इटावा: आदित्य यादव ने उठाया वोट के अधिकार का मुद्दा, 6 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान
रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान
इटावा। गांधी जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी के बदायूं सांसद आदित्य यादव ने मतदाता अधिकार और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश की जनता को लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपने मत का प्रयोग करने का अधिकार बेहद महत्वपूर्ण है और इस अधिकार की रक्षा के लिए सभी स्तरों पर सजग रहने की जरूरत है।
आदित्य यादव ने गांधी जयंती के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद देश के नागरिकों को जो लोकतांत्रिक अधिकार मिले, उनमें मतदान का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार जनता अपने वोट के माध्यम से सरकार चुनती है और लोकतंत्र में मतदाता की भूमिका केंद्रीय होती है। इसलिए मतदाता सूची में किसी भी प्रकार के बदलाव या नाम हटाए जाने के मामले को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
वोट के अधिकार को लेकर सरकार पर सवाल
सपा सांसद आदित्य यादव ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से वोट काटे जाने के मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हट जाता है, तो उसका सीधा असर उसके मतदान के अधिकार पर पड़ सकता है।
हालांकि, मतदाता सूची का पुनरीक्षण और उसमें नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया निर्वाचन व्यवस्था का नियमित हिस्सा है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से मतदाता सूची से जुड़े प्रशासनिक कार्य किए जाते हैं।
आदित्य यादव ने अपने राजनीतिक बयान में इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा परिस्थितियों में जनता के वोट के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उनके इस बयान को विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों के व्यापक राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है।
6 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान
आदित्य यादव ने कहा कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा जोड़ने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन की ओर से 6 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन के जरिए चुनाव आयोग के समक्ष विपक्ष अपनी मांग रखेगा।
यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। सितंबर 2026 में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज रही है। मीडिया रिपोर्टों में चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर उठे सवालों पर आयोग के सूत्रों की प्रतिक्रिया भी सामने आई थी।
हालांकि, मतदाता सूची से संबंधित किसी भी दावे को स्थानीय स्तर पर निर्वाचन अधिकारियों के रिकॉर्ड और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर ही सत्यापित किया जा सकता है। इसलिए किसी मतदाता का नाम हटने या जुड़ने के मामले में संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के अधिकारियों से जानकारी लेना महत्वपूर्ण होता है।
इंडिया गठबंधन में मतभेद के सवाल पर दिया जवाब
सपा सांसद ने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में किसी तरह का मतभेद नहीं है और सभी घटक दल मिलकर आगे की राजनीतिक रणनीति पर निर्णय लेंगे।
आदित्य यादव के मुताबिक, आगामी चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर भी गठबंधन के दल आपसी सहमति और सर्वसम्मति से फैसला करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि सीट शेयरिंग का निर्णय बातचीत और आपसी समन्वय के आधार पर किया जाएगा।
गौरतलब है कि आदित्य यादव 2024 के लोकसभा चुनाव में बदायूं से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए थे। उपलब्ध संसदीय रिकॉर्ड में भी उन्हें समाजवादी पार्टी के मौजूदा लोकसभा सदस्य के रूप में दर्ज किया गया है।
लोकतंत्र में मतदान अधिकार का महत्व
भारत में मतदान का अधिकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है। चुनाव के माध्यम से नागरिक अपने प्रतिनिधियों का चयन करते हैं। ऐसे में मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम का सही तरीके से दर्ज होना चुनाव प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
वहीं, निर्वाचन आयोग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान नाम जोड़ने, संशोधन करने और निर्धारित नियमों के अनुसार नाम हटाने की प्रक्रिया संचालित करते हैं। इसलिए इस पूरी प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं को अपने नाम और विवरण की जांच करते रहना भी जरूरी है।
आदित्य यादव द्वारा उठाया गया मुद्दा फिलहाल राजनीतिक बहस का विषय है। उनके आरोपों पर संबंधित सरकारी अथवा निर्वाचन संस्थाओं की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा। साथ ही, 6 अक्टूबर को प्रस्तावित दिल्ली प्रदर्शन में इंडिया गठबंधन के कौन-कौन से नेता और दल शामिल होते हैं, इस पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी।
इस बीच, आदित्य यादव ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी और गठबंधन की प्राथमिकता मतदाता अधिकार से जुड़े मुद्दों को उठाना है। उन्होंने आगामी चुनावों के लिए विपक्षी दलों के बीच समन्वय और सीटों के बंटवारे पर सहमति की बात कही है। अब देखना होगा कि 6 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन के बाद इस मुद्दे पर चुनाव आयोग और सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है

