संतकबीर नगर के आकांक्षात्मक विकासखंडों की डीएम ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिए प्रगति के निर्देश
रिपोर्ट- शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी
संतकबीर नगर। जनपद के आकांक्षात्मक विकासखंडों में संचालित सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी अनुज मलिक की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कैम्प कार्यालय में हुई इस बैठक में विकासखंड पौली, सांथा और बघौली में निर्धारित पैरामीटर्स और रैंकिंग के आधार पर विभिन्न विभागों की योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आकांक्षात्मक विकासखंडों में सरकार की योजनाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू करना और उन क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करना रहा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति के संबंध में आंकड़ेवार जानकारी प्राप्त की और कम प्रगति वाले क्षेत्रों में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न पैरामीटर्स की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि संस्थागत प्रसव, बच्चों के पूर्ण टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण से संबंधित आंकड़ों की शत-प्रतिशत फीडिंग समय से सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा बच्चों में कुपोषण की स्थिति में सुधार लाने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पुष्टाहार का नियमित वितरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि केवल आंकड़ों में सुधार पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसलिए संबंधित अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र में जाकर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की निगरानी करें।
जल जीवन मिशन की प्रगति तेज करने के निर्देश
बैठक में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था और जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित हर घर नल से जल योजना की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों की गति बढ़ाई जाए और ग्रामीण परिवारों तक पेयजल सुविधा पहुंचाने के कार्य में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना आकांक्षात्मक विकासखंडों की प्राथमिक आवश्यकताओं में शामिल है। इसलिए पेयजल, सड़क, आधारभूत संरचना और अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
कमजोर पैरामीटर्स पर तत्काल सुधार के निर्देश
समीक्षा के दौरान जिन विभागों के पैरामीटर्स पर प्रगति अपेक्षाकृत कम अथवा असंतोषजनक पाई गई, जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आकांक्षात्मक विकासखंडों की प्रगति निर्धारित मानकों और रैंकिंग के आधार पर लगातार देखी जा रही है। ऐसे में सभी विभागों को अपने-अपने लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करनी होगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों की समीक्षा केवल कागजों तक सीमित न रहे। इसके लिए लक्ष्य के सापेक्ष वास्तविक प्रगति, कार्य की गुणवत्ता और योजनाओं के लाभार्थियों की स्थिति का भी आकलन किया जाए।
उन्होंने कहा कि जो विभाग निर्धारित पैरामीटर्स में पीछे हैं, वे अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाएं, ताकि जनपद की समग्र रैंकिंग में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
सेवा संकल्प अभियान के तहत कैंप लगाने के निर्देश
बैठक में सेवा संकल्प अभियान की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान के तहत कैंप आयोजित कर निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों, विभागीय अधिकारियों, एमओआईसी, पंचायत सचिवों और सीएम फेलो को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आकांक्षात्मक विकासखंडों के सभी पैरामीटर्स को संतृप्त करने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। इसके साथ ही विकासखंड स्तर पर योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की नियमित समीक्षा भी की जानी चाहिए।
कृषि, शिक्षा और रोजगार योजनाओं की भी हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य और पेयजल के साथ-साथ आईसीडीएस, स्वतः रोजगार, बेसिक शिक्षा, कृषि, बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सोशल डेवलपमेंट और पंचायती राज से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से उनके विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ योजनाओं की प्रगति से संबंधित आंकड़ों को भी समय से अपडेट किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आकांक्षात्मक विकासखंडों में विकास की गति बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर की समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश
जिलाधिकारी अनुज मलिक ने स्पष्ट किया कि आकांक्षात्मक विकासखंडों की प्रगति में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने को कहा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्य करना चाहिए और प्रगति की नियमित समीक्षा करनी चाहिए। इसके परिणामस्वरूप न केवल योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा, बल्कि जनपद की रैंकिंग में भी सुधार की संभावना बनेगी।
बैठक में परियोजना निदेशक विजयन्त सिंह, डीसी एनआरएलएम प्रवीण शुक्ला, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके तिवारी, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुजीत कुमार, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुबारक सहित खंड विकास अधिकारी, सीडीपीओ, एडीओ पंचायत, सीएम फेलो और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद अब संबंधित विभागों के सामने निर्धारित पैरामीटर्स पर प्रगति दर्ज कराने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी है।

