बागपत के स्कूल वीडियो मामले में रजत सोलंकी ने अखिलेश यादव से की मुलाकात, जानिए पूरा विवाद
रिपोर्ट – हैदर मलिक
बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में सरकारी स्कूल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में कार्रवाई का सामना कर चुके रजत सोलंकी ने लखनऊ पहुंचकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। रजत ने पूर्व मुख्यमंत्री को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद अखिलेश यादव ने प्रेसवार्ता में इस प्रकरण का उल्लेख करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रजत ने स्कूल की स्थिति से जुड़ा वीडियो सामने रखा था और इसके बाद उसे जेल जाना पड़ा।
यह मामला बिनौली थाना क्षेत्र के माखर गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय यानी कंपोजिट स्कूल से जुड़ा है। स्कूल की स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रजत सोलंकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि, मामले में स्कूल प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोप और रजत सोलंकी का पक्ष अलग-अलग हैं। अब रजत की अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। हालिया रिपोर्टों में भी रजत द्वारा इस मामले को लेकर अपनी आपत्ति और मुकदमा वापस लेने की मांग किए जाने का उल्लेख है।
माखर गांव के सरकारी स्कूल से जुड़ा है मामला
मामला माखर गांव स्थित कंपोजिट स्कूल का है। रजत सोलंकी ने स्कूल परिसर की स्थिति से संबंधित फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए थे। वीडियो में विद्यालय भवन और वहां की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए गए थे।
इसके बाद विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका भावना तोमर की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत में रजत पर स्कूल परिसर में अनधिकृत तरीके से प्रवेश करने, भवन, शौचालय और रसोईघर की स्थिति का वीडियो बनाने तथा उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप लगाया गया।
शिकायत में जर्जर भवन पर लगी सील को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी शामिल था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए रजत सोलंकी को गिरफ्तार किया और उसे एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद उसे शांतिभंग के मामले में जेल भेजा गया।
रजत सोलंकी ने आरोपों से किया इनकार
जेल से बाहर आने के बाद रजत सोलंकी ने स्कूल प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया। उसका कहना है कि उसने रविवार को छुट्टी के दिन स्कूल की स्थिति का वीडियो बनाया था।
रजत के अनुसार, उसका उद्देश्य बेसिक शिक्षा विभाग की छवि खराब करना नहीं था। उसका दावा है कि उसने स्कूल में मौजूद कथित अव्यवस्थाओं को इसलिए रिकॉर्ड किया, ताकि संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर जाए और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े सवालों का समाधान हो सके।
वहीं, रजत ने स्कूल का गेट तोड़ने और भवन की सील तोड़ने के आरोपों से भी इनकार किया है। उसका कहना है कि उसने विद्यार्थियों के हित में स्कूल की स्थिति को सामने रखने का प्रयास किया था।
अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद फिर चर्चा में मामला
रजत सोलंकी ने लखनऊ पहुंचकर अखिलेश यादव से मुलाकात की और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, मुलाकात के दौरान रजत ने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई और स्कूल से संबंधित विवाद के बारे में जानकारी साझा की।
इसके बाद अखिलेश यादव ने प्रेसवार्ता में इस मामले का जिक्र किया। उन्होंने रजत के पक्ष को सामने रखते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने कहा कि रजत ने स्कूल से जुड़ी जानकारी का वीडियो वायरल किया था और उसे जेल जाना पड़ा।
राजनीतिक बयान के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है। हालांकि, अखिलेश यादव का बयान उनके राजनीतिक दृष्टिकोण के रूप में देखा जाना चाहिए, जबकि रजत के खिलाफ दर्ज मामले और स्कूल प्रबंधन की शिकायत की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
स्कूल प्रबंधन और रजत के दावे अलग-अलग
इस पूरे प्रकरण में दोनों पक्षों के दावे अलग हैं। स्कूल प्रबंधन की शिकायत में रजत पर विद्यालय परिसर में प्रवेश करने और सील से छेड़छाड़ समेत कई आरोप लगाए गए थे। दूसरी ओर, रजत इन आरोपों से इनकार करता है और कहता है कि उसने स्कूल की कथित बदहाल स्थिति का वीडियो विद्यार्थियों के हित में बनाया था।
इसलिए मामले में वायरल वीडियो के साथ-साथ पुलिस की कार्रवाई, शिकायत में लगाए गए आरोप और रजत के बयान सभी महत्वपूर्ण हैं। इन दावों की अंतिम स्थिति जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगी।
पहले भी उठी है मुकदमा वापस लेने की मांग
रजत सोलंकी के मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी विरोध और मुकदमा वापस लेने की मांग सामने आ चुकी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ग्रामीणों की बैठक में मामले की निष्पक्ष जांच और मुकदमे वापस लेने की मांग उठाई गई थी।
इसके अलावा, सितंबर में रजत ने मुकदमा निरस्त किए जाने की मांग को लेकर विरोध का अलग तरीका भी अपनाया था। इस दौरान पुलिस ने उसे घर में नजरबंद किया था।
अब जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल बागपत के इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि स्कूल की स्थिति से संबंधित वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर साझा करने के बाद रजत के खिलाफ दर्ज कार्रवाई की परिस्थितियां क्या थीं। साथ ही, स्कूल प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति भी जांच का विषय है।
रजत सोलंकी की अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद मामले को राजनीतिक स्तर पर भी उठाया गया है। हालांकि, आरोपों और प्रत्यारोपों से अलग मामले की कानूनी स्थिति संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल यह प्रकरण सरकारी स्कूलों की स्थिति, सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने और उसके बाद हुई कानूनी कार्रवाई—इन तीनों पहलुओं को लेकर चर्चा में है।

