आजमगढ़ में बकरी चोरी गिरोह के सदस्य से पुलिस की मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार

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रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़: सिधारी थाना क्षेत्र में रविवार को पुलिस और बकरी चोरी के मामले में वांछित बताए जा रहे एक आरोपी के बीच मुठभेड़ की घटना सामने आई है। पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान आसिफ पुत्र हसीब, निवासी अशरफपुर, थाना जीयनपुर, आजमगढ़ के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 30 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, कारतूस, घटना में इस्तेमाल किया गया दोपहिया वाहन और बकरी बेचने से प्राप्त 1,560 रुपये बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने सिधारी क्षेत्र की दो और जीयनपुर क्षेत्र की एक बकरी चोरी की घटनाओं में शामिल होने की जानकारी दी है।

चेकिंग के दौरान मिली बकरी चोरी की सूचना

पुलिस के अनुसार, रविवार को सिधारी थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान शाहगढ़ चौराहे पर पुलिस को सूचना मिली कि बकरी चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्य मोटरसाइकिल से समेंदा की तरफ से शाहगढ़ की ओर आ रहे हैं।

सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए समेंदा-पूरा ठकुराई मार्ग स्थित लोहारी मोड़ पुलिया के पास घेराबंदी की। पुलिस टीम संदिग्ध मोटरसाइकिल का इंतजार करने लगी। कुछ समय बाद पुलिस को एक मोटरसाइकिल आती हुई दिखाई दी।

पुलिस के अनुसार, रोकने पर हुई फायरिंग

पुलिस के मुताबिक, टीम ने मोटरसाइकिल सवारों को रुकने का इशारा किया। इसी दौरान चालक ने अचानक ब्रेक लगाया, जिससे मोटरसाइकिल गिर गई। पुलिस का दावा है कि इसके बाद चालक ने अपने साथी आसिफ से पुलिस टीम पर गोली चलाने के लिए कहा और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, पीछे बैठे आसिफ ने पुलिस टीम की ओर फायरिंग की। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। आरोप है कि चेतावनी के बावजूद उसने दोबारा फायर करने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी।

इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लिया और उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घटना के बाद मौके पर आवश्यक जांच और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई भी की गई।

तीन बकरी चोरी की घटनाओं का खुलासा

पुलिस के अनुसार, घायल आरोपी से पूछताछ के दौरान बकरी चोरी की तीन घटनाओं के संबंध में जानकारी मिली। पुलिस का कहना है कि आसिफ ने कलीम पुत्र इस्लाम निवासी शाहपुर, थाना जीयनपुर और अन्य साथियों के साथ मिलकर बकरी चोरी करने की बात स्वीकार की है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 29 सितंबर को सिधारी क्षेत्र के दौलतपुर से दो बकरियां, 20 सितंबर को समेंदा से एक बकरी और 16 सितंबर को जीयनपुर क्षेत्र के बैरियाडिह से तीन बकरियां चोरी करने की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि समेंदा से चोरी की गई बकरी को बेचने के बाद आरोपी के हिस्से में आए 1,560 रुपये भी उसके पास से बरामद किए गए हैं।

कलीम को मुख्य सदस्य बताए जाने का दावा

पूछताछ में आसिफ ने कलीम को गिरोह का मुख्य सदस्य बताया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य पहले बकरियों और उनके मालिकों की गतिविधियों पर नजर रखते थे। इसके बाद मौका देखकर बकरियों को चोरी किया जाता था।

पुलिस का कहना है कि चोरी की गई बकरियों को बेचने के बाद प्राप्त रकम को आपस में बांट लिया जाता था। आवागमन और रेकी के लिए दोपहिया वाहन तथा आवश्यकता के अनुसार ऑटो का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी भी पूछताछ में सामने आई है।

मुठभेड़ के दौरान कलीम मोटरसाइकिल छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश देने की कार्रवाई कर रही है।

गिरफ्तार आरोपी पर छह मुकदमे दर्ज

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आसिफ के खिलाफ पहले से कुल छह मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, बरामदगी, धोखाधड़ी, हथियार अधिनियम और हाल में दर्ज बकरी चोरी तथा पुलिस मुठभेड़ से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं।

वहीं, फरार बताए जा रहे कलीम के खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड में 38 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ चोरी, लूट, हत्या के प्रयास, पशु क्रूरता, गोवध निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं।

हथियार, कारतूस और नकदी बरामद

पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मौके से 315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और एक मिसफायर कारतूस बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा 1,560 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल किया गया दोपहिया वाहन भी बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, बरामद वाहन को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है। वहीं, घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। बरामदगी की कार्रवाई की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य एप के माध्यम से किए जाने की भी जानकारी पुलिस ने दी है।

पुलिस टीम ने की कार्रवाई

इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह के साथ उपनिरीक्षक रंजन कुमार साव, उपनिरीक्षक बालेन्द्र कुमार यादव, उपनिरीक्षक शिवम द्विवेदी और सिधारी थाने की पुलिस टीम शामिल रही।

फिलहाल, पुलिस फरार बताए जा रहे कलीम की तलाश में जुटी है। वहीं, गिरफ्तार आरोपी आसिफ का उपचार कराया जा रहा है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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