विश्व जनसंख्या दिवस पर नरैनी सीएचसी में ‘नई पहल’ किट वितरित, परिवार नियोजन का दिया संदेश

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रिपोर्ट – शैलेन्द्र शानू वर्मा 

नरैनी (बांदा): विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नरैनी में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को परिवार नियोजन, सुरक्षित मातृत्व, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा जनसंख्या संतुलन के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर नवविवाहित दंपतियों एवं पात्र लाभार्थियों को ‘नई पहल’ किट वितरित की गई। साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने छोटे परिवार, उचित जन्म अंतराल और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का विषय नहीं है, बल्कि यह मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य, परिवार की आर्थिक मजबूती तथा समाज के समग्र विकास से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए प्रत्येक परिवार को उपलब्ध सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और परिवार नियोजन के साधनों की जानकारी होना आवश्यक है।

परिवार नियोजन से बेहतर होता है मां और बच्चे का स्वास्थ्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकास यादव ने कहा कि परिवार नियोजन अपनाने से मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है। यदि बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल रखा जाए, तो माताओं को पर्याप्त स्वास्थ्य लाभ मिलता है और नवजात शिशुओं का शारीरिक एवं मानसिक विकास भी बेहतर होता है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा परिवार नियोजन के लिए कई योजनाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनका लाभ प्रत्येक पात्र दंपति को लेना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से छोटे परिवार और जिम्मेदार अभिभावक बनने का संदेश भी दिया।

‘नई पहल’ किट का उद्देश्य

कार्यक्रम के दौरान नवविवाहित दंपतियों और पात्र लाभार्थियों को ‘नई पहल’ किट वितरित की गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस किट का उद्देश्य नवविवाहित दंपतियों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करना और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना है।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की पहल से नवविवाहित दंपतियों को सही समय पर उचित परामर्श मिलता है, जिससे वे अपने परिवार के भविष्य की बेहतर योजना बना सकते हैं। इसके अलावा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया जाता है।

सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

इस अवसर पर बीसीपीएम भीष्म नारायण गिरी ने परिवार नियोजन कार्यक्रमों और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार परिवार नियोजन के लिए कई प्रकार की निःशुल्क सेवाएं उपलब्ध करा रही है, जिनका लाभ आम नागरिक आसानी से उठा सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रशिक्षित चिकित्सक और परामर्शदाता लोगों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उचित सलाह उपलब्ध कराते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की शंका होने पर स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।

नवविवाहित दंपतियों को दिया गया परामर्श

कार्यक्रम में परिवार परामर्शदाता मनीषा ने नवविवाहित दंपतियों को परिवार नियोजन के विभिन्न सुरक्षित और स्वीकृत साधनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन अपनाने से न केवल परिवार का स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक जीवन भी अधिक संतुलित बनता है।

इसके साथ ही उन्होंने मातृ स्वास्थ्य, नवजात शिशु की देखभाल, नियमित स्वास्थ्य जांच और पोषण के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ परिवार ही स्वस्थ समाज की नींव होता है।

जागरूकता अभियान का उद्देश्य

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल किट वितरण तक सीमित नहीं था, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना भी था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बढ़ती जनसंख्या के बीच स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी उपयोग और परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार उचित योजना के साथ आगे बढ़े, तो मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और कुपोषण जैसी समस्याओं को कम करने में भी सहायता मिल सकती है।

छोटे परिवार का संदेश

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों से छोटे परिवार और जिम्मेदार अभिभावक बनने की अपील की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि सीमित परिवार होने से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर अधिक ध्यान दिया जा सकता है। इसके अलावा परिवार की आर्थिक स्थिति भी अधिक संतुलित रहती है।

उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन अपनाना पूरी तरह स्वैच्छिक निर्णय है और इसके लिए सरकार द्वारा सुरक्षित एवं वैज्ञानिक विकल्प उपलब्ध कराए जाते हैं।

स्वास्थ्य विभाग की पहल को मिली सराहना

कार्यक्रम में मौजूद लाभार्थियों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित इस जागरूकता अभियान की सराहना की। उनका कहना था कि इस प्रकार के कार्यक्रम लोगों को सही जानकारी देने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों को भी दूर करने में मदद करते हैं।

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भी लोगों से अपील की कि वे समय-समय पर आयोजित होने वाले स्वास्थ्य शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लें तथा उपलब्ध सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाएं।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे स्वास्थ्यकर्मी

कार्यक्रम के दौरान बीसीपीएम भीष्म नारायण गिरी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, नवविवाहित दंपति एवं अन्य लाभार्थी उपस्थित रहे। सभी ने विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जनसंख्या संतुलन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और परिवार नियोजन के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

विश्व जनसंख्या दिवस पर सीएचसी नरैनी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम ने परिवार नियोजन, सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ परिवार के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। नवविवाहित दंपतियों को ‘नई पहल’ किट वितरित करने के साथ-साथ उन्हें स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग परिवार नियोजन के प्रति जागरूक होकर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं, तो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार संभव है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में स्वस्थ, सुरक्षित और संतुलित परिवार की अवधारणा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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