सीएम योगी का बड़ा बयान- पहले स्कॉलरशिप में होता था हेरफेर, अब सीधे खाते में पहुंच रही रकम
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में स्कॉलरशिप व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि पहले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की पूरी रकम नहीं मिलती थी और इसके लिए छात्रों को लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था में छात्रवृत्ति की राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आसान बनाया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार की नीयत साफ हो तो योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने शिक्षा, छात्रवृत्ति और बेटियों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार की नीतियों का उल्लेख किया। छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के संबंध में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जा रही है।
पहले छात्रवृत्ति के लिए चक्कर लगाने पड़ते थे: सीएम योगी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली व्यवस्थाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले छात्रों को छात्रवृत्ति पाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि छात्र अपनी छात्रवृत्ति के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाते रहते थे और कई मामलों में उन्हें पूरी रकम भी नहीं मिलती थी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले छात्रवृत्ति वितरण में हेरफेर होता था। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भेजी जाने वाली राशि और विद्यार्थियों तक पहुंचने वाली रकम के बीच व्यवस्था में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती थीं। हालांकि, ऐसे आरोपों को मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अब तकनीक और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी DBT के माध्यम से व्यवस्था को बदला गया है। इससे पात्र विद्यार्थियों के बैंक खाते में राशि सीधे भेजने की व्यवस्था की गई है।
सीधे बैंक खाते में पहुंच रही छात्रवृत्ति की रकम
उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से जोड़ने पर जोर दिया है। 2026-27 के लिए जारी समय-सारिणी के अनुसार आवेदन, सत्यापन और स्क्रूटनी के बाद पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि PFMS के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजी जानी है।
इसके अलावा, छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम की ताजा जानकारी के अनुसार कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को दी जाने वाली राशि आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जा रही है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र विद्यार्थी को योजना का लाभ सीधे मिले। साथ ही, ऑनलाइन सत्यापन और बैंक खाते में सीधे भुगतान की प्रक्रिया से भुगतान का रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप से उपलब्ध रहता है।
सीएम बोले- सरकार की नीयत साफ हो तो सुविधा मिलेगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी सरकारी योजना का लाभ तभी प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंच सकता है, जब व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही हो। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ होनी चाहिए, तभी जनता को सुविधाओं का वास्तविक लाभ मिल सकता है।
छात्रवृत्ति के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में विद्यार्थियों को पहले की तरह कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है। अब आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया ऑनलाइन होने के साथ भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार की 2026-27 की छात्रवृत्ति व्यवस्था में आवेदन से लेकर सत्यापन और भुगतान तक अलग-अलग चरणों के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इससे प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने का प्रयास किया गया है।
2017 से पहले स्कूलों की स्थिति पर भी बोले योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले स्कूल वीरान पड़े हुए थे। उनके मुताबिक, मौजूदा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई स्तरों पर काम किया है।
सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल तकनीक, बुनियादी सुविधाओं, छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं पर जोर देने की बात कही जाती रही है। हाल की सरकारी जानकारी में प्रदेश के 1,565 पीएम श्री स्कूलों में विद्यालय, अभिभावक और ग्राम समुदाय के साथ मिलकर शिक्षा का वातावरण बेहतर करने की पहल का उल्लेख भी किया गया है।
हालांकि, 2017 से पहले की शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा की गई टिप्पणी उनके राजनीतिक संबोधन का हिस्सा है। इस पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी राय हो सकती है।
बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बेटियों को सुरक्षित वातावरण के साथ शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है।
प्रदेश में छात्राओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं में छात्रवृत्ति के अलावा शिक्षा, आवासीय विद्यालय और सुरक्षा से संबंधित कार्यक्रम भी शामिल हैं। हालिया सरकारी जानकारी के मुताबिक, अटल आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक निशुल्क आवासीय शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है।
इस प्रकार सरकार की ओर से शिक्षा को केवल स्कूल तक सीमित न रखते हुए छात्रवृत्ति, आवासीय शिक्षा और अन्य सहायता योजनाओं से जोड़ने की बात कही जा रही है।
छात्रवृत्ति व्यवस्था में डिजिटल प्रक्रिया
मौजूदा व्यवस्था में छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन, संस्थान स्तर पर सत्यापन, जिला स्तर पर जांच और इसके बाद भुगतान की प्रक्रिया निर्धारित है। 2026-27 की समय-सारिणी के अनुसार नवीनीकरण वाले विद्यार्थियों के लिए आवेदन और सत्यापन के बाद अक्टूबर तक भुगतान का लक्ष्य रखा गया है, जबकि नए विद्यार्थियों के लिए भुगतान की प्रक्रिया आगे निर्धारित की गई है।
इसके अलावा, जिन विद्यार्थियों को तकनीकी या प्रक्रियागत कारणों से पिछले वर्ष छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी थी, उनके लिए पोर्टल दोबारा खोलने की जानकारी भी सामने आई थी।
इससे स्पष्ट है कि छात्रवृत्ति वितरण में डिजिटल माध्यम और सीधे बैंक खाते में भुगतान को महत्वपूर्ण भूमिका दी जा रही है।
छात्रों के लिए क्या है महत्वपूर्ण?
छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने वाले विद्यार्थियों के लिए आवेदन के दौरान सही जानकारी देना, बैंक खाता आधार से लिंक रखना और निर्धारित समय में सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराना महत्वपूर्ण है। किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर आवेदन के सत्यापन और भुगतान में देरी हो सकती है।
वहीं, सरकार की ओर से डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि पात्र विद्यार्थियों तक आर्थिक सहायता सीधे पहुंचाई जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने संबोधन में इसी व्यवस्था को पारदर्शिता से जोड़ते हुए पूर्व की व्यवस्था पर सवाल उठाए।
कुल मिलाकर, लखनऊ में छात्रवृत्ति कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रवृत्ति वितरण की मौजूदा व्यवस्था को लेकर सरकार का पक्ष रखा और पिछली व्यवस्था पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अब छात्रवृत्ति की रकम सीधे विद्यार्थियों के खातों में पहुंच रही है। दूसरी ओर, सरकार की मौजूदा व्यवस्था में ऑनलाइन प्रक्रिया, सत्यापन और PFMS के जरिए सीधे भुगतान की व्यवस्था लागू है।

