सोनभद्र में जनसुनवाई: एसपी अभिषेक वर्मा ने सुनी फरियादें, अफसरों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
रिपोर्ट: ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी
सोनभद्र। आमजन की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए पुलिस विभाग की ओर से आयोजित की जाने वाली जनसुनवाई व्यवस्था के तहत मंगलवार को पुलिस कार्यालय में फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के सामने अपनी शिकायतें और समस्याएं रखीं। पुलिस अधीक्षक ने फरियादियों की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को मामलों की निष्पक्ष जांच करते हुए समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पुलिस कार्यालय पहुंचे। फरियादियों ने भूमि विवाद, पारिवारिक मामलों, मारपीट, गुमशुदगी, साइबर धोखाधड़ी और राजस्व से जुड़े प्रकरणों सहित पुलिस से संबंधित विभिन्न शिकायतें पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखीं। प्रत्येक मामले को सुनने के बाद एसपी ने संबंधित अधिकारियों से प्रकरण की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश जारी किए।
फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने जनसुनवाई के दौरान एक-एक शिकायतकर्ता की बात ध्यानपूर्वक सुनी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी शिकायत को सामान्य प्रक्रिया मानकर नजरअंदाज न किया जाए, बल्कि मामले की प्रकृति और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच में निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है। किसी भी पक्ष के प्रभाव में आए बिना उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे न केवल शिकायतकर्ता को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत होती है, बल्कि पुलिस व्यवस्था के प्रति आम लोगों का विश्वास भी बढ़ता है।
भूमि और पारिवारिक विवाद से जुड़ी शिकायतें भी पहुंचीं
जनसुनवाई में भूमि विवाद से संबंधित कई शिकायतें सामने आईं। ऐसे मामलों में पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरण की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाने और आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी तरह पारिवारिक विवाद और मारपीट से जुड़े मामलों को भी एसपी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों से कहा कि शिकायतों की जांच के दौरान दोनों पक्षों के तथ्यों को ध्यान में रखा जाए और नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
वहीं, गुमशुदगी और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में भी पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों में समय पर कार्रवाई को महत्वपूर्ण बताते हुए संबंधित अधिकारियों से प्रकरणों की जांच में तेजी लाने को कहा गया।
समयबद्ध निस्तारण पर एसपी का जोर
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है, उनमें प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता को उसके प्रकरण में हुई कार्रवाई की जानकारी समय से उपलब्ध कराई जाए। इससे शिकायतकर्ता को यह पता चल सकेगा कि उसकी शिकायत पर पुलिस की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं।
इसके अलावा, एसपी ने कहा कि प्रत्येक शिकायत की जांच निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जानी चाहिए। यदि किसी मामले में अन्य विभाग की भूमिका आवश्यक हो तो संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए समस्या के समाधान की दिशा में प्रयास किया जाए।
लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी
जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायतों के निस्तारण को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत के निस्तारण में लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। यदि किसी प्रकरण में जानबूझकर देरी, लापरवाही या शिकायतकर्ता के उत्पीड़न की शिकायत सामने आती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसपी के इस निर्देश का उद्देश्य पुलिस कार्यालय और थानों में आने वाले लोगों को बेहतर सुनवाई उपलब्ध कराना है। साथ ही, अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह बनी रहे।
पुलिस और जनता के बीच संवाद मजबूत करने पर जोर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जनसुनवाई का प्रमुख उद्देश्य आमजन की समस्याओं को सीधे सुनना और उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है। इसके माध्यम से पुलिस और जनता के बीच संवाद को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाता है।
दरअसल, किसी भी शिकायतकर्ता के लिए यह महत्वपूर्ण होता है कि उसकी समस्या को गंभीरता से सुना जाए और उसे यह जानकारी मिले कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई की जा रही है। इसी उद्देश्य से जनसुनवाई को पुलिस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
मंगलवार को हुई जनसुनवाई में भी पुलिस अधीक्षक ने फरियादियों से सीधे संवाद किया और उनके प्रकरणों की जानकारी ली। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
एसपी अभिषेक वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले में निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए। शिकायतों की जांच के दौरान तथ्यों और साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जाए तथा किसी भी प्रकार की अनदेखी से बचा जाए।
इसके साथ ही उन्होंने उन मामलों में तत्काल विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा, जिनमें परिस्थितियों के अनुसार त्वरित हस्तक्षेप आवश्यक है। अधिकारियों को शिकायतों की प्रगति पर नजर रखने और निर्धारित समय में कार्रवाई पूरी करने के लिए भी निर्देशित किया गया।
जनसुनवाई के दौरान दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रहा है। वहीं, आमजन की समस्याओं को सीधे सुनने की यह प्रक्रिया पुलिस और जनता के बीच विश्वास तथा संवाद को मजबूत करने में सहायक हो सकती है।

