वरिष्ठ पत्रकार रामेश्वर गुप्ता के निधन से बांदा के पत्रकारिता जगत में शोक, मीडिया कर्मियों ने दी श्रद्धांजलि

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बांदा। वरिष्ठ पत्रकार, दैनिक समाचार पत्र नव कर्म युग प्रकाशन के प्रधान संपादक एवं प्रेस क्लब के संस्थापक रामेश्वर गुप्ता के निधन से बांदा के पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। उनके निधन पर जिले के पत्रकारों, संपादकों और मीडिया कर्मियों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इसे पत्रकारिता क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति बताया। पत्रकारों ने उनके लंबे पत्रकारिता जीवन, सामाजिक सरोकारों और पत्रकार हितों के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

रामेश्वर गुप्ता को श्रद्धांजलि देने के लिए बांदा स्थित दैनिक समाचार पत्र अयोध्या टाइम्स के कार्यालय में शोकसभा आयोजित की गई। इसमें विभिन्न समाचार माध्यमों से जुड़े पत्रकार, संपादक और मीडिया कर्मी शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने कुछ क्षण मौन धारण कर दिवंगत पत्रकार को श्रद्धांजलि दी। साथ ही, उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।

लंबे पत्रकारिता जीवन और योगदान को किया याद

शोकसभा के दौरान पत्रकारों ने रामेश्वर गुप्ता के लंबे पत्रकारिता जीवन को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और प्रकाशन के क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहते हुए पत्रकारिता को अपनी सेवाएं दीं। इसके साथ ही पत्रकारों से जुड़े विषयों और उनकी समस्याओं को सामने लाने में भी उनकी भूमिका रही।

साथी पत्रकारों के अनुसार, रामेश्वर गुप्ता ने पत्रकारिता को केवल समाचार प्रकाशित करने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज और पत्रकार समुदाय से जुड़े विषयों को भी महत्व दिया। यही कारण है कि उनके निधन की सूचना के बाद पत्रकार समुदाय में शोक का माहौल है।

प्रेस क्लब की स्थापना में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

रामेश्वर गुप्ता को प्रेस क्लब के संस्थापक के रूप में भी याद किया गया। शोकसभा में मौजूद पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारों को एक मंच पर लाने और उनके बीच संवाद तथा सहयोग की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे।

इसके अलावा, पत्रकारों के हितों और उनकी समस्याओं को संगठित तरीके से सामने रखने में भी उन्होंने भूमिका निभाई। साथी पत्रकारों का कहना था कि प्रेस क्लब से जुड़े उनके प्रयासों और पत्रकार समुदाय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

सहज और मिलनसार व्यक्तित्व की साझा कीं यादें

शोकसभा में रामेश्वर गुप्ता के व्यक्तित्व को याद करते हुए पत्रकारों ने उन्हें सहज, सरल और मिलनसार बताया। उनके साथ काम कर चुके मीडिया कर्मियों ने कहा कि वह वरिष्ठ होने के बावजूद सहयोगियों और युवा पत्रकारों के साथ सहजता से संवाद करते थे।

पत्रकारों के मुताबिक, पत्रकारिता के लंबे अनुभव के कारण कई साथी उनसे समय-समय पर मार्गदर्शन लेते थे। समाचारों से जुड़े विषय हों या पत्रकारों के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियां, वह अपने अनुभव के आधार पर सहयोग और सुझाव देते थे।

इसी वजह से कई पत्रकारों ने उनके निधन को व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तरों पर बड़ी क्षति बताया। शोकसभा में उनके साथ बिताए गए समय और पत्रकारिता से जुड़े अनुभवों को भी याद किया गया।

पत्रकारिता जगत ने अनुभवी साथी को खोया

मीडिया कर्मियों ने कहा कि रामेश्वर गुप्ता के निधन से बांदा के पत्रकारिता जगत ने एक अनुभवी और समर्पित साथी खो दिया है। उन्होंने लंबे समय तक पत्रकारिता से जुड़े रहते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। समाचार पत्र के प्रधान संपादक के रूप में उन्होंने पत्रकारिता की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, वहीं पत्रकारों को संगठित करने के प्रयासों से भी जुड़े रहे।

पत्रकारों ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले व्यक्ति का अनुभव आने वाली पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण होता है। रामेश्वर गुप्ता का पत्रकारिता अनुभव भी नए और युवा पत्रकारों के लिए मार्गदर्शन का माध्यम रहा।

पत्रकारों और संपादकों ने जताई शोक संवेदना

शोकसभा के दौरान उपस्थित पत्रकारों और संपादकों ने दिवंगत रामेश्वर गुप्ता के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल मिलने की कामना की।

वहीं, पत्रकार समाज की ओर से कहा गया कि रामेश्वर गुप्ता ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा पत्रकारिता को समर्पित किया। पत्रकारिता और पत्रकारों से जुड़े उनके कार्यों तथा योगदान को सम्मान के साथ याद किया जाएगा।

पत्रकारिता में योगदान को किया जाएगा याद

रामेश्वर गुप्ता के निधन के बाद आयोजित शोकसभा में यह भावना प्रमुख रूप से सामने आई कि उनके द्वारा पत्रकारिता के क्षेत्र में किए गए कार्य और पत्रकारों को एकजुट करने के प्रयास उनकी स्मृतियों को जीवित रखेंगे।

बांदा के पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारिता में सक्रिय रहते हुए उन्होंने जो अनुभव और संबंध बनाए, वे उनकी लंबी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। वरिष्ठ पत्रकार के रूप में उनका योगदान उनके सहयोगियों और परिचितों के बीच स्मरण किया जाता रहेगा।

शोकसभा के अंत में सभी पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों ने एक बार फिर रामेश्वर गुप्ता को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पत्रकार समुदाय उनके परिजनों के साथ है।

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