रश्मिरथी के मंचन से गूंजा वाईडी कॉलेज, कर्ण के शौर्य और स्वाभिमान ने बांधा समां

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रिपोर्ट – शरद अवस्थी

लखीमपुर खीरी। भारतीय संस्कृति, साहित्य और इतिहास की प्रेरणादायी गाथाओं को रंगमंच के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल के तहत रविवार को लखीमपुर खीरी के वाईडी कॉलेज सभागार में शानदार नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया। यहां राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कालजयी कृति ‘रश्मिरथी’ का मंचन किया गया। कर्ण के जीवन, संघर्ष, शौर्य, दानवीरता और आत्मसम्मान पर केंद्रित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।

भारतेन्दु नाट्य अकादमी,रश्मिरथी के मंचन से गूंजा वाईडी कॉलेज, कर्ण के शौर्य और स्वाभिमान ने बांधा समां

संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य और रंगमंच का प्रभावशाली संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा तथा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मार्गदर्शन में अखंड भारत के स्वातंत्र्य वीर नायकों पर आधारित नाट्य मंचन श्रृंखला के अंतर्गत इस प्रस्तुति का आयोजन किया गया।

मंच पर जीवंत हुई कर्ण की संघर्षगाथा

निर्देशक मानवेन्द्र कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में कलाकारों ने कर्ण के जीवन के विभिन्न पहलुओं को बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। मंच पर कर्ण के संघर्ष, आत्मसम्मान, मित्रता, कर्तव्य, दानशीलता और विपरीत परिस्थितियों के बीच अपने अस्तित्व की लड़ाई को जीवंत रूप दिया गया।

नाट्य प्रस्तुति के दौरान प्रभावशाली संवादों और कलाकारों के सशक्त अभिनय ने सभागार में मौजूद दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। इसके अलावा मंच सज्जा और प्रस्तुति की गति ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाया। कर्ण के व्यक्तित्व के अलग-अलग पक्ष सामने आने के साथ ही दर्शकों ने कई अवसरों पर तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

दरअसल, ‘रश्मिरथी’ में कर्ण का चरित्र केवल एक योद्धा के रूप में सामने नहीं आता, बल्कि वह संघर्ष, आत्मसम्मान और परिस्थितियों के सामने अपने व्यक्तित्व को बनाए रखने की प्रेरणा भी देता है। यही कारण रहा कि नाट्य प्रस्तुति के दौरान दर्शक कर्ण के जीवन प्रसंगों से लगातार जुड़े रहे।

दीप प्रज्ज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक योगेश वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता और जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय इतिहास और साहित्य में ऐसे अनेक प्रेरणादायी चरित्र मौजूद हैं, जिनसे नई पीढ़ी को संघर्ष, कर्तव्य, त्याग, राष्ट्रप्रेम और आत्मसम्मान की सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि रंगमंच इन प्रेरणादायी गाथाओं को समाज तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने साहित्य और संस्कृति से जुड़े ऐसे आयोजनों को युवाओं के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि भारतीय साहित्य में मौजूद महान चरित्रों और उनके जीवन मूल्यों को मंच पर प्रस्तुत करने से नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से बेहतर तरीके से जुड़ सकती है।

‘रश्मिरथी’ केवल कर्ण की कथा नहीं

भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने कहा कि ‘रश्मिरथी’ केवल कर्ण की कथा नहीं है, बल्कि यह विपरीत परिस्थितियों में अपने अस्तित्व और सम्मान के लिए संघर्ष करने वाले योद्धा की प्रेरणादायी गाथा है। कर्ण का जीवन यह संदेश देता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, व्यक्ति अपने आत्मसम्मान और कर्तव्य के प्रति दृढ़ रह सकता है।

वहीं विधायक योगेश वर्मा ने साहित्य को रंगमंच के माध्यम से जीवंत करने के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, इतिहास और साहित्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि साहित्य को केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय जब उसे रंगमंच के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है तो उसका प्रभाव व्यापक हो जाता है। विशेष रूप से युवाओं के बीच ऐसे कार्यक्रम भारतीय साहित्य और संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।

दर्शकों ने तालियों से बढ़ाया कलाकारों का उत्साह

नाट्य प्रस्तुति के दौरान कर्ण के जीवन के संघर्ष और उसके आत्मसम्मान को जिस तरह कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुत किया, उससे दर्शक प्रभावित हुए। संवादों और अभिनय के प्रभावी संयोजन ने पूरे सभागार का माहौल जीवंत बनाए रखा।

प्रस्तुति के दौरान कई प्रसंगों पर दर्शकों ने जोरदार तालियों के माध्यम से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के समापन तक सभागार में दर्शकों की रुचि बनी रही। इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भारतीय साहित्य की महान कृतियों को रंगमंच के माध्यम से प्रस्तुत करना संस्कृति और साहित्य को समाज से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हो सकता है।

ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में एडीएम (न्यायिक) ब्रजपाल सिंह, पीडी डीआरडीए सतीश कुमार पाण्डेय, वाईडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हेमंत पाल, डीडीओ गजेंद्र प्रताप सिंह, डीआईओएस विनोद कुमार मिश्र, डीसी जीरामजी अमित कुमार परिहार सहित भाजपा महामंत्री राजेश कुमार सिंह, अनुपम तथा बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।

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