अमेठी में मांगों को लेकर लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का किया बहिष्कार
रिपोर्ट – अंजली मिश्रा
अमेठी। वेतन विसंगतियों के निराकरण, विभिन्न भत्तों में वृद्धि, पदोन्नति और अंतरमंडलीय स्थानांतरण समेत कई लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शनिवार को अमेठी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया। लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना देकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
संपूर्ण समाधान दिवस का किया बहिष्कार
शनिवार को अमेठी तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया था। इस दौरान आम नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर तहसील पहुंचे। वहीं, दूसरी ओर लेखपाल संघ के सदस्यों ने कार्यक्रम से दूरी बनाते हुए इसका बहिष्कार किया और तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए।
लेखपालों के धरने के कारण तहसील परिसर में उनकी मांगों को लेकर चर्चा होती रही। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लेखपालों से संबंधित कई महत्वपूर्ण सेवा मामलों का समाधान लंबे समय से लंबित है। ऐसे में कर्मचारियों के बीच असंतोष बना हुआ है। उनका कहना है कि मांगों को लेकर संबंधित स्तर पर लगातार अपनी बात रखी गई, लेकिन ठोस समाधान नहीं निकल सका।
इसी क्रम में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस के बहिष्कार का निर्णय लिया गया। संघ के अनुसार यह कदम उनके चरणबद्ध आंदोलन का हिस्सा है।
वेतन विसंगतियों के निराकरण की मांग
अमेठी तहसील लेखपाल संघ के मंत्री राजेश पाल ने बताया कि लेखपाल संवर्ग की कई प्रमुख मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग वेतन विसंगतियों के निराकरण से जुड़ी है। लेखपालों का कहना है कि वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर किए जाने से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो सकेगा।
इसके अलावा संघ की ओर से भत्तों में वृद्धि की मांग भी उठाई जा रही है। लेखपालों का कहना है कि उनकी सेवा परिस्थितियों और कार्यभार को देखते हुए विभिन्न भत्तों में आवश्यक वृद्धि की जानी चाहिए। वहीं, सेवा संबंधी अन्य लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की भी मांग की गई है।
अंतरमंडलीय स्थानांतरण और पदोन्नति भी प्रमुख मांग
लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में अंतरमंडलीय स्थानांतरण भी शामिल है। संघ का कहना है कि इस संबंध में लंबे समय से कर्मचारियों की ओर से मांग की जा रही है। इसके साथ ही पदोन्नति से जुड़े मामलों का निस्तारण करने की मांग भी उठाई गई है।
राजेश पाल के अनुसार रिक्त पदों पर पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिए जाने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि पदोन्नति की प्रक्रिया से जुड़े मामलों में समयबद्ध कार्रवाई होने से कर्मचारियों को सेवा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही लेखपालों की अन्य सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान की भी मांग की गई है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनकर उनका उचित निस्तारण किया जाना चाहिए।
दोपहर दो बजे तक रहा बहिष्कार
लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के अनुसार शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार दोपहर दो बजे तक किया गया। इसके बाद लेखपाल अपने नियमित कार्यों पर लौट आएंगे। हालांकि, संघ ने स्पष्ट किया कि बहिष्कार समाप्त होने का अर्थ यह नहीं है कि उनकी मांगों को लेकर आंदोलन समाप्त हो गया है।
संघ के मुताबिक मांगों के समाधान तक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। लेखपालों ने उम्मीद जताई कि संबंधित स्तर पर उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
लंबित मांगों के समाधान की मांग
लेखपालों का कहना है कि राजस्व विभाग के कार्यों में लेखपालों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में कर्मचारियों से जुड़ी सेवा संबंधी समस्याओं का समय पर समाधान किया जाना जरूरी है। संघ ने वेतन विसंगतियों, भत्तों, स्थानांतरण, पदोन्नति और रिक्त पदों से जुड़े मामलों में जल्द निर्णय की मांग की है।
धरने के दौरान लेखपाल संघ के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। उन्होंने कहा कि संगठन अपने सदस्यों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा। साथ ही, यदि लंबित मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन के अगले चरण के संबंध में संगठन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल शनिवार को दोपहर दो बजे तक संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करने के बाद लेखपालों के नियमित कार्यों पर लौटने की बात कही गई है। हालांकि, लंबित मांगों के समाधान को लेकर उनका चरणबद्ध आंदोलन जारी रहने की जानकारी संघ की ओर से दी गई है।
मुख्य बिंदु
- अमेठी तहसील में लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया।
- लेखपाल तहसील परिसर में धरने पर बैठे।
- वेतन विसंगतियों के निराकरण की प्रमुख मांग उठाई गई।
- भत्तों में वृद्धि और अंतरमंडलीय स्थानांतरण की मांग की गई।
- रिक्त पदों पर पदोन्नति और अन्य सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग।
- संघ के अनुसार दोपहर दो बजे के बाद लेखपाल नियमित कार्यों पर लौटेंगे।
- मांगों के समाधान तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने की बात कही गई

