बांदा किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ने उठाई बुंदेलखंड के विशेष पैकेज की मांग

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रिपोर्ट – पंकज त्रिपाठी

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में मंडी परिसर में भारतीय किसान यूनियन की ओर से किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान और संगठन से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों और बुंदेलखंड से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से बुंदेलखंड के लिए विशेष पैकेज देने समेत किसानों के हित में कई मांगें रखीं।

महापंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि बुंदेलखंड लंबे समय से कृषि, रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा और पलायन जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में क्षेत्र के विकास के लिए सामान्य योजनाओं के साथ-साथ विशेष स्तर पर नीतियां बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में आने वाले बुंदेलखंड के हिस्सों को मिलाकर एक ऑर्गेनिक बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा सके और यहां के किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार मिल सके।

बुंदेलखंड के लिए विशेष पैकेज की मांग

किसान नेता ने बुंदेलखंड के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग उठाते हुए कहा कि क्षेत्र की परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को हर वर्ष राहत और विकास के लिए विशेष प्रावधान करना चाहिए। उनके अनुसार, बुंदेलखंड में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किए बिना क्षेत्र से पलायन की समस्या पर प्रभावी तरीके से रोक लगाना कठिन होगा।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों को प्राकृतिक परिस्थितियों और संसाधनों से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए सरकार को बुंदेलखंड के लिए दीर्घकालिक योजना बनाकर काम करना चाहिए। विशेष पैकेज के माध्यम से कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की मांग भी उन्होंने रखी।

शिक्षा और चिकित्सा को लेकर भी उठाई आवाज

महापंचायत में राकेश टिकैत ने बुंदेलखंड के किसानों और आम लोगों के लिए शिक्षा तथा चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए।

उन्होंने शिक्षा और चिकित्सा को जरूरतमंद लोगों के लिए मुफ्त उपलब्ध कराने की मांग रखी। उनका कहना था कि जब ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, तो लोगों को बेहतर अवसरों की तलाश में दूसरे शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी।

इसी क्रम में उन्होंने किसानों के कर्ज माफ करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि किसानों पर आर्थिक दबाव कम होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है और खेती-किसानी को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार पर जोर

महापंचायत में बुंदेलखंड से होने वाले पलायन का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। राकेश टिकैत ने कहा कि क्षेत्र में पर्याप्त रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। यदि किसानों और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा बेहतर आर्थिक अवसर मिलेंगे, तो पलायन को कम करने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने बुंदेलखंड की प्राकृतिक और खनिज संपदा का भी उल्लेख किया। राकेश टिकैत ने मांग की कि क्षेत्र में उपलब्ध खनिज संपदा से होने वाली आय का 40 प्रतिशत हिस्सा बुंदेलखंड के विकास पर खर्च किया जाए। उनके अनुसार, इससे क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने में सहायता मिल सकती है।

मोटे अनाज की ब्रांडिंग पर दिया जोर

किसान महापंचायत में बुंदेलखंड में पैदा होने वाले मोटे अनाज को लेकर भी चर्चा हुई। राकेश टिकैत ने कहा कि क्षेत्र में पैदा होने वाले मोटे अनाज की बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग की जरूरत है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के मोटे अनाज को स्थानीय पहचान के साथ राष्ट्रीय और बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। इसके लिए किसानों को उत्पादन से लेकर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने तक सहयोग देने की आवश्यकता है। यदि ऐसा होता है तो बुंदेली किसानों की आय बढ़ाने के नए अवसर तैयार हो सकते हैं।

सरकार और विपक्ष दोनों से सक्रिय भूमिका की अपेक्षा

महापंचायत में राकेश टिकैत ने सरकार के साथ-साथ विपक्ष को भी किसानों और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर सक्रिय भूमिका निभाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दों को केवल राजनीतिक बहस तक सीमित रखने के बजाय उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने बुंदेलखंड के विकास के लिए किसानों, ग्रामीणों और स्थानीय स्तर के संगठनों की भागीदारी पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, क्षेत्र की समस्याओं को समझते हुए ऐसी नीतियां तैयार की जानी चाहिए, जिनका सीधा लाभ किसानों और आम लोगों तक पहुंचे।

किसान महापंचायत में मांगों को लेकर चर्चा

बांदा मंडी परिसर में आयोजित इस महापंचायत के दौरान किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बुंदेलखंड के विकास, किसानों की आर्थिक स्थिति, कृषि आधारित रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खनिज संपदा और मोटे अनाज की बाजार व्यवस्था जैसे विषय प्रमुख रहे।

किसान नेता राकेश टिकैत ने इन मुद्दों को लेकर सरकार के सामने अपनी मांगें रखने की बात कही। महापंचायत के माध्यम से उन्होंने बुंदेलखंड के लिए विशेष नीति और आर्थिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार आवाज उठाने का संदेश दिया।

बुंदेलखंड में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आने वाले समय में सरकार की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन पर किसानों की नजर रहेगी। वहीं, किसान संगठनों की ओर से उठाए जा रहे इन मुद्दों को लेकर आगे भी क्षेत्रीय स्तर पर गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

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