यूपी में मतदाता सूची अभियान: युवाओं और महिलाओं के नाम जोड़ने पर जोर

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Digital UP News

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। खास तौर पर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं, महिलाओं, दिव्यांगजनों और बेघर लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों से कहा है कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाए और जरूरत के अनुसार उनकी सहायता की जाए। इसके लिए जिलों में व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का सहयोग लेकर अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचने की योजना बनाई गई है।

पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं पर विशेष जोर

मतदाता सूची अभियान में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु पूरी कर चुके ऐसे युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो पहली बार मतदाता बनने के पात्र हैं। प्रशासन की ओर से शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से युवाओं को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

इसके अलावा महिलाओं को भी अभियान से जोड़ने के लिए महिला कल्याण विभाग का सहयोग लिया जाएगा। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को मतदाता पंजीकरण के संबंध में जागरूक किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग को भी अभियान में सहयोग करने की जिम्मेदारी दी गई है।

फॉर्म-6 के जरिए कराया जाएगा नया पंजीकरण

मतदाता सूची में पहली बार नाम दर्ज कराने के लिए पात्र नागरिकों को फॉर्म-6 भरना होगा। निर्वाचन विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में फॉर्म-6 की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी जिले में पात्र नागरिकों को आवेदन करने में परेशानी न हो।

ऑनलाइन आवेदन के लिए नागरिक voters.eci.gov.in पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही ईसीआईनेट मोबाइल एप के माध्यम से भी फॉर्म-6 भरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिन नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन करने में सुविधा नहीं है, वे ऑफलाइन माध्यम से भी आवेदन कर सकेंगे।

ऑफलाइन फॉर्म-6 संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को जमा किया जा सकता है। इसके अलावा इसे सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में भी जमा कराया जा सकेगा।

दिव्यांग और बेघर नागरिकों पर भी ध्यान

अभियान के दौरान ऐसे पात्र नागरिकों को भी मतदाता सूची से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिन तक सामान्य परिस्थितियों में निर्वाचन संबंधी जानकारी आसानी से नहीं पहुंच पाती। इनमें दिव्यांगजन और बेघर नागरिक भी शामिल हैं।

इसके लिए दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, ग्राम विकास विभाग और युवा कल्याण विभाग का सहयोग लिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित विभाग अपने स्तर से पात्र नागरिकों की पहचान और जागरूकता में सहयोग करें।

इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक समावेशी बनाना है, ताकि पात्र नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिल सके। विशेष रूप से ऐसे लोग जो किसी कारण से अब तक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए हैं, उन्हें पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।

विभिन्न विभागों के सहयोग से चलेगा अभियान

निर्वाचन विभाग ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। महिला कल्याण, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, ग्राम विकास और युवा कल्याण विभाग अभियान में सहयोग करेंगे।

इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों और सरकारी कर्मचारियों की मदद भी ली जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, सूचना प्रसार और पात्र नागरिकों तक प्रत्यक्ष संपर्क जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

शैक्षणिक संस्थानों को अभियान से जोड़ने का उद्देश्य युवा मतदाताओं तक सीधे पहुंच बनाना है। वहीं, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र नागरिकों को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने में मदद मिलेगी।

एसआईआर को छोड़कर अन्य पुनरीक्षणों में घोषणा पत्र खत्म

निर्वाचन विभाग के निर्देशों के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को छोड़कर अन्य पुनरीक्षण प्रक्रियाओं में घोषणा पत्र की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है। इससे पात्र नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक औपचारिकताओं में कमी आने की उम्मीद है।

हालांकि, संबंधित पुनरीक्षण और पंजीकरण प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक होगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नागरिकों को आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

जिलों में पर्याप्त फॉर्म-6 उपलब्ध कराने के निर्देश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि अभियान के दौरान फॉर्म-6 की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। किसी भी जिले में आवेदन पत्र की कमी नहीं होनी चाहिए।

साथ ही, अधिकारियों से अभियान की नियमित निगरानी करने और पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने को कहा गया है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि मतदाता बनने की पात्रता रखने वाला कोई भी नागरिक केवल जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में पंजीकरण से वंचित न रह जाए।

इस विशेष अभियान के माध्यम से उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को अधिक व्यापक और अद्यतन बनाने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। खासकर युवा, महिलाएं, दिव्यांगजन और बेघर पात्र नागरिक अभियान के प्रमुख फोकस में रहेंगे। नागरिक ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

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