इटावा में पंचायत सचिव पर रिश्वत मांगने और आवास सूची से नाम काटने का आरोप, डीएम से शिकायत
रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान
इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सरकारी आवास योजना से जुड़ा मामला सामने आया है। बसरेहर ब्लॉक क्षेत्र के सराय मलुपुरा गांव की दर्जनों ग्रामीण महिलाओं ने पंचायत सचिव के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत करने के लिए कचहरी पहुंचकर अपनी समस्या रखी। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव की ओर से कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई और रकम नहीं देने पर कुछ ग्रामीणों के नाम आवास सूची से काट दिए गए।
ग्रामीण महिलाओं ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है। शिकायत लेकर पहुंची महिलाओं का कहना है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं और सरकारी आवास योजना के तहत लाभ मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, उनके अनुसार सूची में नाम होने के बावजूद आगे की प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पंचायत सचिव पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, सराय मलुपुरा गांव में आवास योजना से संबंधित प्रक्रिया के दौरान पंचायत सचिव आरती से संपर्क किया गया था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कथित तौर पर उनसे रिश्वत की मांग की गई। आरोप है कि जिन ग्रामीणों ने रकम देने से इनकार किया, उनके नाम आवास सूची से हटा दिए गए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पंचायत सचिव की ओर से इस संबंध में क्या पक्ष है, इसकी जानकारी शिकायत के निस्तारण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में पूरे मामले में प्रशासनिक जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दर्जनों महिलाएं कचहरी पहुंचीं
शिकायत लेकर कचहरी पहुंची ग्रामीण महिलाओं ने जिलाधिकारी को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। महिलाओं का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची से हटाया गया है तो इसकी जांच की जानी चाहिए।
ग्रामीणों के मुताबिक, कई परिवार ऐसे हैं जिनके पास रहने के लिए पर्याप्त पक्का मकान नहीं है। ऐसे परिवार सरकारी आवास योजना से मिलने वाली सहायता पर निर्भर हैं। इसलिए सूची से नाम हटने की स्थिति में उनके सामने आवास को लेकर समस्या खड़ी हो सकती है।
महिलाओं ने जिलाधिकारी से मांग की कि गांव में आवास सूची की दोबारा जांच कराई जाए और पात्र परिवारों का सत्यापन कराया जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बसरेहर ब्लॉक के सराय मलुपुरा गांव का मामला
यह पूरा मामला इटावा के बसरेहर ब्लॉक के सराय मलुपुरा गांव से जुड़ा बताया गया है। ग्रामीणों के जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी आवास योजना में पात्रता और सूची से जुड़े नियमों के अनुसार लाभार्थियों का चयन होना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग द्वारा पात्रता का सत्यापन किया जाता है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति का नाम हटाए जाने या जोड़े जाने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार होनी चाहिए।
इसी आधार पर शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो प्रशासन की जांच के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
आवास योजना को लेकर क्या है ग्रामीणों की मांग?
ग्रामीण महिलाओं की मुख्य मांग है कि गांव में आवास योजना की सूची की निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जाए। उनका कहना है कि वास्तविक पात्र परिवारों को सरकारी योजना का लाभ मिलना चाहिए।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने कथित रिश्वत मांगने के आरोप की भी जांच कराने की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि किसी स्तर पर लाभ दिलाने के बदले पैसे मांगे जाते हैं तो इसकी जांच जरूरी है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से यह भी अनुरोध किया कि संबंधित अधिकारियों को गांव भेजकर पात्र परिवारों का सत्यापन कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
प्रशासनिक जांच से स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
मामले में ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर जांच की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आवास सूची से नाम हटाने की वास्तविक वजह क्या थी और रिश्वत मांगने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
किसी भी सरकारी योजना की लाभार्थी सूची में नाम शामिल करने या हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया होती है। इसलिए जांच के दौरान संबंधित दस्तावेज, पात्रता, आवास की स्थिति और सूची में नाम से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है।
वहीं, शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। संबंधित पंचायत सचिव का पक्ष और प्रशासन की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की
जिलाधिकारी से शिकायत करने पहुंची महिलाओं ने कहा कि उनकी समस्या का समाधान कराया जाए और पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ दिलाया जाए। साथ ही उन्होंने कथित रूप से नाम काटे जाने के मामले की जांच कराने की मांग की।
फिलहाल, इटावा के बसरेहर ब्लॉक स्थित सराय मलुपुरा गांव का यह मामला प्रशासन के सामने पहुंच चुका है। अब शिकायत की जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के बाद पात्र परिवारों को सरकारी योजना का लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

