फतेहपुर के उमरपुर गौती में मिशन शक्ति की दस्तक, महिलाओं-बालिकाओं को सुरक्षा व अधिकारों की जानकारी
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फतेहपुर: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत फतेहपुर जिले में पुलिस की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी क्रम में थाना सुल्तानपुर घोष पुलिस टीम ने ग्राम पंचायत उमरपुर गौती स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में महिलाओं और बालिकाओं के साथ जागरूकता बैठक की।
बैठक के दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं को सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही उन्हें बताया गया कि किसी भी विषम परिस्थिति में घबराने या चुप रहने के बजाय समय रहते पुलिस और संबंधित हेल्पलाइन की सहायता लेनी चाहिए। इसके अलावा बालिकाओं को भी असहज या परेशान करने वाली किसी स्थिति की जानकारी अपने परिजनों, शिक्षकों अथवा पुलिस को तत्काल देने के लिए प्रेरित किया गया।
मिशन शक्ति टीम ने गांव पहुंचकर किया जागरूक
रविवार को आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का नेतृत्व मिशन शक्ति प्रभारी हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश पांडेय ने किया। उनके साथ महिला कांस्टेबल रागिनी, स्वाति साहू और प्रज्ञा ओझा भी मौजूद रहीं। पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं से संवाद करते हुए उनकी सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की।
बैठक में महिला उत्पीड़न, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और बालिकाओं की सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा की गई। पुलिस कर्मियों ने कहा कि किसी भी महिला या बालिका को यदि किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पुलिस टीम ने महिलाओं से कहा कि समस्या की जानकारी समय पर संबंधित विभाग या पुलिस को देने से सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। साथ ही महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आसपास होने वाली गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई।
जरूरी हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
जागरूकता बैठक के दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आपात स्थिति में 112, महिला संबंधी शिकायतों के लिए 1090, महिला हेल्पलाइन के लिए 181, बच्चों से संबंधित सहायता के लिए 1098 और साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क किया जा सकता है।
पुलिस कर्मियों ने केवल नंबरों की जानकारी ही नहीं दी, बल्कि जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं का उपयोग करने के तरीके के बारे में भी समझाया। महिलाओं से कहा गया कि किसी आपात स्थिति में तुरंत सहायता लेना महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा बैठक में यह भी बताया गया कि किसी समस्या को लेकर अकेले परेशान होने के बजाय भरोसेमंद परिजनों और संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है। जागरूकता का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी देना रहा।
साइबर अपराध से बचाव के लिए भी किया सावधान
मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं को साइबर अपराध से बचने के उपायों के बारे में भी जानकारी दी। पुलिस कर्मियों ने कहा कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन लेनदेन के दौरान विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
महिलाओं को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई। इसके साथ ही बैंक खाते, एटीएम, पासवर्ड, ओटीपी और अन्य वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए भी सतर्क रहने को कहा गया।
पुलिस ने समझाया कि साइबर अपराध के मामलों में जल्द शिकायत करना महत्वपूर्ण हो सकता है। किसी ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने की जानकारी भी दी गई।
बालिकाओं को असहज स्थिति में तुरंत बताने की सलाह
बैठक में बालिकाओं की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस टीम ने बालिकाओं को बताया कि यदि उन्हें स्कूल, रास्ते, सार्वजनिक स्थान या ऑनलाइन किसी प्रकार की असहज स्थिति का सामना करना पड़े तो उसे छिपाने के बजाय तत्काल किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
पुलिस कर्मियों ने बालिकाओं को अपने माता-पिता, अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्हें यह संदेश दिया गया कि परेशानी के समय सहायता मांगना महत्वपूर्ण है।
महिलाओं और बालिकाओं को अपने आसपास के वातावरण के प्रति जागरूक रहने और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित लोगों तक पहुंचाने के लिए भी कहा गया।
सुरक्षा को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर
मिशन शक्ति टीम ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए परिवार, समाज और प्रशासन सभी की सामूहिक भूमिका जरूरी है। जागरूकता के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी देना सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
पुलिस टीम ने ग्रामीण महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की समस्या को लेकर चुप न रहें और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करें। वहीं, परिवार के सदस्यों से भी महिलाओं और बालिकाओं की बात सुनने तथा उन्हें आवश्यक सहयोग देने की अपील की गई।
गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास
मिशन शक्ति अभियान के तहत इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाना है। गांवों में सीधे पहुंचकर संवाद करने से उन लोगों तक भी जानकारी पहुंच सकती है, जिन्हें विभिन्न सरकारी सेवाओं और हेल्पलाइन नंबरों की पूरी जानकारी नहीं होती।
उमरपुर गौती में आयोजित बैठक के दौरान भी पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं से सीधे संवाद कर उनकी सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जागरूकता और समय पर सहायता लेने से कई परिस्थितियों में बेहतर तरीके से मदद हासिल की जा सकती है।
फिलहाल मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने का सिलसिला जारी है। पुलिस टीम का कहना है कि भविष्य में भी ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर सुरक्षा, अधिकारों और साइबर जागरूकता से संबंधित जानकारी साझा की जाती रहेगी।

