मेरठ में SIR के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, लगाए नारे; चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों को लेकर सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए चुनाव आयोग से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में स्पष्टता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी बदलाव की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहें और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।
मेरठ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
मेरठ में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “वोट चोर, गद्दी छोड़” और “बीजेपी हटाओ, देश बचाओ” जैसे नारे लगाए। इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने “वोट चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में” जैसे नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। नारेबाजी के दौरान कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाकर भी विरोध जताया।
प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने “चुनाव आयुक्त हटाओ, लोकतंत्र बचाओ” का नारा लगाते हुए SIR की प्रक्रिया पर पार्टी की आपत्तियां सामने रखीं।
कांग्रेस की ओर से लगातार यह कहा जा रहा है कि मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही महत्वपूर्ण है। पार्टी SIR प्रक्रिया की समीक्षा तथा मतदाता सूची में होने वाले बदलावों को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की मांग कर रही है।
प्रदेशभर में प्रदर्शन का कार्यक्रम
SIR को लेकर कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन का आह्वान किया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी ने 28 सितंबर को प्रदेशभर में प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। इससे पहले 25 सितंबर को भी कांग्रेस ने देश के विभिन्न हिस्सों में SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।
इस दौरान कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया गया। पार्टी ने SIR प्रक्रिया को लेकर स्वतंत्र समीक्षा और पारदर्शिता की मांग उठाई है। हालांकि, SIR को लेकर चुनाव आयोग और विभिन्न स्तरों पर निर्वाचन अधिकारियों की ओर से मतदाता सूची को अद्यतन करने और सत्यापन से संबंधित प्रक्रियाएं संचालित की जा रही हैं।
मेरठ में SIR से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध
मेरठ जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR 2026 से संबंधित मतदाता सूचियां उपलब्ध कराई गई हैं। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर विधानसभा क्षेत्रवार SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट और ASD यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणी से संबंधित सूची के लिंक भी उपलब्ध हैं। मेरठ की विधानसभा सीटों में सिवालखास, सरधना, हस्तिनापुर, किठौर, मेरठ कैंट, मेरठ और मेरठ दक्षिण शामिल हैं।
इससे मतदाता अपने नाम और मतदाता सूची से संबंधित जानकारी की जांच कर सकते हैं। वहीं, निर्वाचन प्रक्रिया में किसी तरह की त्रुटि या आपत्ति होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित चुनाव अधिकारियों के समक्ष दावा या आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है।
कांग्रेस ने उठाई जवाबदेही की मांग
मेरठ में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इसमें होने वाले किसी भी संशोधन को लेकर नागरिकों को पर्याप्त जानकारी मिलनी चाहिए। पार्टी नेताओं ने SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ मतदाताओं से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय किए जाने की मांग की।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने प्रदर्शन के दौरान पार्टी की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर अपनी आवाज उठा रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। खासतौर पर SIR के तहत मतदाता सूची में होने वाले बदलावों को लेकर पार्टी ने अधिक स्पष्टता की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम प्रभावित न हो और प्रक्रिया में उचित सत्यापन किया जाए।
वहीं, मेरठ जिला प्रशासन की वेबसाइट पर SIR 2026 से संबंधित आधिकारिक मतदाता सूचियों और अन्य जानकारी को सार्वजनिक किया गया है। प्रशासन की ओर से मतदाताओं को उपलब्ध आधिकारिक माध्यमों से अपने नाम और विवरण की जांच करने का अवसर दिया गया है।
प्रदर्शन से गरमाया राजनीतिक माहौल
SIR को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक बहस लगातार चर्चा में है। ऐसे में मेरठ में हुआ प्रदर्शन भी इसी व्यापक राजनीतिक अभियान का हिस्सा रहा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी के जरिए अपनी मांगों को सामने रखा और चुनाव आयोग से प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की।
कुल मिलाकर, मेरठ में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद SIR को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं। कांग्रेस ने जहां मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग दोहराई है, वहीं मतदाताओं के लिए आधिकारिक मतदाता सूची और निर्वाचन कार्यालयों के माध्यम से अपने विवरण की जांच करना महत्वपूर्ण है। मेरठ जिला प्रशासन की वेबसाइट पर SIR 2026 से संबंधित ड्राफ्ट और अन्य मतदाता सूची संबंधी जानकारी उपलब्ध है।

