सोनभद्र में गांधी जयंती पर डीएम ने गांधी-शास्त्री को किया नमन, सात क्षय रोगियों को बांटी पोषाहार पोटली
सोनभद्र। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सोनभद्र कलेक्ट्रेट सभागार में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गांधी उद्यान पहुंचकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया।
कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी की प्रिय रामधुन ‘रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम’ का सामूहिक गायन किया गया। इससे कलेक्ट्रेट परिसर का वातावरण श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के आदर्शों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
सत्य और अहिंसा को जीवन में अपनाने का आह्वान
इस अवसर पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत के ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व की धरोहर हैं। उन्होंने सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों के माध्यम से देश की स्वतंत्रता के लिए कठिन संघर्ष किया। गांधी जी का जीवन त्याग, सेवा, अनुशासन और जनकल्याण की भावना का उदाहरण है।
जिलाधिकारी ने कहा कि गांधी जी के विचारों और आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करें। साथ ही, शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य तभी सार्थक माना जाएगा, जब जरूरतमंद और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले। इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कार्यों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और सेवा भावना को प्राथमिकता देनी चाहिए।
स्वच्छता को लेकर भी दिया संदेश
गांधी जयंती के अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वच्छता के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता महात्मा गांधी के जीवन और विचारों का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर, कार्यालय और आसपास के सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कलेक्ट्रेट और अन्य कार्यस्थलों पर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने की अपील की। इसके साथ ही लोगों से भी स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में सहयोग करने का आह्वान किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। इसी तरह सेवा और जनकल्याण की भावना को भी दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को किया याद
कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन और उनके योगदान को भी याद किया गया। अधिकारियों ने कहा कि शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को अपने सार्वजनिक जीवन का आधार बनाया। उन्होंने देश के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी की भावना का उदाहरण प्रस्तुत किया।
अधिकारियों ने दोनों महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि गांधी जी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत तथा शास्त्री जी की सादगी एवं कर्तव्यनिष्ठा आज भी समाज और प्रशासन के लिए प्रासंगिक हैं।
सात क्षय रोगियों को वितरित की पोषाहार पोटली
गांधी जयंती के अवसर पर जिलाधिकारी ने जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए चिन्हित सात क्षय रोगियों को पोषाहार पोटली वितरित की। पोषाहार पोटली प्राप्त करने वालों में जितेन्द्र कुमार सिंह, सुरेन्द्र नाथ, रीता देवी, रामाशंकर विश्वकर्मा, कन्हैया यादव, शान्ति देवी और किरन देवी शामिल रहे।
इस पहल के माध्यम से जरूरतमंद क्षय रोगियों के प्रति सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित लोगों से स्वास्थ्य संबंधी सलाह का पालन करने तथा उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने की अपील की।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी जनकल्याण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ-साथ सामाजिक सेवा और जनजागरूकता का संदेश देने वाला रहा।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने लिया सेवा का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, विचारों और आदर्शों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि दोनों महापुरुषों ने अपने जीवन के माध्यम से देश और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल पेश की। उनके विचार आज भी समाज को सत्य, अनुशासन, स्वच्छता और सेवा की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम का संचालन न्याय सहायक सुरेश पाठक ने किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि./रा. वागीश कुमार शुक्ला, रोहित यादव, रमेश चन्द्र, आकांक्षा गौतम, जगरूप सिंह पटेल समेत बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस प्रकार, सोनभद्र कलेक्ट्रेट में गांधी जयंती और शास्त्री जयंती का आयोजन श्रद्धा, स्वच्छता, सेवा और जनकल्याण के संदेश के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने महापुरुषों के आदर्शों को व्यवहार में उतारने तथा जरूरतमंद लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

