बिजनौर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान: एक दिन में 66 लाख से अधिक रोपे पौधे, जनभागीदारी से मिला नया संदेश

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रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा 

बिजनौर: पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को मजबूत करने के उद्देश्य से जनपद बिजनौर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री के आह्वान पर संचालित इस विशेष अभियान में जिले के विभिन्न सरकारी विभागों, पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान के दौरान प्रशासन के अनुसार एक ही दिन में 66 लाख से अधिक पौधे लगाए गए, जो जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और हरित जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करने का भी माध्यम बना। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की गई।

महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज से हुआ अभियान का शुभारंभ

अभियान का मुख्य कार्यक्रम महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित किया गया। यहां उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकताओं में से एक है और प्रत्येक नागरिक को इसमें सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

डीएम जसजीत कौर ने दी अभियान की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि जनपद बिजनौर में अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर 66 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और नियमित देखभाल को भी सुनिश्चित करना है।

डीएम ने कहा कि यदि लगाए गए पौधों की सही तरीके से देखभाल की जाए, तो आने वाले वर्षों में जिले का हरित क्षेत्र काफी बढ़ेगा और पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिलेगी।

पुलिस विभाग ने भी निभाई सक्रिय भूमिका

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में पुलिस विभाग ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर पौधे लगाए तथा सभी से प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यदि समाज का हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा मिल सकती है।

थाना स्तर पर भी चला अभियान

जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने थाना परिसरों, पुलिस आवासों और सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाए।

धामपुर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) अंजनी कुमार ने अपनी टीम के साथ पौधारोपण करते हुए सभी पुलिसकर्मियों और स्थानीय नागरिकों से धरती को हरा-भरा और सुंदर बनाने में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव का आधार बनते हैं।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उद्देश्य

इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक और भावनात्मक भावना से जोड़ना है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रत्येक नागरिक इस संकल्प को अपनाए, तो हरित क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी सहायता मिलेगी।

वृक्षारोपण क्यों है आवश्यक?

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ते प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और बदलते जलवायु चक्र के कारण वृक्षारोपण का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। पेड़ वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने, कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने, तापमान नियंत्रित रखने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसके अतिरिक्त वृक्ष भूजल संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकने और वर्षा चक्र को संतुलित बनाए रखने में भी सहायक होते हैं।

जनभागीदारी से अभियान को मिली मजबूती

अभियान की सबसे बड़ी विशेषता जनभागीदारी रही। विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिसकर्मी, विद्यार्थी, सामाजिक संगठन और आम नागरिक एक साथ इस अभियान से जुड़े।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियान तभी सफल होते हैं, जब उनमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी हो। बिजनौर में आयोजित यह अभियान इसी दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।

पौधों की देखभाल पर भी रहेगा जोर

अधिकारियों ने कहा कि पौधारोपण के बाद उनकी नियमित सिंचाई, सुरक्षा और रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि लगाए गए पौधों का अधिकतम संरक्षण हो सके।

उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने आसपास लगाए गए पौधों की देखभाल में सहयोग करें और पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।

बिजनौर में आयोजित ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। प्रशासन के अनुसार एक ही दिन में 66 लाख से अधिक पौधे लगाए गए, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।

यदि लगाए गए पौधों का संरक्षण और नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाता है, तो यह अभियान न केवल जिले को अधिक हरित बनाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में स्थायी जागरूकता भी विकसित करेगा। यही इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य और संदेश है।

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