विश्व शिक्षक दिवस पर कानपुर में शिक्षकों का हुआ महासम्मान, प्रो. एचएन मिश्रा उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार से हुए सम्मानित

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह 

कानपुर: विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर कानपुर में शिक्षकों के सम्मान में विशेष समारोह का आयोजन किया गया। द इंटरनेशनल सेंटर, कानपुर (सोसाइटी) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस दौरान शिक्षकों को “पूर्व कुलपति प्रो. एच. एन. मिश्रा उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार 2026” से अलंकृत किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने वाले शिक्षकों के योगदान को सम्मान देना और समाज में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना रहा। प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा, चिकित्सा, तकनीकी, प्रबंधन, कृषि और विधि शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े शिक्षकों को इस सम्मान समारोह में स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।

शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षकों का सम्मान

समारोह में शिक्षा के अलग-अलग आयामों में कार्य कर रहे शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनमें प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षक शामिल रहे। इसके अलावा अध्यापक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, प्रबंधन, कृषि और विधि के क्षेत्र में योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

आयोजकों के अनुसार, शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे उनके व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे शिक्षकों को एक मंच पर सम्मानित किया गया।

द इंटरनेशनल सेंटर के पदाधिकारियों का सहयोग

कार्यक्रम का आयोजन द इंटरनेशनल सेंटर, कानपुर (सोसाइटी) के तत्वावधान में किया गया। सोसायटी के चेयरमैन एडवोकेट सुष्मित मिश्रा और प्रबंध समिति की सदस्य पल्लवी मिश्रा के विशेष सहयोग से समारोह आयोजित हुआ।

आयोजकों ने कहा कि शिक्षकों के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों का उत्साह बढ़ता है। साथ ही, विद्यार्थियों और समाज में भी शिक्षक की भूमिका के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है।

कई विशिष्ट अतिथि रहे मौजूद

सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी कई गणमान्य हस्तियों ने विशिष्ट अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य गुणवंत सिंह कोठारी, ब्रह्मावर्त पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. वी. के. कटियार, पालीवाल डायग्नोस्टिक्स के निदेशक डॉ. उमेश पालीवाल प्रमुख रूप से शामिल रहे।

इसके अलावा श्री सनातन धर्म एजुकेशन सेंटर की डायरेक्टर शोभा दास, तिरंगा अगरबत्ती के निदेशक नरेंद्र शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी सेठ मुरालीलाल अग्रवाल, उद्यमी एवं समाजसेविका शेफाली राज और आईआईटी कानपुर की प्रोग्राम मैनेजर दीपिका अग्रवाल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।

इस दौरान अतिथियों ने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समाज के निर्माण में शिक्षा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं, शिक्षकों को सम्मानित करना उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम है।

वंदेमातरम् से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम्, सरस्वती पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों और शिक्षकों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक शैलेन्द्र द्विवेदी ने की।

वहीं, नमामि गंगे के प्रदेश संयोजक कृष्णकान्त दीक्षित ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए आयोजकों और संस्था से जुड़े सदस्यों ने समन्वय किया।

शिक्षकों के योगदान को बताया महत्वपूर्ण

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के सामाजिक और शैक्षणिक योगदान पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का आधार होती है और शिक्षक इस प्रक्रिया के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक हैं।

बदलते समय के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, जिम्मेदारी और सामाजिक मूल्यों का विकास करना भी शिक्षक की भूमिका का हिस्सा है।

इसीलिए ऐसे सम्मान समारोह शिक्षकों के कार्यों को पहचान देने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए प्रेरणा का काम करते हैं।

डॉ. संदीप कुमार श्रीवास ने किया समन्वय

कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. संदीप कुमार श्रीवास ने किया। वहीं, मंच का संचालन नीरज कुमार चौधरी ने प्रभावी ढंग से किया। कार्यक्रम के दौरान सम्मानित शिक्षकों और उपस्थित अतिथियों के बीच शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद का माहौल भी बना।

समारोह के अंत में श्रीमती सुमालिका प्रभात ने महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मनोज कुमार प्रजापति और पूरी संस्था परिवार की ओर से सभी अतिथियों, शिक्षकों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

राष्ट्रगान के साथ हुआ समारोह का समापन

सम्मान समारोह का विधिवत समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई।

कानपुर में आयोजित यह शिक्षक सम्मान समारोह शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर बना। “पूर्व कुलपति प्रो. एच. एन. मिश्रा उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार 2026” के माध्यम से विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ शिक्षकों के योगदान को पहचान देना भी समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

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