बदायूं के लभारी गांव में नींव की पैमाइश को लेकर विवाद, झोपड़ी में आग की वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
रिपोर्ट – विपिन यादव
बदायूं: कादरचौक थाना क्षेत्र के लभारी गांव में नींव की पैमाइश को लेकर शुरू हुआ विवाद अब चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले में झोपड़ी में आग लगने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित परिवार ने विपक्षी पक्ष पर झोपड़ी में आग लगाने और उसमें रखा सामान जलाने का आरोप लगाया है। वहीं, मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है और प्रशासन की ओर से सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में इसी परिवार के कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, दोनों पक्षों की शिकायत और मुकदमे से जुड़े तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। मामला सामने आने के बाद गांव में भी इसे लेकर चर्चा बनी हुई है।
नींव की पैमाइश को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, कादरचौक थाना क्षेत्र के लभारी गांव में नींव की पैमाइश को लेकर विवाद की शुरुआत हुई। बताया जा रहा है कि जमीन से जुड़े मामले में पैमाइश की कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आए।
इसी दौरान स्थिति को लेकर विवाद बढ़ने की बात सामने आई। मामले में एक झोपड़ी में आग लगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि विपक्षी पक्ष के लोगों ने झोपड़ी में आग लगा दी। परिवार के अनुसार, आग की वजह से झोपड़ी में रखा सामान भी प्रभावित हुआ। घटना के बाद परिवार की महिलाओं ने मौके का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
हालांकि, वायरल वीडियो से घटना की पूरी पृष्ठभूमि और आग लगने की वास्तविक वजह स्वत: स्पष्ट नहीं होती। ऐसे में मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह सामने आ सकेगी।
पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के संबंध में पीड़ित परिवार ने विपक्षी पक्ष पर झोपड़ी में आग लगाने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि विवाद नींव की पैमाइश को लेकर शुरू हुआ था और बाद में मामला झोपड़ी में आग लगने तक पहुंच गया।
परिवार की महिलाओं द्वारा बनाए गए वीडियो में झोपड़ी से जुड़ा घटनाक्रम दिखाई देने की बात कही जा रही है। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर भी मामले को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई।
पीड़ित परिवार ने पैमाइश की कार्रवाई से जुड़े लेखपाल पर भी आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों की जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पैमाइश की प्रक्रिया के दौरान क्या स्थिति थी और किस स्तर पर विवाद हुआ।
दूसरा पक्ष भी आया सामने
वहीं, इस मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। प्रशासन की ओर से सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पीड़ित परिवार के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इस कार्रवाई के बाद मामला केवल झोपड़ी में आग लगने के आरोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी पैमाइश की प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से बाधा उत्पन्न किए जाने का पहलू भी जांच का हिस्सा बन गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई के मुताबिक, सरकारी कार्य के दौरान उत्पन्न हुई स्थिति को लेकर संबंधित परिवार के लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। अब पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े तथ्यों और आरोपों की जांच कर रही है।
वायरल वीडियो की भी होगी जांच
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस वीडियो की जांच के साथ यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि इसे कब और किस परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया था।
वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधियों के आधार पर पूरे मामले का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। पुलिस अन्य साक्ष्यों और मौके की परिस्थितियों के साथ वीडियो की पड़ताल करेगी। इसके बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
लेखपाल पर लगाए गए आरोप भी जांच के दायरे में
पीड़ित परिवार की ओर से पैमाइश करने वाले लेखपाल पर भी आरोप लगाए गए हैं। परिवार ने कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति जताई है। हालांकि, लेखपाल के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है।
जमीन या निर्माण से जुड़े विवादों में पैमाइश की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। इसलिए इस मामले में प्रशासनिक रिकॉर्ड, पैमाइश से संबंधित दस्तावेज और मौके पर मौजूद लोगों की जानकारी के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
पुलिस जांच के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी मामले से जुड़े तथ्यों की समीक्षा किए जाने की संभावना है।
पुलिस ने शुरू की जांच
कादरचौक थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों, वायरल वीडियो और दर्ज मुकदमे से जुड़े तथ्यों को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
जांच के दौरान यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा कि नींव की पैमाइश को लेकर विवाद किस वजह से शुरू हुआ, मौके पर क्या हुआ और झोपड़ी में आग किस परिस्थिति में लगी। साथ ही सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोपों की भी जांच की जाएगी।
किसी भी पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। वहीं, मुकदमा दर्ज होना अपने आप में आरोपों का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता। मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।
गांव में मामले को लेकर चर्चा
लभारी गांव में हुई इस घटना के बाद मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। एक तरफ पीड़ित परिवार झोपड़ी में आग लगाए जाने का आरोप लगा रहा है, जबकि दूसरी ओर सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में उसी परिवार के लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस तरह मामले में दोनों पक्षों के दावे सामने आने के बाद पुलिस जांच की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
कुल मिलाकर, बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के लभारी गांव में नींव की पैमाइश से शुरू हुआ विवाद अब झोपड़ी में आग लगने के वायरल वीडियो और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मुकदमे तक पहुंच गया है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य स्पष्ट हो पाएंगे।

