कन्नौज में BSA पर लगे आरोपों की जांच शुरू, पूर्व सांसद की शिकायत पर तीन सदस्यीय कमेटी गठित

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Digital UP News

कन्नौज। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा मामला अब जांच के दायरे में आ गया है। पूर्व सांसद सुब्रत पाठक की ओर से बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) संदीप कुमार के खिलाफ की गई शिकायत के बाद शासन स्तर से जांच के निर्देश दिए गए हैं। विशेष सचिव बेसिक शिक्षा के निर्देश के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर सात दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिकायत में बीएसए पर शिक्षकों के उत्पीड़न, कथित अवैध वसूली और प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी जांच होनी है और इनकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। वहीं, बीएसए संदीप कुमार ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने कहा है कि जांच समिति के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

मुख्यमंत्री से की गई थी शिकायत

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने 15 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर कन्नौज के बीएसए संदीप कुमार को लेकर शिकायत की थी। शिकायत में उन्होंने शिक्षकों की ओर से सामने आई समस्याओं और विभागीय कार्यप्रणाली से संबंधित कई आरोपों का उल्लेख किया था। इसके बाद मामले को शासन स्तर पर संज्ञान में लिया गया।

विशेष सचिव बेसिक शिक्षा विशाल भारद्वाज की ओर से 29 सितंबर को जांच के निर्देश जारी किए गए। इसके बाद जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने जांच समिति गठित कर मामले के विभिन्न बिंदुओं की जांच के निर्देश दिए।

तीन अधिकारियों की समिति करेगी जांच

मामले की जांच के लिए गठित समिति में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, वरिष्ठ कोषाधिकारी नीलम शर्मा और जिला विद्यालय निरीक्षक पप्पू सरोज को शामिल किया गया है। समिति को शिकायत में लगाए गए आरोपों की बिंदुवार जांच करने और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा, समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अब जांच के दौरान शिकायत में उल्लेखित मामलों से जुड़े विभागीय रिकॉर्ड, प्रशासनिक प्रक्रिया और अन्य संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा सकती है। (Amar Ujala)

BSA पर क्या लगाए गए हैं आरोप?

पूर्व सांसद सुब्रत पाठक की शिकायत में बीएसए संदीप कुमार पर शिक्षकों के उत्पीड़न और कथित अवैध वसूली से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि विभाग में एक कथित सिंडिकेट के माध्यम से कामकाज संचालित किया जा रहा था।

इसके साथ ही प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी शिकायत में शामिल बताए गए हैं। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायत का हिस्सा हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच के स्तर पर नहीं हुई है। इसलिए जांच समिति की रिपोर्ट को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

BSA ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

वहीं, बीएसए संदीप कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, उनका कहना है कि आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय कार्यों में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर कुछ लोग शिकायतों का सहारा ले रहे हैं।

बीएसए ने जांच समिति के सामने वास्तविक तथ्यों के सामने आने की बात कही है। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में जांच समिति के निष्कर्ष क्या रहते हैं।

जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

फिलहाल कन्नौज के बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े इस मामले में जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। तीन सदस्यीय समिति को निर्धारित समय में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित दस्तावेजों और विभागीय रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी।

इसके बाद समिति की रिपोर्ट शासन और जिला प्रशासन के स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए आधार बन सकती है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई का निर्णय लिया जा सकता है। दूसरी ओर, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो शिकायत के संबंध में स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।

शिक्षकों से जुड़े मामलों की जांच पर जोर

बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याएं, विभागीय कार्यवाही और प्रशासनिक प्रक्रियाएं सीधे तौर पर शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी होती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में रिकॉर्ड के आधार पर निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होती है। कन्नौज में गठित समिति को भी शिकायत के प्रत्येक बिंदु की अभिलेखीय साक्ष्यों के साथ जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल सभी की नजर सात दिन में आने वाली जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों पर जांच समिति का निष्कर्ष क्या रहा और प्रशासन की ओर से आगे किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है।

इस बीच, बीएसए संदीप कुमार अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बता चुके हैं। इसलिए जांच पूरी होने तक मामले से जुड़े आरोपों को शिकायत और संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।

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