हाईवे किनारे खड़े वाहनों से डीजल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार
रिपोर्ट – पीतेश्वर कुमार
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में हाईवे किनारे खड़े ट्रकों और अन्य भारी वाहनों से डीजल चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का गम्भीरपुर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पिकअप वाहन, कूटरचित नंबर प्लेट, डीजल चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, करीब 50 लीटर डीजल, 14 खाली जरीकेन और 9,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने आजमगढ़ जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में डीजल चोरी की चार घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इनमें गम्भीरपुर, निजामाबाद, मुबारकपुर और कप्तानगंज थाना क्षेत्र की घटनाएं शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।
ट्रक से 150 लीटर डीजल चोरी के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक, दो अक्टूबर की रात ग्राम थनौली में प्रधान बिल्डिंग मैटेरियल के सामने हाईवे किनारे खड़े एक ट्रक को निशाना बनाया गया था। चोर ट्रक से करीब 150 लीटर डीजल निकालकर ले गए थे। घटना के बाद ट्रक मालिक अरविंद यादव ने गम्भीरपुर थाने में तहरीर दी। इसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
इसके बाद पुलिस ने हाईवे और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों, संदिग्ध वाहनों तथा अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी। इसी क्रम में पुलिस को गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
बरवां मोड़ के पास घेराबंदी कर चार आरोपी गिरफ्तार
सोमवार को गम्भीरपुर थाना पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान रोहुआ तिराहे के पास पुलिस को सूचना मिली कि हाईवे किनारे खड़े वाहनों से डीजल चोरी करने वाला गिरोह पिकअप वाहन में जरीकेन और चोरी करने के उपकरण लेकर बरवां मोड़ के पास मौजूद है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की और बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद पुलिस ने पिकअप वाहन में बैठे चार लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ और जांच के बाद उनकी पहचान शैलेन्द्र राजभर निवासी बाऊडीह, थाना मधुबन, मऊ, अक्षय कुमार निवासी बहोरनपुर, थाना मधुबन, मऊ, चन्द्रिका यादव निवासी रसूलपुर आश्रम, थाना दोहरीघाट, मऊ और संजय कुमार निवासी गोपालपुर, थाना गोला, गोरखपुर के रूप में हुई।
जांच में सामने आया नंबर प्लेट का खेल
पुलिस की जांच में पिकअप वाहन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। वाहन पर UP54AT7843 नंबर की प्लेट लगी थी। पुलिस ने जब ई-चालान ऐप के माध्यम से इस नंबर की जांच की तो यह नंबर एक ई-रिक्शा के नाम पर पंजीकृत मिला।
इसके बाद पुलिस ने पिकअप के चेसिस नंबर की जांच की। जांच में वाहन का वास्तविक पंजीकरण नंबर UP54AT7343 सामने आया। पुलिस के अनुसार यह वाहन गिरफ्तार आरोपी अक्षय कुमार के नाम पर पंजीकृत है। इस तरह वाहन पर अलग नंबर प्लेट लगाए जाने की बात सामने आई, जिसे पुलिस ने जांच का महत्वपूर्ण आधार माना है।
पिकअप से डीजल चोरी के उपकरण और जरीकेन बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस को पिकअप वाहन से प्लास्टिक की पाइप, हथौड़ी, छेनी, करीब 50 लीटर डीजल और 14 खाली जरीकेन मिले। इसके अलावा गिरफ्तार आरोपियों की तलाशी लेने पर 9,500 रुपये नकद बरामद किए गए।
पुलिस का कहना है कि बरामद सामान का इस्तेमाल हाईवे किनारे खड़े वाहनों से डीजल निकालने में किया जाता था। वहीं, चोरी के डीजल की बिक्री से प्राप्त रकम में से ही बरामद 9,500 रुपये होने की बात पूछताछ में सामने आई है।
चार अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चोरी की घटनाएं कबूली
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई घटनाओं के बारे में जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दो अक्टूबर को थनौली के पास खड़े ट्रक से करीब 150 लीटर डीजल चोरी करने की बात स्वीकार की।
इसके अलावा 29 सितंबर को निजामाबाद थाना क्षेत्र के नेवादा गांव के पास एक ट्रक से करीब 20 लीटर डीजल चोरी करने की बात भी सामने आई है। वहीं, दो अगस्त को मुबारकपुर थाना क्षेत्र के लोहरा सिक्स लेन के पास खड़े ट्रेलर से करीब 250 लीटर डीजल चोरी करने की जानकारी आरोपियों ने दी।
इसी दिन कप्तानगंज थाना क्षेत्र के तेरही गांव के पास हाईवे किनारे खड़े वाहन से करीब 360 लीटर डीजल चोरी करने की बात भी पुलिस पूछताछ में सामने आई है। इस प्रकार पुलिस को आरोपियों से पूछताछ के दौरान डीजल चोरी की कई घटनाओं के संबंध में अहम जानकारी मिली है।
कई आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से कई के खिलाफ पहले भी अलग-अलग मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न धाराओं से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।
फिलहाल गम्भीरपुर पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही, पुलिस गिरोह के नेटवर्क और चोरी के डीजल को खरीदने वाले संभावित लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस टीम की कार्रवाई
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह, अश्वनी मिश्रा और योगेश कुमार सरोज के अलावा कांस्टेबल शोएब, शिवराम सरोज, अजीत पटेल और मिथिलेश यादव शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हाईवे किनारे खड़े वाहनों से चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और संदिग्ध वाहनों की जांच आगे भी जारी रहेगी।
गौरतलब है कि हाईवे पर लंबे समय तक खड़े रहने वाले ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहन चोरों के निशाने पर रहते हैं। ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई से डीजल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के डीजल की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।

