मुरादाबाद के टीएमयू में दसलक्षण महापर्व का हुआ समापन, भव्य रथ यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) में पर्वाधिराज दसलक्षण महापर्व 2026 का समापन श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में जी की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे, दिव्यघोष, ऐरावत हाथी और भक्ति नृत्य से सजी इस शोभायात्रा में मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। रथ यात्रा के दौरान पूरा विश्वविद्यालय परिसर भगवान महावीर के जयकारों और धार्मिक वातावरण से भक्तिमय नजर आया।
यह धार्मिक आयोजन परम पूज्य आचार्य 108 भद्रबाहु सागर जी महाराज एवं पूज्य क्षुल्लक 105 वृषभ सागर जी महाराज के मंगल सान्निध्य में संपन्न हुआ। दसलक्षण महापर्व के समापन अवसर पर आयोजित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं और विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पूजन और शांतियज्ञ के बाद शुरू हुई रथ यात्रा
रथ यात्रा से पहले टीएमयू परिसर में विधि-विधान के साथ पूजन और शांतियज्ञ का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद जी को श्रद्धापूर्वक रथ में विराजमान कराया गया। इसके पश्चात गाजे-बाजे और दिव्यघोष के बीच रथ यात्रा प्रारंभ हुई।
रथ यात्रा में ऐरावत हाथी भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने यात्रा के पूरे मार्ग पर भक्ति नृत्य प्रस्तुत किए। इससे कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ गया। रथ यात्रा के दौरान धार्मिक जयकारों से विश्वविद्यालय परिसर का वातावरण श्रद्धामय बना रहा।
इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक भूमिकाओं का निर्वहन करने का सौभाग्य भी श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। सौधर्म इंद्र बनने का अवसर सौम्य दोषी को मिला। इसके अलावा प्रियांशु, संभव, दर्शिल और प्रणय जैन चार मुख्य इंद्र बने। कुमार आदित्य जैन ने सारथी तथा रत्नेश जैन ने कुबेर इंद्र की भूमिका निभाई।
कुलाधिपति कार्यालय के सामने हुई मंगल आरती
रथ यात्रा जब टीएमयू के कुलाधिपति कार्यालय के सामने पहुंची तो वहां विशेष धार्मिक आयोजन हुआ। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुरेश जैन ने ऐरावत हाथी पर बैठकर मंगल आरती की। इस दौरान विश्वविद्यालय परिवार के कई वरिष्ठ सदस्य, शिक्षक, विद्यार्थी और श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम में फर्स्ट लेडी वीणा जैन, ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन, ऋचा जैन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन, जाह्नवी जैन और नंदनी जैन सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। मंगल आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक वातावरण में अपनी आस्था व्यक्त की।
रिद्धि-सिद्धि भवन में हुआ अभिषेक
मंगल आरती के बाद जी का रथ रिद्धि-सिद्धि भवन पहुंचा। यहां पूज्य मुनि संघ के पावन सान्निध्य में धार्मिक अनुष्ठान आगे बढ़े। कुलपति प्रोफेसर वीके जैन, अंकित जैन, डॉ. पुनीत जैन और छात्र शिवम जैन ने स्वर्ण कलशों से जी का अभिषेक किया।
इसके बाद सौम्य, प्रयास, विनायक और सार्थक जैन को स्वर्ण झारी से शांतिधारा करने का अवसर प्राप्त हुआ। धार्मिक विधियों के दौरान श्रद्धालुओं ने अनुशासन और श्रद्धा के साथ सहभागिता की। इस पूरे आयोजन में दसलक्षण महापर्व के धार्मिक संदेश और परंपराओं को केंद्र में रखा गया।
आचार्य के मंगल प्रवचन ने दिया धार्मिक संदेश
कार्यक्रम के दौरान आचार्य भद्रबाहु सागर जी महाराज के मंगल प्रवचन भी हुए। उन्होंने दसलक्षण महापर्व से जुड़े आध्यात्मिक और धार्मिक पक्षों पर श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया। प्रवचन के दौरान आत्मचिंतन, संयम और धार्मिक मूल्यों के महत्व पर जोर दिया गया।
दसलक्षण महापर्व जैन समाज के प्रमुख धार्मिक पर्वों में माना जाता है। इस दौरान आत्मशुद्धि, संयम और सदाचार से जुड़े धार्मिक आचरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। पर्व के समापन अवसर पर आयोजित रथ यात्रा इसी धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
सुषमा जैन परिवार को मिला रत्नत्रय माला का सौभाग्य
कार्यक्रम में रत्नत्रय माला पहनने का सौभाग्य मुरादाबाद की श्रीमती सुषमा जैन के परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं सभी धार्मिक अनुष्ठान पंडित ऋषभ जी शास्त्री, शिखरजी के मार्गदर्शन में संपन्न कराए गए।
आयोजन के दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भी सक्रिय सहभागिता की। धार्मिक कार्यक्रम के साथ विद्यार्थियों की भागीदारी ने आयोजन को विशेष रूप से सामूहिक स्वरूप दिया। रथ यात्रा में भक्ति नृत्य और धार्मिक घोष के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था और उत्साह व्यक्त किया।
श्रद्धालुओं के लिए हुआ वात्सल्य भोज
धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति और विश्वविद्यालय परिवार की ओर से श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
इस पूरे आयोजन में मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। सुबह से ही टीएमयू परिसर में धार्मिक गतिविधियों का माहौल बना रहा और रथ यात्रा के दौरान यह वातावरण और अधिक उत्सवपूर्ण हो गया।
भक्तिमय रहा टीएमयू परिसर
दसलक्षण महापर्व के समापन पर आयोजित जी की भव्य रथ यात्रा ने टीएमयू परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को जीवंत कर दिया। रथ यात्रा, मंगल आरती, अभिषेक, शांतिधारा, आचार्य के मंगल प्रवचन और वात्सल्य भोज जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया गया।
विशेष रूप से विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को अलग पहचान दी। भक्ति नृत्य और शोभायात्रा में विद्यार्थियों की सक्रिय मौजूदगी ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। वहीं मुनि संघ के सान्निध्य में संपन्न धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
इस प्रकार टीएमयू में दसलक्षण महापर्व 2026 का समापन धार्मिक परंपराओं और सामूहिक सहभागिता के साथ हुआ। भव्य रथ यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने पर्व के समापन को उत्साहपूर्वक मनाया। आयोजन के अंत में वात्सल्य भोज के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ और श्रद्धालु धार्मिक अनुभवों के साथ अपने घरों के लिए रवाना हुए।

