बिजनौर में प्रसव के दौरान महिला और नवजात की हुई मौत, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप, जांच शुरू

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रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा 

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं, संबंधित चिकित्सक ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए अपना पक्ष रखा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला चांदपुर क्षेत्र में रेलवे फाटक के पास स्थित डॉ. लाखन सिंह पाल के चंद्रा नर्सिंग होम से जुड़ा बताया जा रहा है। मृतका की पहचान इरम पत्नी जुनैद, निवासी मोहल्ला मुफ्ती सराय जमाईपुरा के रूप में हुई है।

अचेत अवस्था में महिला को लेकर थाने पहुंचा परिजन

बताया गया कि प्रसव के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई। इसके बाद परिवार का एक सदस्य महिला को अचेत अवस्था में गोद में उठाकर थाना चांदपुर पहुंचा। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को देखते हुए तत्काल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्याऊ भेजा।

हालांकि, सीएचसी स्याऊ पहुंचने पर डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया।

परिजनों ने डॉक्टर और स्टाफ पर लगाए आरोप

मृतका के परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान अस्पताल में उचित इलाज और देखभाल नहीं की गई, जिसके कारण महिला और उसके बच्चे की जान चली गई।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद डॉक्टर और स्टाफ अस्पताल बंद कर वहां से चले गए। मामले को लेकर मृतका की चाची और खाला ने भी ससुराल पक्ष और अस्पताल की व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

इसके बाद पीड़ित परिवार की ओर से थाना चांदपुर पुलिस को कार्रवाई के लिए शिकायती पत्र दिया गया।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

मामले की सूचना मिलने के बाद थाना चांदपुर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।

चिकित्सक ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं, इस मामले में डॉ. लाखन सिंह पाल ने परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि घटना के समय वह, उनकी पत्नी और पुत्रवधू अस्पताल में मौजूद नहीं थे।

डॉक्टर के अनुसार, महिला की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे अस्पताल से रेफर किया गया था। उन्होंने इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार किया है।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी स्थिति

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों की भूमिका भी मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि आरोप एक स्वास्थ्य केंद्र और निजी नर्सिंग होम से संबंधित हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उठे सवाल

इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और प्रसव के दौरान मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।

प्रशासन की ओर से भी ऐसे मामलों में समय-समय पर अस्पतालों की व्यवस्थाओं की जांच की जाती है, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

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