समय पर यह सुनिश्चित करें कि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। खासकर ऐसे लोग जिनका नाम पहले सूची में था और अब दिखाई नहीं दे रहा है, उन्हें इस अभियान के दौरान विशेष रूप से लाभ मिल सकता है।

इसी तरह पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए भी यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। यदि वे मतदान की पात्रता पूरी कर चुके हैं, तो उन्हें मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में SIR से पहले चलाया जाने वाला यह विशेष अभियान मतदाता सूची की समीक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पुरानी और नई मतदाता सूचियों के मिलान के बाद गायब नामों की पहचान और BLO द्वारा मौके पर सत्यापन से पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और अन्य छूटे हुए मतदाताओं को जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

You may have missed