संतकबीरनगर में शिक्षामित्रों ने डीएम अनुज मलिक को सौंपा ज्ञापन, समायोजन समेत कई मांगें उठाईं

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रिपोर्ट – शैलेंद्र मणि त्रिपाठी 

संतकबीरनगर: उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ जनपद संतकबीरनगर के पदाधिकारियों ने सोमवार को नवागत जिलाधिकारी श्रीमती अनुज मलिक को ज्ञापन सौंपकर शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। संघ ने शिक्षामित्रों से जुड़े समायोजन, शिक्षक पद पर अवसर, सेवा अवधि, मानदेय और अन्य मुद्दों को लेकर अपनी मांगें जिलाधिकारी के सामने रखीं। पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है।

हाल ही में जिलाधिकारी अनुज मलिक ने संतकबीरनगर में कार्यभार ग्रहण किया है। ऐसे में शिक्षामित्र संघ की ओर से उन्हें ज्ञापन देकर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया गया। संघ ने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी संबंधित मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने के लिए आवश्यक पत्राचार करेंगे।

समायोजन की समस्या उठाई

ज्ञापन सौंपते हुए संघ के जिलाध्यक्ष रणजीत राय ने शिक्षामित्रों के समायोजन से जुड़ी समस्या को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि कई शिक्षामित्र ऐसे हैं जिन्हें उनके निवास स्थान से काफी दूर स्थित विद्यालयों में कार्य करना पड़ रहा है। इससे उन्हें रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

संघ ने मांग की कि शासनादेशों और विभागीय नियमों के अनुरूप पात्र शिक्षामित्रों के समायोजन की प्रक्रिया को पूरा कराया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाने की मांग भी की गई।

दरअसल, शिक्षामित्रों के स्थानांतरण और मूल विद्यालयों में वापसी से जुड़ी मांगें प्रदेश के अलग-अलग जिलों में समय-समय पर उठती रही हैं। हाल में अयोध्या में भी शिक्षामित्रों ने स्थानांतरण और लंबित मानदेय से जुड़े मामलों के समाधान की मांग रखी थी।

सुपर टेट के जरिए सहायक अध्यापक पद पर समायोजन की मांग

शिक्षामित्र संघ ने ज्ञापन में टीईटी/सीटीईटी उत्तीर्ण और एनसीटीई के निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले करीब 60 हजार शिक्षामित्रों को सुपर टेट के माध्यम से सहायक अध्यापक पद पर समायोजित करने की मांग रखी।

संघ का कहना है कि शिक्षामित्र लंबे समय से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उनकी योग्यता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए सहायक अध्यापक पद पर अवसर देने की मांग की जा रही है।

हालांकि, यह मांग संघ की ओर से रखी गई है और इसके संबंध में अंतिम निर्णय शासन स्तर पर संबंधित नियमों और नीतियों के आधार पर होगा। इसलिए इसे वर्तमान सरकारी निर्णय के रूप में नहीं, बल्कि शिक्षामित्र संगठन की मांग के रूप में देखा जाना चाहिए।

सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष करने की मांग

ज्ञापन में शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति की आयु को लेकर भी मांग रखी गई। संघ ने कहा कि शिक्षामित्रों की योग्यता और लंबे कार्य अनुभव को देखते हुए सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की जानी चाहिए।

संगठन का तर्क है कि सेवा अवधि बढ़ने से अनुभवी शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालयों में अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे। इसके अलावा संघ ने शिक्षामित्रों के सेवा हितों से जुड़े अन्य विषयों पर भी शासन स्तर से स्पष्ट निर्णय लिए जाने की मांग की।

गौरतलब है कि शिक्षामित्रों की सेवा शर्तों, मानदेय और अन्य मांगों को लेकर प्रदेश में अलग-अलग संगठनों की ओर से समय-समय पर ज्ञापन दिए जाते रहे हैं। सितंबर 2026 में भी शिक्षामित्र संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर विभिन्न जिलों में ज्ञापन और आंदोलन की घोषणाएं की हैं।

12 महीने का मानदेय देने की मांग

शिक्षामित्र संघ ने वर्ष में 11 महीने के बजाय 12 महीने का मानदेय दिए जाने की मांग भी रखी। संघ का कहना है कि शिक्षामित्रों की सेवाओं और विद्यालयों में उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए मानदेय की व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही संगठन ने बेसिक विद्यालयों में आयोजित होने वाली स्पोर्ट्स टीचर परीक्षा में शिक्षामित्रों को भी शामिल होने का अवसर देने की मांग की। संघ के अनुसार, शिक्षामित्रों में खेल और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े अनुभव रखने वाले कर्मियों को ऐसी परीक्षाओं में भाग लेने का अवसर मिलना चाहिए।

बीमारी या असामयिक मृत्यु की स्थिति में परिवार को सहायता की मांग

ज्ञापन में शिक्षामित्रों के परिवारों से जुड़ा मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने मांग की कि बीमारी अथवा अन्य परिस्थितियों में किसी शिक्षामित्र की असामयिक मृत्यु होने पर उसके परिवार को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को उसकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी गई। संघ ने कहा कि ऐसी व्यवस्था से संकट की स्थिति में प्रभावित परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहारा मिल सकेगा।

हाल में प्रदेश के अन्य जिलों में भी शिक्षामित्रों की ओर से असामयिक मृत्यु के मामलों में परिजनों को आर्थिक सहायता और नौकरी देने की मांग सामने आई है।

डीएम से शासन स्तर पर पत्राचार की मांग

शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि ज्ञापन में शामिल सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। साथ ही, जिन विषयों का समाधान जिला स्तर पर संभव नहीं है, उन्हें शासन स्तर तक भेजकर संबंधित विभागों से आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्राचार किया जाए।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षामित्र लंबे समय से अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसे में उनकी मांगों पर शासन की ओर से सकारात्मक और स्पष्ट निर्णय की अपेक्षा है।

कुल मिलाकर, संतकबीरनगर में शिक्षामित्र संघ ने नवागत डीएम अनुज मलिक के सामने समायोजन से लेकर सहायक अध्यापक पद पर अवसर, सेवानिवृत्ति आयु, 12 माह के मानदेय और परिवार को सहायता समेत कई मांगें रखी हैं। अब इन मांगों पर जिला प्रशासन की ओर से शासन स्तर पर क्या पत्राचार किया जाता है और संबंधित विभागों की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर शिक्षामित्रों की नजर रहेगी।

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