मेरठ में एशियन गेम्स पदक विजेता डीएसपी पारुल चौधरी का भव्य स्वागत, काशी टोल प्लाजा पर उमड़ा जनसैलाब
मेरठ। जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियन गेम्स में भारत के लिए दो कांस्य पदक जीतकर लौटीं स्टार एथलीट और उत्तर प्रदेश पुलिस में डीएसपी पारुल चौधरी का शुक्रवार को उनके गृह जनपद मेरठ पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। दिल्ली एयरपोर्ट से यूपी पुलिस की टीम और पुलिस बैंड के साथ मेरठ पहुंचीं पारुल चौधरी का परतापुर स्थित काशी टोल प्लाजा पर ग्रामीणों, पुलिस अधिकारियों, खेल विभाग से जुड़े लोगों और साथी खिलाड़ियों ने फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया।
पारुल के स्वागत के लिए काशी टोल प्लाजा पर पहले से ही बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। जैसे ही उनकी गाड़ी वहां पहुंची, ढोल-नगाड़ों की गूंज और फूलों की बारिश से माहौल उत्सव में बदल गया। ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने अपनी बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताई और उन्हें बधाई दी। वहीं, पुलिस अधिकारियों और महिला पुलिसकर्मियों ने भी पारुल चौधरी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
काशी टोल प्लाजा पर पारुल का जोरदार स्वागत
काशी टोल प्लाजा पर पारुल चौधरी के स्वागत के लिए उनके कोच गौरव त्यागी, कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम के खेल अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण पहुंचे। इस दौरान सीओ ब्रह्मपुरी और कंकरखेड़ा थाने की पुलिस टीम ने डीएसपी पारुल चौधरी को गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया।
इसके अलावा महिला पुलिसकर्मियों में भी पारुल के साथ फोटो और सेल्फी लेने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। पारुल ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया और अपने प्रशंसकों का आभार जताया। उनके स्वागत के दौरान लोगों ने भारतीय खेलों और मेरठ की खेल प्रतिभाओं को लेकर भी उत्साह व्यक्त किया।
इस अवसर पर पारुल चौधरी ने कहा कि उन्हें अपने स्वागत को देखकर बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि स्वदेश लौटने पर उनका इस तरह शानदार स्वागत किया जाएगा। उन्होंने स्वागत के लिए मेरठवासियों और सभी समर्थकों का धन्यवाद किया।
साथ ही, उन्होंने युवाओं और विशेष रूप से बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने का संदेश दिया। पारुल ने कहा कि बेटियों को ज्यादा से ज्यादा खेलों में हिस्सा लेना चाहिए और कड़ी मेहनत के जरिए अपने गांव, प्रदेश और देश का नाम रोशन करना चाहिए।
भव्य जुलूस के साथ पैतृक गांव इकलौता पहुंचीं पारुल
काशी टोल प्लाजा पर स्वागत कार्यक्रम के बाद पारुल चौधरी को भव्य जुलूस के साथ उनके पैतृक गांव इकलौता ले जाया गया। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने अपनी बेटी का नागरिक अभिनंदन किया। इस दौरान गांव में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया।
पारुल की उपलब्धि को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह रहा। उनके लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय एथलेटिक्स में अपनी अलग पहचान बनाई है।
3000 मीटर स्टीपलचेज में तोड़ा अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड
2026 एशियन गेम्स में पारुल चौधरी ने 3000 मीटर स्टीपलचेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने इस स्पर्धा में 9:08.67 मिनट का समय दर्ज किया।
खास बात यह रही कि इस प्रदर्शन के साथ पारुल ने अपना ही पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर किया। उनका पिछला राष्ट्रीय रिकॉर्ड 9:12.46 मिनट का था। इस तरह उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड में सुधार करते हुए एशियन गेम्स में भारत के खाते में कांस्य पदक जोड़ा।
इसके बाद पारुल ने 5000 मीटर दौड़ में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इस स्पर्धा को 15:14.61 मिनट के समय में पूरा करते हुए दूसरा कांस्य पदक अपने नाम किया। इस तरह 2026 एशियन गेम्स में पारुल ने दो कांस्य पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में अपनी निरंतरता का परिचय दिया।
2023 एशियन गेम्स में भी जीते थे दो पदक
पारुल चौधरी की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले उन्होंने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उस प्रतियोगिता में उन्होंने 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था।
इस प्रकार दो एशियन गेम्स में पारुल चौधरी के नाम कुल चार पदक हो गए हैं। 2023 में दो पदक जीतने के बाद 2026 में भी दो पदक हासिल करना उनकी निरंतर मेहनत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
मेरठ की धरती से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर पहचान बनाने वाली पारुल चौधरी अब युवाओं और खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। उनकी उपलब्धि से मेरठ के खेल जगत में भी उत्साह का माहौल है।
बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने का संदेश
पारुल चौधरी ने अपने स्वागत के दौरान युवाओं से खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों को खेलों के क्षेत्र में आगे आने और मेहनत करने का संदेश दिया।
उनकी यह अपील ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब भारतीय खिलाड़ी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पारुल की सफलता यह भी बताती है कि उचित प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण से खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
मेरठ में हुए इस स्वागत समारोह ने पारुल चौधरी की उपलब्धियों को लेकर स्थानीय लोगों के उत्साह को सामने रखा। काशी टोल प्लाजा से लेकर उनके पैतृक गांव इकलौता तक जगह-जगह लोगों ने अपनी बेटी का स्वागत किया। वहीं, पारुल ने भी अपने समर्थकों का आभार जताते हुए भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए मेहनत जारी रखने का संदेश दिया।

