कानपुर के जाजमऊ में आवारा कुत्तों का गैंग हुआ सक्रिय, दूध लेने जा रहे इस युवक बना डाला अपना शिकार, 10 लोगों के शिकार होने का है दावा

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह 

कानपुर: जाजमऊ थाना क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। तड़ बगिया कब्रिस्तान के पास शनिवार सुबह दूध लेने जा रहे एक युवक पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। घटना में युवक घायल हो गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और अब तक करीब 10 लोग कुत्तों के हमले में घायल हो चुके हैं।

घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने नगर निगम और प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। खास तौर पर सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और रोजाना इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने चिंता जताई है।

दूध लेने निकले युवक पर कुत्तों के झुंड ने किया हमला

जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब छह बजे तड़बगिया निवासी विनोद कुमार निषाद दूध लेने के लिए घर से निकले थे। बताया गया कि जब वह तड़बगिया कब्रिस्तान के पास पहुंचे, तभी करीब आधा दर्जन आवारा कुत्तों के झुंड ने उन्हें घेर लिया।

विनोद कुमार निषाद के अनुसार, अचानक हुए हमले के बाद उन्होंने खुद को बचाने का प्रयास किया। किसी तरह वह वहां से भागकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचे। इस दौरान उन्हें चोटें आईं। घटना के बाद आसपास के लोगों को मामले की जानकारी हुई और घायल युवक को उपचार के लिए ले जाया गया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह पहली घटना नहीं है। उनका कहना है कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या अधिक है और राहगीरों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का दावा, अब तक करीब 10 लोग हुए घायल

क्षेत्रवासियों का दावा है कि तड़बगिया और उसके आसपास के इलाके में आवारा कुत्तों के हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, अब तक करीब 10 लोग इन हमलों में घायल हो चुके हैं।

लोगों का कहना है कि समस्या केवल बड़ों तक सीमित नहीं है। सुबह स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को लेकर भी अभिभावक चिंतित हैं। बच्चों के स्कूल जाने और वापस लौटने के समय अभिभावक विशेष सावधानी बरतने को मजबूर हैं।

इसके अलावा, सुबह और शाम के समय इस रास्ते से पैदल गुजरने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो समस्या आगे भी बनी रह सकती है।

नगर निगम की डॉग-कैचर टीम पर लोगों ने उठाए सवाल

आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर निगम की डॉग-कैचर टीम इलाके में कुत्तों को पकड़ने के लिए आती है, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें आसपास के क्षेत्र में छोड़ दिया जाता है।

लोगों का कहना है कि इस प्रक्रिया के कारण कुत्ते दोबारा उसी इलाके में लौट आते हैं। ऐसे में समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि केवल कुत्तों को पकड़ने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि निर्धारित नियमों के तहत प्रभावी तरीके से इस समस्या का समाधान किया जाए।

हालांकि, नगर निगम की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी इस रिपोर्ट में नहीं है। इसलिए स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित

जाजमऊ के तड़बगिया क्षेत्र में रहने वाले अभिभावकों के लिए आवारा कुत्तों की समस्या विशेष चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कूल जाने वाले बच्चे कई बार पैदल या अकेले इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में कुत्तों के झुंड की मौजूदगी से अभिभावकों को उनकी सुरक्षा की चिंता रहती है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि सुबह के समय दूध लेने, काम पर जाने या स्कूल जाने वाले लोगों की संख्या अधिक रहती है। इसी दौरान यदि आवारा कुत्तों का झुंड सड़क पर मौजूद हो तो राहगीरों के लिए परेशानी पैदा हो सकती है।

लोगों ने मांग की है कि नगर निगम की संबंधित टीम क्षेत्र का निरीक्षण करे और समस्या वाले स्थानों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करे। साथ ही, नियमित निगरानी की व्यवस्था किए जाने की भी मांग की गई है।

स्थायी समाधान की मांग

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से क्षेत्र में प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान नियमों के तहत व्यवस्थित तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि राहगीरों और बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

क्षेत्रवासियों ने विशेष रूप से तड़बगिया कब्रिस्तान के आसपास निगरानी बढ़ाने और आवारा कुत्तों से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा, लोगों का कहना है कि कुत्तों की संख्या और उनके व्यवहार को लेकर नियमित निगरानी होने से ऐसी घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल, शनिवार सुबह हुई इस घटना के बाद जाजमऊ के तड़बगिया इलाके में आवारा कुत्तों की समस्या एक बार फिर चर्चा में आ गई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नगर निगम और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमों के अनुसार आवश्यक कदम उठाएंगे। इससे क्षेत्र में रहने वाले लोगों, राहगीरों और स्कूली बच्चों को राहत मिल सकती है।

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