जमीन एग्रीमेंट को लेकर महिला ने एसपी से की शिकायत, प्रॉपर्टी डीलरों पर पति को जबरन ले जाने का आरोप

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रिपोर्ट: शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी

संतकबीरनगर। खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के झीनखाल मांझरिया गांव निवासी एक महिला ने जमीन के एग्रीमेंट को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा है। महिला मनीषा का आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों ने उसके पति को जबरन चार पहिया वाहन में बैठाकर ले गए और सड़क किनारे स्थित कीमती जमीन का कथित तौर पर दबाव बनाकर एग्रीमेंट करा लिया। महिला का कहना है कि अब आरोपी पक्ष जमीन का बैनामा कराने के लिए लगातार दबाव बना रहा है।

शिकायत में मनीषा ने बताया कि गांव में रहने वाले ओमकार तिवारी कथित रूप से प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। महिला के मुताबिक, ओमकार तिवारी अपने मामा अष्टम तिवारी के घर झीनखाल मांझरिया में रहते हैं। आरोप है कि करीब एक सप्ताह पहले ओमकार तिवारी और पप्पू यादव समेत पांच से सात लोग उसके पति को एक चार पहिया वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए।

जबरन एग्रीमेंट कराने का आरोप

मनीषा का आरोप है कि उसके पति को अपने साथ ले जाने के बाद संबंधित लोगों ने सड़क किनारे स्थित जमीन को लेकर दबाव बनाया और कथित रूप से एग्रीमेंट करा लिया। महिला का कहना है कि उसके पति ने अपनी इच्छा से यह प्रक्रिया नहीं की थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

शिकायतकर्ता के अनुसार, एग्रीमेंट के बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ। अब कथित रूप से आरोपी पक्ष जमीन का बैनामा कराने के लिए उसके पति पर लगातार दबाव बना रहा है। महिला ने आरोप लगाया कि रास्ते में घेरकर बैनामा कराने के लिए दबाव बनाया जाता है और ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती है।

काम पर भी पहुंचने का लगाया आरोप

मनीषा ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित लोग उसके और उसके पति के काम करने की जगह पर पहुंच जाते हैं। महिला के मुताबिक, वहां पहुंचकर उनके काम में बाधा डाली जाती है, जिसके कारण परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा है।

महिला का कहना है कि लगातार दबाव और कथित हस्तक्षेप के कारण उसके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। उसने पुलिस से मामले में हस्तक्षेप कर परिवार को सुरक्षा देने और शिकायत में नामजद लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

एसपी से मुकदमा दर्ज करने की मांग

शिकायतकर्ता मनीषा ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जांच कराकर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। साथ ही उसने अपने और अपने पति के साथ किसी तरह की अप्रिय घटना होने की आशंका जताते हुए आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।

फिलहाल महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच करती है या नहीं और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, यह आगे स्पष्ट होगा। जमीन के एग्रीमेंट, कथित दबाव और धमकी से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

जमीन विवाद में दस्तावेजों की जांच जरूरी

जानकारों के अनुसार, जमीन से जुड़े विवादों में एग्रीमेंट और बैनामा जैसे दस्तावेजों की वैधता तथा उन्हें तैयार कराने की परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में संबंधित दस्तावेज, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के दावे पुलिस एवं संबंधित सक्षम प्राधिकारी की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इस मामले में भी शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन का एग्रीमेंट किन परिस्थितियों में कराया गया और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।