जालौन में अवैध पटाखा निर्माण का खुलासा, 10.9 किलो विस्फोटक पाउडर के साथ तीन गिरफ्तार
जालौन। जनपद जालौन में रामपुरा थाना पुलिस ने अवैध रूप से पटाखा निर्माण किए जाने के मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, टीहर गांव में मुर्गी फार्म के पास स्थित एक छप्पर में अवैध तरीके से पटाखे बनाने का काम किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने मौके से करीब 10 किलो 900 ग्राम पीला-सफेद विस्फोटक पाउडर बरामद किया है। इसके अलावा अधबने देशी पटाखे, कागज, कपड़े की कतरन और बालू समेत अन्य सामग्री भी पुलिस को मिली है।पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध पटाखा निर्माण को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए तीनों आरोपी लंबे समय से इस गतिविधि में शामिल थे या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। वहीं, पुलिस ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुर्गी फार्म के पास छप्पर में चल रहा था निर्माण
पुलिस के मुताबिक, रामपुरा थाना क्षेत्र के टीहर गांव में मुर्गी फार्म के पास एक छप्पर में पटाखा निर्माण की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। कार्रवाई के दौरान वहां पटाखे तैयार करने से संबंधित सामग्री मिली।मौके पर मौजूद सामान को देखकर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। छप्पर में पीला-सफेद विस्फोटक पाउडर, अधबने देशी पटाखे, कागज और कपड़े की कतरन के साथ बालू भी बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने वहां मौजूद तीन लोगों को हिरासत में ले लिया।पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल कुमार, हरेंद्र सिंह और कैलाश के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
10 किलो 900 ग्राम विस्फोटक पाउडर बरामद
रामपुरा थाना पुलिस की कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी करीब 10 किलो 900 ग्राम पीला-सफेद विस्फोटक पाउडर की बताई जा रही है। पुलिस ने बरामद सामग्री को सुरक्षित कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की है।इसके साथ ही अधबने देशी पटाखे और पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी बरामद की गई। इनमें कागज, कपड़े की कतरन और बालू शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल किस स्तर पर और कितने समय से किया जा रहा था।दरअसल, पटाखों के निर्माण और भंडारण को लेकर निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी होता है। ऐसे में बिना अनुमति या निर्धारित मानकों के विपरीत पटाखा निर्माण किए जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, विस्फोटक अधिनियम में कार्रवाई
पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है।गिरफ्तार आरोपियों में राहुल कुमार, हरेंद्र सिंह और कैलाश शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों के खिलाफ जालौन कोतवाली में भी मामला दर्ज है। ऐसे में पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध पटाखा निर्माण में इनके साथ कोई अन्य व्यक्ति जुड़ा हुआ था या नहीं। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
रामपुरा थाना पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस बरामद सामग्री के स्रोत, निर्माण की प्रक्रिया और संभावित आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।साथ ही, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों के पास पटाखा निर्माण से संबंधित कोई वैध अनुमति या लाइसेंस था या नहीं। अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री रखने और पटाखा निर्माण किए जाने की स्थिति में कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के खिलाफ निगरानी बढ़ाए जाने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर भी पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है।
सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही कार्रवाई
पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है। विशेष रूप से विस्फोटक पदार्थों के रखरखाव और निर्माण में लापरवाही से आसपास के लोगों के लिए जोखिम पैदा हो सकता है। ऐसे में पुलिस की ओर से अवैध निर्माण स्थल पर कार्रवाई को कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

