श्रावस्ती में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा, किसान हनुमान प्रसाद बाढ़ की धारा में लापता

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रिपोर्ट: सूर्य प्रकाश शुक्ला

श्रावस्ती। नेपाल के कुसुम बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद श्रावस्ती जिले में राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। लगातार तीन दिनों तक हुई भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पहले से ही जनजीवन प्रभावित था। इसी बीच राप्ती नदी में अचानक बढ़े पानी और तेज बहाव के बीच इकौना क्षेत्र के मझौवा सुमाल गांव निवासी किसान हनुमान प्रसाद के लापता होने की सूचना से इलाके में चिंता बढ़ गई है।

बताया जा रहा है कि हनुमान प्रसाद सब्जी की खेती करते हैं और खेती से जुड़े काम के सिलसिले में नदी के कछार क्षेत्र में गए थे। इसी दौरान राप्ती नदी का पानी अचानक बढ़ गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण वह उसकी चपेट में आ गए और इसके बाद उनका कोई पता नहीं चल सका। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने किसान की तलाश शुरू की, लेकिन करीब 18 घंटे बाद भी उनका सुराग नहीं मिल सका।

कुसुम बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ा नदी का जलस्तर

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार नेपाल के कुसुम बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा है। इसके साथ ही लगातार बारिश के कारण नदी के आसपास के क्षेत्रों में पानी का दबाव बढ़ गया। नदी के कछार में रहने और खेती करने वाले लोगों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है।

प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं, किसान के लापता होने की सूचना के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है।

सब्जी की खेती के लिए कछार में गए थे किसान

परिजनों के अनुसार हनुमान प्रसाद खेती-किसानी का काम करते हैं। वह सब्जी की खेती के सिलसिले में नदी के कछार क्षेत्र में गए थे। इसी दौरान अचानक पानी बढ़ने और तेज बहाव की स्थिति पैदा हो गई। आशंका है कि पानी के तेज बहाव में फंसने के बाद वह लापता हो गए।

घटना के बाद परिवार में चिंता का माहौल है। किसान के बेटे बृजेश मौर्या ने प्रशासन से अपने पिता की तलाश कर उन्हें सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है। परिवार और ग्रामीणों की नजरें अब राहत एवं बचाव दल की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे विधायक और अधिकारी

घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। भाजपा विधायक राम फेरन पांडेय भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके अलावा इकौना के एसडीएम रवेंद्र कुमार, थाना प्रभारी परमानंद तिवारी और ग्राम प्रधान भी मौके पर मौजूद रहे।

अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेते हुए राहत एवं बचाव कार्य की स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन की टीम की ओर से लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है। साथ ही, नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए बचाव अभियान में सावधानी बरती जा रही है।

NDRF ने शुरू किया सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन

किसान के लापता होने के बाद NDRF की टीम ने भी सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। टीम तेज बहाव के बीच नदी में लापता किसान की तलाश कर रही है। नदी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए खोज अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसके बावजूद बचाव दल संभावित स्थानों पर लगातार तलाश कर रहा है।

प्रशासन की टीम भी NDRF और स्थानीय स्तर पर जुटे लोगों के साथ समन्वय बनाए हुए है। नदी के आसपास के क्षेत्र में किसी अन्य व्यक्ति के जोखिम में होने की स्थिति को देखते हुए भी निगरानी की जा रही है।

ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए नदी के किनारे और कछार क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों को तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। विशेष रूप से किसानों और पशुपालकों को नदी के आसपास जाने से पहले जलस्तर और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी पर ध्यान देने को कहा जा रहा है।

लगातार बारिश और बैराज से छोड़े गए पानी के कारण आने वाले समय में नदी के जलस्तर में और बदलाव हो सकता है। इसलिए प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है।

करीब 18 घंटे से तलाश जारी

हनुमान प्रसाद के लापता होने के करीब 18 घंटे बाद भी उनका पता नहीं चल सका है। NDRF की टीम नदी में संभावित स्थानों पर तलाश कर रही है। परिवार लगातार उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। राहत एवं बचाव दल की कार्रवाई जारी है और नदी के तेज बहाव के बीच किसान की तलाश की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता किसान का पता लगाना और क्षेत्र में किसी भी संभावित जोखिम को कम करना है।

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