बस्ती में अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में सपा का प्रदर्शन, सीईसी ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका

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रिपोर्ट – राकेश गिरि

बस्ती। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद बस्ती में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च निकाला था। पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया और कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया, जिनमें अखिलेश यादव भी शामिल थे।

अखिलेश यादव की हिरासत की सूचना बस्ती पहुंचते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में नाराजगी देखने को मिली। इसके बाद बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर जताया विरोध

प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले जिला कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। यहां कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की हिरासत को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विपक्षी नेताओं को अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।

धरने के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और सरकार से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। इसके साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव सहित हिरासत में लिए गए अन्य विपक्षी नेताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की।

दिल्ली में हुए प्रदर्शन को लेकर सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, INDIA गठबंधन के नेता विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के सामने अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की गई।

शास्त्री चौक पहुंचकर फूंका पुतला

कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के बाद सपा कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में शास्त्री चौक पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर अपना विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर नारे लगाए।

बस्ती में हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व सदर विधायक एवं समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष महेंद्र नाथ यादव ने किया। उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात जनता और प्रशासन तक पहुंचाती रहेगी।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि अखिलेश यादव देश के प्रमुख विपक्षी नेताओं में शामिल हैं और उनके साथ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी अपनी आपत्ति दर्ज करा रही है। हालांकि, दिल्ली में हुई कार्रवाई के संबंध में उपलब्ध रिपोर्टों में नेताओं को ‘हिरासत में लिए जाने’ की बात कही गई है। इसलिए इसे कानूनी रूप से अंतिम गिरफ्तारी के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय हिरासत कहना अधिक सटीक है।

महेंद्र नाथ यादव ने क्या कहा?

सपा जिलाध्यक्ष एवं सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर पारदर्शिता के साथ चर्चा होनी चाहिए।

वहीं, दिल्ली में हुए विपक्षी मार्च को लेकर विभिन्न रिपोर्टों में बताया गया है कि प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR प्रक्रिया को समाप्त करने और कथित रूप से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने जैसी मांगें उठा रहे थे। विपक्ष ने SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े विषयों पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

बस्ती में कार्यकर्ताओं ने दिखाई एकजुटता

बस्ती में हुए प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के प्रति समर्थन जताया। कलेक्ट्रेट से शास्त्री चौक तक निकाले गए जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मुद्दों पर नारेबाजी की। पुतला दहन के बाद कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को दोहराया।

समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अपनी बात रखने का अधिकार महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में बस्ती में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया।

दूसरी ओर, दिल्ली में मंगलवार को विपक्षी दलों के मार्च के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, अखिलेश यादव के अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेता भी हिरासत में लिए गए थे।

बस्ती में सपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी नेताओं ने संकेत दिया है कि अखिलेश यादव की हिरासत और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

फिलहाल, बस्ती में प्रदर्शन के दौरान किसी बड़े विवाद या अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई है। कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया और इसके बाद अपनी मांगों को दोहराया।

 

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