आजमगढ़ में मुठभेड़ के दौरान 25-25 हजार के दो इनामी चोर गिरफ्तार, SUV से करते थे घरों की रेकी

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रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अपराध और चोरी की घटनाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान तहबरपुर थाना पुलिस को बड़ी कार्रवाई में सफलता मिली है। सोमवार देर रात तहबरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और अंतरजनपदीय चोरी गिरोह के सदस्यों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में 25-25 हजार रुपये के इनामी दो आरोपी घायल हुए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तहबरपुर भेजा गया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो .315 बोर के तमंचे, दो खोखा कारतूस, तीन जिंदा कारतूस और 15,250 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी की घटनाओं के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

दोनों आरोपियों पर था 25-25 हजार रुपये का इनाम

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिलशाद पुत्र नसरूद्दीन, निवासी नगरिया कला, थाना फतेहगंज पूर्वी, बरेली और सोनू अली उर्फ असगर पुत्र शमशेर, निवासी बजेड़ा भगवानपुर, थाना जैतीपुर, शाहजहांपुर के रूप में हुई है।

दोनों आरोपियों पर पुलिस की ओर से 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, दोनों अंतरजनपदीय चोरी गिरोह से जुड़े हुए थे और अलग-अलग जिलों में चोरी की घटनाओं में उनकी भूमिका सामने आई थी।

चेकिंग के दौरान पुलिस को मिली सूचना

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर जिले में वांछित और अपराध में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में सोमवार रात तहबरपुर पुलिस क्षेत्र में चेकिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश कर रही थी।

इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की घटनाओं में वांछित दो आरोपी करियाबर गांव के पास सर्विस लेन पर मौजूद हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी आसपास के घरों की रेकी कर रहे थे और किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।

सूचना मिलने के बाद थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस का कहना है कि खुद को घिरा देखकर आरोपियों ने पुलिस टीम की ओर फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। करीब 3:15 बजे पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

SUV से गांवों में करते थे मकानों की रेकी

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को गिरोह के काम करने के तरीके के बारे में जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य हाईवे और एक्सप्रेस-वे के आसपास SUV खड़ी करके आसपास के गांवों में ऐसे मकानों की तलाश करते थे, जहां चोरी करना उनके लिए आसान हो।

रेकी के बाद गिरोह के सदस्य रात में मकान में प्रवेश करते थे। पुलिस के अनुसार, घर में घुसने के लिए छत या पीछे के रास्ते का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद मशीनों की मदद से दरवाजे, बक्से और अलमारी के ताले तोड़कर नकदी और आभूषण चोरी किए जाते थे।

वारदात पूरी होने के बाद गिरोह के सदस्य पहले से तय स्थान पर पहुंचते थे। वहां SUV चालक उन्हें लेकर दूसरे स्थान पर चला जाता था। चोरी से प्राप्त सामान को बाद में बेचकर मिलने वाली रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।

कई जिलों में चोरी की घटनाओं का दावा

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने आजमगढ़ के अलावा गाजीपुर, बलिया, जौनपुर और अंबेडकरनगर में भी चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात बताई है। पुलिस की जांच और बरामदगी के आधार पर तहबरपुर क्षेत्र की दो, बिलरियागंज क्षेत्र की दो और अंबेडकरनगर के जैतपुर थाना क्षेत्र की एक चोरी की घटना के संबंध में सुराग मिलने की बात कही गई है।

पुलिस अब इन मामलों से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अन्य जिलों में कितनी घटनाओं को अंजाम दिया था।

पहले चार सदस्य हो चुके हैं गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, इसी गिरोह के चार अन्य सदस्यों को 20 अगस्त 2026 को अहरौला और तहबरपुर पुलिस की अलग-अलग मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उस कार्रवाई में पुलिस ने तीन तमंचे, कारतूस, चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, 29,230 रुपये नकद, XUV-500 वाहन, पांच मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बरामद करने की जानकारी दी थी।

अब दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के कुल छह सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों और चोरी के नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।

दोनों आरोपियों पर कई मुकदमे दर्ज

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दिलशाद के खिलाफ अलीगढ़, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर में कुल 13 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। वहीं, सोनू अली उर्फ असगर के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही उनके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों और वर्तमान कार्रवाई के बीच संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।

गिरोह के दो सदस्य अभी फरार

पुलिस के मुताबिक, गिरोह के दो अन्य सदस्य आफताब पुत्र जाकिर, निवासी चौबारी, थाना सुभाषनगर, बरेली और नेसार पुत्र नसीर, निवासी नगरिया कला, थाना फतेहगंज पूर्वी, बरेली अभी फरार हैं।

इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी की अन्य घटनाओं और गिरोह के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास जारी है।

इस पूरी कार्रवाई में तहबरपुर थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह, उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी, उपनिरीक्षक सूर्य पाल समेत थाना पुलिस, विशेष टीम, चोरी अनावरण टीम और सर्विलांस टीम के पुलिसकर्मी शामिल रहे।

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