मुरादाबाद के असालतपुरा में ‘बड़े हाते’ पर चला नगर निगम का बुलडोजर, वर्षों की गंदगी हटाई गई
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: शहर के असालतपुरा इलाके में लंबे समय से सफाई की समस्या से जूझ रहे ‘बड़े हाते’ में नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान चलाया। वर्षों से जमा कूड़े, मलबे और अन्य अपशिष्ट को हटाने के लिए नगर निगम की टीम भारी मशीनरी के साथ मौके पर पहुंची। जेसीबी और बुलडोजर की मदद से परिसर में जमा गंदगी को हटाया गया। कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत जताई और उम्मीद जाहिर की कि अब इस स्थान की स्थिति में स्थायी सुधार होगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से ‘बड़े हाते’ का बड़ा हिस्सा साफ-सफाई के अभाव में कचरे और मलबे से घिरा हुआ था। इसके चलते आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब नगर निगम की कार्रवाई के बाद परिसर के कई हिस्सों में बदलाव दिखाई देने लगा है।
2013 में स्लॉटर हाउस बंद होने के बाद बिगड़ी स्थिति
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2013 में इस परिसर में संचालित स्लॉटर हाउस बंद होने के बाद यहां की व्यवस्थाएं धीरे-धीरे प्रभावित होती चली गईं। समय के साथ परिसर में नियमित सफाई की कमी रही और अलग-अलग स्थानों पर कचरा तथा मलबा जमा होने लगा।
इसके अलावा, स्थानीय लोगों का कहना है कि खाली पड़े हिस्सों का इस्तेमाल कई लोग वाहनों की पार्किंग के लिए भी करने लगे थे। इससे परिसर में अव्यवस्था बढ़ती गई। हालांकि, पार्किंग के संबंध में नगर निगम की ओर से क्या व्यवस्था या अनुमति थी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
धीरे-धीरे स्थिति ऐसी बन गई कि ‘बड़े हाते’ का एक बड़ा हिस्सा कचरा जमा होने वाले स्थान के रूप में दिखाई देने लगा। आसपास के लोगों के लिए यह लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ था।
गंदगी के कारण स्थानीय लोगों को होती थी परेशानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, परिसर में जगह-जगह कूड़े के ढेर और मलबा जमा रहने से रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी होती थी। लोगों का कहना है कि गर्मी और बारिश के मौसम में गंदगी की समस्या और बढ़ जाती थी।
इसके साथ ही, कूड़ा जमा होने के कारण दुर्गंध और मच्छरों की समस्या भी बनी रहती थी। स्थानीय लोगों ने कई बार सफाई की मांग उठाई थी। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद लंबे समय तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
हालांकि, अब नगर निगम की टीम द्वारा व्यापक सफाई अभियान शुरू किए जाने से लोगों को उम्मीद है कि इलाके की स्थिति में सुधार आएगा।
भारी मशीनों के साथ पहुंची नगर निगम की टीम
मामले में नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए मौके पर सफाई टीम के साथ भारी मशीनरी भेजी। जेसीबी और बुलडोजर की मदद से परिसर में जमा कचरा और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।
सफाई अभियान के दौरान टीम ने परिसर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर वहां जमा सामग्री को हटाया। मशीनों की सहायता से लंबे समय से पड़े मलबे को एकत्र कर बाहर निकालने की प्रक्रिया की गई।
इस दौरान परिसर में मौजूद कचरे को हटाने के साथ-साथ उन स्थानों पर भी सफाई की गई, जहां लंबे समय से गंदगी जमा थी। इससे परिसर का काफी हिस्सा पहले की तुलना में साफ दिखाई देने लगा।
कार्रवाई के बाद लोगों ने जताई राहत
नगर निगम की कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत जताई। उनका कहना है कि लंबे समय से जिस समस्या को लेकर परेशानी बनी हुई थी, उस पर अब प्रशासन ने ध्यान दिया है।
लोगों की सबसे बड़ी मांग यह है कि सफाई अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित न रहे। इसके बजाय परिसर की नियमित निगरानी की जाए और समय-समय पर सफाई कराई जाए। इससे दोबारा कचरा जमा होने की स्थिति को रोका जा सकेगा।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि नगर निगम नियमित रूप से यहां सफाई व्यवस्था बनाए रखता है तो इस स्थान की तस्वीर काफी हद तक बदली जा सकती है।
दोबारा कूड़ा जमा न हो, इसके लिए निगरानी जरूरी
किसी भी सार्वजनिक या सामुदायिक परिसर में सफाई बनाए रखना केवल एक बार कचरा हटाने से संभव नहीं होता। इसके लिए नियमित निगरानी, कचरा निस्तारण की व्यवस्था और लोगों की भागीदारी भी जरूरी होती है।
‘बड़े हाते’ में हुई कार्रवाई के बाद अब यह महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम आगे यहां किस तरह की व्यवस्था करता है। यदि सफाई के बाद कूड़ा दोबारा जमा नहीं होने दिया जाता है तो स्थानीय लोगों को लंबे समय तक राहत मिल सकती है।
इसके अलावा, परिसर में अनधिकृत रूप से कचरा डालने या अन्य गतिविधियों को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था भी प्रभावी साबित हो सकती है।
कैमरे में कैद हुआ सफाई अभियान
नगर निगम की कार्रवाई के दौरान जेसीबी और अन्य मशीनों से कचरा तथा मलबा हटाए जाने के दृश्य भी सामने आए हैं। इन तस्वीरों और वीडियो में परिसर में जमा गंदगी को हटाते हुए नगर निगम की टीम दिखाई दे रही है।
सफाई अभियान के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि ‘बड़े हाते’ की स्थिति में अब लगातार सुधार होगा। वर्षों से सफाई की समस्या से जूझ रहे इस स्थान को व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन की ओर से आगे भी कदम उठाए जाने की जरूरत है।
फिलहाल नगर निगम की इस कार्रवाई से असालतपुरा के स्थानीय लोगों को तत्काल राहत मिली है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि सफाई के बाद परिसर की नियमित देखरेख किस तरह की जाती है और क्या यहां दोबारा कचरा जमा होने से रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाती है।

