बेलहरकला में वन विभाग की टीम पर हमले के मामले में दो गिरफ्तार, लकड़ी का मुगदर बरामद
रिपोर्ट – शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी
संतकबीरनगर। बेलहरकला थाना क्षेत्र में रिजर्व फॉरेस्ट की लकड़ी के कथित अवैध कटान की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम के साथ मारपीट और अभद्रता के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान वन विभाग की टीम के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी और एक कर्मचारी को गला दबाकर जान से मारने का प्रयास करने का आरोप है। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बताया जा रहा एक लकड़ी का मुगदर भी बरामद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में की गई। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी मेहदावल सर्व दवन सिंह तथा थानाध्यक्ष बेलहरकला सर्वेश कुमार के निकट पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने आरोपियों की गिरफ्तारी की।
रिजर्व फॉरेस्ट में अवैध कटान की सूचना पर पहुंची थी टीम
पुलिस के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 को वन विभाग मेहदावल रेंज बेलहरकला की टीम को ग्राम जंगल दशहर क्षेत्र में रिजर्व फॉरेस्ट की लकड़ी के कथित अवैध कटान की सूचना मिली थी। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसी दौरान वहां मौजूद आरोपियों और वन विभाग के कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
वन विभाग की ओर से थाना बेलहरकला में दी गई तहरीर के अनुसार, आरोपियों ने टीम के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान वादी गोविन्द त्रिपाठी को गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया गया। इसके अलावा बचाव के लिए पहुंचे अन्य वन विभाग के कर्मचारियों के साथ भी मारपीट किए जाने और उन्हें धमकी देने का आरोप लगाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की ओर से थाना बेलहरकला में तहरीर दी गई। इसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने घर से दोनों आरोपियों को पकड़ा
पुलिस ने बताया कि मामले में वांछित आरोपियों की तलाश के लिए टीम को सक्रिय किया गया था। जांच और तलाश के दौरान पुलिस ने सदरे आलम और मो. फारुख, दोनों पुत्र हकीमुल्लाह, निवासी जंगल दशहर, थाना बेलहरकला, जनपद संतकबीरनगर को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए सदरे आलम की उम्र करीब 40 वर्ष, जबकि मो. फारुख की उम्र करीब 33 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए रवाना किया गया।
निशानदेही पर लकड़ी का मुगदर बरामद
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर एक लकड़ी का मुगदर बरामद किए जाने की बात कही गई है। पुलिस ने इसे घटना में प्रयुक्त बताया है। बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना को आगे बढ़ाया है।
इस कार्रवाई में थाना बेलहरकला के वरिष्ठ उपनिरीक्षक वीरेन्द्र कन्नौजिया, हेड कांस्टेबल बृजेश पाण्डेय, कांस्टेबल मनीष चन्द यादव, कांस्टेबल संतोष चौहान, कांस्टेबल ओमप्रकाश चौरसिया और कांस्टेबल नीरज कुमार शामिल रहे।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
थाना बेलहरकला पुलिस के अनुसार, मामले में मुकदमा अपराध संख्या 294/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 352, 351(3), 109(1), 121(2), 132 तथा धारा 26 भारतीय वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस का कहना है कि वन विभाग की टीम पर हमले की घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। साथ ही, बरामदगी और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर विवेचना की जा रही है।
वन विभाग की टीम की सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल
रिजर्व फॉरेस्ट में अवैध कटान की शिकायतों की जांच के दौरान वन विभाग की टीमें क्षेत्र में निरीक्षण और कार्रवाई करती हैं। ऐसे में कर्मचारियों के साथ विवाद या हमले की घटनाएं विभागीय कार्रवाई के दौरान सुरक्षा से जुड़े सवाल भी खड़े करती हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस की जांच पूरी होने और न्यायालय में प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल बेलहरकला पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, घटना में इस्तेमाल बताए जा रहे लकड़ी के मुगदर की बरामदगी भी की गई है। मामले की आगे की जांच जारी है।

