कानपुर में कक्षा नौ के छात्र को शिक्षक पर कान में थप्पड़ मारने का आरोप, पिता ने पुलिस से की शिकायत
रिपोर्टर: शुभम साहू
कानपुर/घाटमपुर: थाना घाटमपुर क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में कक्षा नौ के 14 वर्षीय छात्र के साथ विद्यालय में कथित मारपीट का मामला सामने आया है। छात्र के पिता ने एक शिक्षक पर बच्चे के कान पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाते हुए घाटमपुर थाने में तहरीर दी है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कराने के साथ ही छात्र का चिकित्सकीय परीक्षण कराने और आरोपों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता पिता के अनुसार, उनका बेटा 28 सितंबर 2026 को रोज की तरह विद्यालय गया था। विद्यालय से घर लौटने के बाद छात्र ने परिजनों को बताया कि स्कूल में शिक्षक शिक्षा प्रजापति ने उसके कान पर थप्पड़ मारा। छात्र के मुताबिक, थप्पड़ लगने के बाद उसके कान में दर्द होने लगा। इसके बाद परिजनों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से शिकायत करने का निर्णय लिया।
पिता ने घाटमपुर थाने में दी तहरीर
मोहम्मदपुर गांव निवासी मनोज कुमार पुत्र श्री राम आसरे ने 28 सितंबर 2026 को थाना घाटमपुर में लिखित तहरीर दी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनका 14 वर्षीय पुत्र सचिन कक्षा नौ में पढ़ता है।
पिता की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक, विद्यालय से वापस आने के बाद बच्चे ने उन्हें कथित घटना के बारे में जानकारी दी। छात्र ने बताया कि शिक्षक शिक्षा प्रजापति ने उसके कान पर थप्पड़ मारा, जिसके बाद उसे कान में तेज दर्द महसूस हुआ।
मनोज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाए, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कान में किसी प्रकार की चोट या अन्य समस्या हुई है या नहीं।
छात्र के कान में परेशानी का दावा
तहरीर में छात्र के पिता ने दावा किया है कि घटना के बाद से बच्चे के कान में परेशानी बनी हुई है। इसी वजह से उन्होंने चिकित्सकीय परीक्षण की मांग को भी अपनी शिकायत का हिस्सा बनाया है।
चिकित्सकीय परीक्षण होने के बाद ही छात्र की स्वास्थ्य स्थिति से संबंधित तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों और छात्र द्वारा परिजनों को बताई गई घटना के आधार पर पुलिस से जांच की मांग की गई है।
वहीं, विद्यालय में वास्तव में क्या हुआ था, इस संबंध में संबंधित शिक्षक या विद्यालय प्रशासन का पक्ष इस शिकायत की उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है। इसलिए घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी।
निष्पक्ष जांच की मांग
छात्र के पिता मनोज कुमार का कहना है कि उन्हें अपने बेटे से विद्यालय में हुई कथित घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की गंभीरता का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस के सामने लिखित शिकायत देकर मामले की जांच कराने का अनुरोध किया।
पिता ने पुलिस से यह भी मांग की है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए। उनका कहना है कि जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके अलावा, बच्चे का चिकित्सकीय परीक्षण कराए जाने की मांग इसलिए की गई है, ताकि कान में दर्द या किसी चोट की स्थिति के संबंध में चिकित्सकीय तथ्य सामने आ सकें।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
मामले में फिलहाल शिकायत के आधार पर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यालय में छात्र के साथ वास्तव में क्या हुआ था और घटना की परिस्थितियां क्या थीं।
पुलिस जांच के दौरान छात्र, उसके पिता, संबंधित शिक्षक और विद्यालय से जुड़े अन्य लोगों से जानकारी ली जा सकती है। इसके साथ ही घटना के समय विद्यालय में मौजूद परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा सकती है।
यदि छात्र का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाता है, तो उसकी रिपोर्ट भी जांच के दौरान महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी प्रकार विद्यालय स्तर पर उपलब्ध जानकारी और संबंधित लोगों के बयान से भी घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।
अभिभावकों ने कार्रवाई की मांग की
घटना की जानकारी सामने आने के बाद छात्र के परिजनों ने पुलिस से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चे के साथ विद्यालय में किसी भी प्रकार की कथित मारपीट की घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
परिजनों की ओर से यह भी अपेक्षा की गई है कि जांच के दौरान छात्र की स्थिति और शिकायत में बताए गए तथ्यों को गंभीरता से लिया जाए। वहीं, पुलिस की ओर से जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा अहम मुद्दा
विद्यालय बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और अनुशासन से भी जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में छात्र के साथ कथित मारपीट की शिकायत सामने आने पर मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है।
हालांकि, किसी शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। संबंधित शिक्षक का पक्ष और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल घाटमपुर थाने में छात्र के पिता की ओर से तहरीर दी गई है और पुलिस से जांच की मांग की गई है। अब मामले में पुलिस की जांच और चिकित्सकीय परीक्षण से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।

