कानपुर में वंडर मैकेनिक अजय कुमार का BS-6 ट्रेनिंग प्रोग्राम, 8 राज्यों के 900 से अधिक मैकेनिक जुटे

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रिपोर्ट—हनुमंत सिंह पिंटू

कानपुर नगर। ऑटोमोबाइल तकनीक में लगातार हो रहे बदलावों के बीच मैकेनिकों के लिए आधुनिक तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण की जरूरत भी बढ़ती जा रही है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कानपुर में एक विशेष BS-6 ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। अंध विद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के करीब आठ राज्यों से 900 से अधिक ऑटोमोबाइल मैकेनिक और गैरेज संचालक शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य संयोजन ऑटोमोबाइल क्षेत्र के विशेषज्ञ और ‘वंडर मैकेनिक’ के नाम से पहचान रखने वाले अजय कुमार सविता ने किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष रूप से बीएस-6 तकनीक, ईएफआई यानी इलेक्ट्रॉनिक फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम और सेंसर आधारित आधुनिक दोपहिया वाहनों की तकनीकी जानकारी पर जोर दिया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों को वाहनों में आने वाली विभिन्न तकनीकी समस्याओं की पहचान करने और उन्हें आधुनिक तरीकों से ठीक करने के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई।

बदलती ऑटोमोबाइल तकनीक पर प्रशिक्षण

बीएस-6 मानकों के लागू होने के बाद दोपहिया वाहनों की तकनीक में कई महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। पारंपरिक इंजन सिस्टम की तुलना में आधुनिक वाहनों में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, सेंसर, ईएफआई और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट जैसी तकनीकों की भूमिका बढ़ी है। ऐसे में मैकेनिकों के लिए इन प्रणालियों की सही समझ जरूरी हो गई है।

इसी जरूरत को देखते हुए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मैकेनिकों को बीएस-6 वाहनों की तकनीकी संरचना से परिचित कराया गया। इसके अलावा वाहन में किसी समस्या के सामने आने पर उसके कारणों की पहचान, सेंसर से संबंधित तकनीकी दिक्कतों को समझने और आवश्यक सुधार करने के तरीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम में शामिल मैकेनिकों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि आधुनिक दोपहिया वाहनों में तकनीकी बदलाव लगातार हो रहे हैं। ऐसे में समय-समय पर मिलने वाला व्यावहारिक प्रशिक्षण उनके काम को और बेहतर बनाने में मदद करता है।

‘वंडर मैकेनिक’ अजय कुमार की विशेष पहचान

इस कार्यक्रम के मुख्य संयोजक अजय कुमार सविता ऑटोमोबाइल क्षेत्र में ‘वंडर मैकेनिक’ के नाम से चर्चित हैं। उनकी खास पहचान उनके तकनीकी कौशल को लेकर है। बताया गया कि वे आंखों पर काली पट्टी बांधकर भी दोपहिया वाहन के इंजन को असेंबल करने का प्रदर्शन कर चुके हैं।

उनकी इसी विशेष क्षमता और ऑटोमोबाइल तकनीक की समझ ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रतिभागियों के बीच आकर्षण का केंद्र बनाया। हालांकि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसी प्रदर्शन तक सीमित न रहकर मैकेनिकों को आधुनिक तकनीक की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना था।

अजय कुमार सविता ने प्रशिक्षण के माध्यम से मैकेनिकों को नई तकनीक को समझने और अपने कार्यक्षेत्र में उसका सही इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों के साथ तकनीकी विषयों पर जानकारी साझा की।

आठ राज्यों से पहुंचे 900 से अधिक प्रतिभागी

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें लगभग आठ अलग-अलग राज्यों से 900 से अधिक मैकेनिक और गैरेज संचालक पहुंचे। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सत्रों में हिस्सा लिया और बीएस-6 वाहनों से जुड़ी तकनीकी जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देने के बजाय व्यावहारिक पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इसके तहत आधुनिक दोपहिया वाहनों में आने वाली तकनीकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के तरीकों पर चर्चा की गई।

इसके अलावा ईएफआई सिस्टम और सेंसर आधारित इंजन की कार्यप्रणाली से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया गया। इससे प्रतिभागियों को नए दौर के दोपहिया वाहनों की सर्विसिंग और तकनीकी जांच में उपयोगी जानकारी मिली।

आयोजन को सफल बनाने में टीम का योगदान

बड़े स्तर पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में आयोजक टीम के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महेन्दर पाल सिंह, राकेश बाइक और उनकी पूरी टीम ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग किया।

मंच संचालन, प्रतिभागियों के पंजीकरण, प्रशिक्षण सत्रों की व्यवस्था और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से जुड़े कार्यों को टीम के सदस्यों ने संभाला। इसके परिणामस्वरूप अलग-अलग राज्यों से आए प्रतिभागियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यवस्थित तरीके से शामिल किया गया।

कार्यक्रम के दौरान ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े विभिन्न तकनीकी विषयों पर जानकारी साझा की गई। साथ ही प्रतिभागियों को सवाल पूछने और अपनी कार्यक्षेत्र से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करने का अवसर भी मिला।

प्रशिक्षण के बाद वितरित किए गए प्रमाणपत्र

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर इसमें शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। प्रमाणपत्र मिलने के बाद मैकेनिकों ने आयोजन के प्रति संतोष व्यक्त किया और कहा कि बीएस-6 तकनीक से संबंधित जानकारी उनके रोजमर्रा के काम में उपयोगी साबित होगी।

प्रतिभागियों के अनुसार आधुनिक दोपहिया वाहनों में इलेक्ट्रॉनिक और सेंसर आधारित तकनीक बढ़ने के कारण मैकेनिकों के सामने नई चुनौतियां भी आई हैं। ऐसे में व्यावहारिक प्रशिक्षण उन्हें वाहनों की तकनीकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद कर सकता है।

कानपुर के अंध विद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा कि इसमें अलग-अलग राज्यों के मैकेनिकों को एक मंच पर आधुनिक ऑटोमोबाइल तकनीक सीखने और अनुभव साझा करने का अवसर मिला।

कुल मिलाकर, कानपुर BS-6 ट्रेनिंग प्रोग्राम में आधुनिक दोपहिया वाहनों की तकनीक, ईएफआई सिस्टम, सेंसर आधारित इंजन और तकनीकी समस्या समाधान जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। आठ राज्यों से आए 900 से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम के व्यापक स्वरूप को दर्शाया। वहीं, प्रमाणपत्र वितरण के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ।