बिजनौर में भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना, संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगाए आरोप
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर देश की संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह और जिला मंत्री विनोद राठी ने निर्वाचन आयोग, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), फॉर्म-6 और अन्य संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा। नेताओं ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों को समझना जरूरी है।
प्रेसवार्ता में भाजपा नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने अपने हालिया स्पष्टीकरण में स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े फैसले आयोग के तीनों सदस्यों की सहमति से लिए गए। उनके अनुसार, इस संबंध में सामने आई चर्चाओं के बाद आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। भाजपा नेताओं ने कहा कि आयोग की आधिकारिक जानकारी को ध्यान में रखते हुए ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।
SIR प्रक्रिया को लेकर भाजपा ने रखा पक्ष
प्रेसवार्ता के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा प्रमुखता से उठा। भाजपा नेताओं ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा कि मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
साकेन्द्र प्रताप सिंह और विनोद राठी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि SIR से संबंधित निर्णयों को लेकर स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है।
हालांकि, निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं। ऐसे में इस विषय पर अलग-अलग दलों के बयानों को उनके राजनीतिक पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए।
फॉर्म-6 और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया उल्लेख
भाजपा नेताओं ने प्रेसवार्ता में फॉर्म-6 का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 का इस्तेमाल किया जाता है और SIR से जुड़ी प्रक्रिया में इसके प्रावधानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख किया गया है।
उनका कहना था कि इस मुद्दे पर न्यायालय के फैसले और निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण को ध्यान में रखा जाना चाहिए। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस विषय को राजनीतिक रूप देकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है।
फॉर्म-6 का संबंध मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के आवेदन से है। इसलिए इससे जुड़े किसी भी दावे को समझने के लिए संबंधित नियमों, न्यायालय के आदेश और निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी को देखना महत्वपूर्ण है।
कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र पर भी दी प्रतिक्रिया
प्रेसवार्ता में कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र का मुद्दा भी उठाया गया। भाजपा नेताओं ने इसे प्रशासनिक और आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि इसे SIR की प्रक्रिया से जोड़कर प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस विषय पर कथित या अपुष्ट रिपोर्टों के आधार पर सवाल उठा रहा है। नेताओं ने कहा कि किसी भी रिपोर्ट की प्रामाणिकता और उसके संदर्भ की जांच किए बिना उसे अंतिम तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
भाजपा नेताओं के मुताबिक, इस तरह के मामलों में आधिकारिक दस्तावेजों और संबंधित संस्थाओं के स्पष्टीकरण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इन मुद्दों के माध्यम से जनता के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रही है।
EVM, न्यायपालिका और सेना को लेकर कांग्रेस पर आरोप
भाजपा नेताओं ने अपने बयान में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), न्यायपालिका और सेना का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समय-समय पर इन संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती रही है।
साकेन्द्र प्रताप सिंह और विनोद राठी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल उठाना और जवाब मांगना राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन किसी संस्था के संबंध में आरोप लगाते समय तथ्यों और प्रमाणों का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
हालांकि, विभिन्न राजनीतिक दल चुनावी प्रक्रिया, संस्थाओं की जवाबदेही और उनके कामकाज को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण रखते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में संबंधित पक्षों के बयानों और उपलब्ध आधिकारिक तथ्यों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
कांग्रेस से बिना शर्त माफी मांगने की मांग
प्रेसवार्ता के अंत में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से अपने बयानों को लेकर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और उनके प्रति जनता का भरोसा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह किसी भी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने से पहले आधिकारिक जानकारी और उपलब्ध तथ्यों का अध्ययन करे।
कुल मिलाकर, बिजनौर में आयोजित इस प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने SIR, फॉर्म-6, निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस को घेरा। वहीं, इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस के बीच निर्वाचन आयोग के आधिकारिक स्पष्टीकरण, न्यायालय के आदेश और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर तथ्यों को समझना महत्वपूर्ण रहेगा।

