कानपुर में ARTO प्रशासन आलोक कुमार सिंह ने फिर संभाला कार्यभार, हाई कोर्ट ने निलंबन पर लगाई रोक
रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा
कानपुर: कानपुर के संभागीय परिवहन कार्यालय (RTO) से जुड़े निलंबन प्रकरण में एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह को इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद उन्होंने दोबारा अपना कार्यभार संभाल लिया है। हाई कोर्ट की ओर से निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद आलोक कुमार सिंह कानपुर आरटीओ कार्यालय पहुंचे और एआरटीओ प्रशासन के पद का कामकाज संभाला।
यह मामला अगस्त 2026 में कानपुर आरटीओ कार्यालय में हुई प्रशासन और पुलिस की संयुक्त छापेमारी के बाद शुरू हुई कार्रवाई से जुड़ा है। छापेमारी के दौरान कार्यालय में अनधिकृत रूप से सक्रिय बताए गए कई लोगों को पकड़ा गया था। इसके बाद जांच और प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी।
अगस्त में आरटीओ कार्यालय में हुई थी छापेमारी
दरअसल, अगस्त माह में कानपुर के आरटीओ कार्यालय में पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए पकड़ा गया था। बाद में 11 दलालों की गिरफ्तारी और दो लिपिकों समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
छापेमारी के दौरान कार्यालय के विभिन्न हिस्सों में जांच की गई थी। इसमें चालान, वाहन संबंधी कार्य और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। प्रशासन की ओर से कार्यालय में अनियमितताओं और अनधिकृत लोगों की सक्रियता को लेकर रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।
इसके बाद शासन स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ी और सितंबर की शुरुआत में एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार तथा एआरटीओ प्रवर्तन सोमलता यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। दोनों अधिकारियों को निलंबन अवधि में परिवहन मुख्यालय से संबद्ध किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
दो लिपिकों पर भी हुई थी कार्रवाई
आरटीओ कार्यालय में हुई कार्रवाई केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं रही। मामले में दो लिपिकों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, वरिष्ठ सहायक विपिन कुमार श्रीवास्तव और मधुर मिश्रा को निलंबित किया गया था। इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू किए जाने की भी जानकारी सामने आई थी।
जांच के दायरे में कार्यालय में अनधिकृत लोगों की आवाजाही, कैश और रसीदों से जुड़े रिकॉर्ड तथा संबंधित कार्यों में कथित अनियमितताओं की पड़ताल की जा रही थी। इसके अलावा, यह भी जांच का विषय बनाया गया कि कार्यालय में सक्रिय बताए गए बिचौलियों का कर्मचारियों के साथ किस स्तर तक संपर्क था।
निलंबन के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे आलोक कुमार
निलंबन की कार्रवाई के बाद एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह ने इसके खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। इसके बाद उन्हें दोबारा पद पर कार्यभार ग्रहण करने का रास्ता मिला।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद आलोक कुमार सिंह कानपुर पहुंचे और एआरटीओ प्रशासन का कार्यभार संभाल लिया। इससे आरटीओ कार्यालय के प्रशासनिक कामकाज में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है।
हालांकि, निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक को मामले का अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। संबंधित प्रकरण में विभागीय और अन्य स्तरों पर चल रही प्रक्रिया के परिणाम अलग से सामने आ सकते हैं।
आरटीओ कार्यालय में कामकाज पर भी पड़ा था असर
अगस्त में हुई छापेमारी और उसके बाद अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई के चलते आरटीओ कार्यालय का प्रशासनिक कामकाज भी चर्चा में रहा। निलंबित कर्मचारियों के कार्य दूसरे कर्मचारियों को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई थी, ताकि वाहन स्वामियों से जुड़े जरूरी काम प्रभावित न हों।
अब एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह के दोबारा कार्यभार संभालने के बाद विभागीय स्तर पर कामकाज को सामान्य तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कार्यालय में चल रही जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।
जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया पर रहेगी नजर
आरटीओ कार्यालय में हुई अगस्त की कार्रवाई के बाद शासन स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, विभागीय जांच के लिए अधिकारी नामित किए गए थे और संबंधित कर्मचारियों से जवाब मांगा गया था।
वहीं, हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद आलोक कुमार सिंह की वापसी ने इस पूरे प्रकरण को फिर चर्चा में ला दिया है। अब एक तरफ अदालत के अंतरिम आदेश के तहत उनका पदभार संभालना महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, तो दूसरी ओर विभागीय जांच की प्रक्रिया भी जारी रह सकती है।
कुल मिलाकर, कानपुर आरटीओ से जुड़े इस मामले में अगस्त की छापेमारी से शुरू हुई कार्रवाई के बाद सितंबर में अधिकारियों के निलंबन तक घटनाक्रम आगे बढ़ा और अब हाई कोर्ट की अंतरिम राहत के बाद एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह ने फिर से कार्यभार संभाल लिया है। मामले से जुड़े विभागीय और न्यायिक घटनाक्रम पर आगे भी नजर बनी रहेगी।

