आगरा अग्रवाल सम्मेलन में राजनीतिक प्रस्ताव, 15 विधानसभा सीटों पर दावेदारी का ऐलान
Digital UP News Desk
आगरा: आगरा स्थित अग्रवन में आयोजित अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन ब्रजक्षेत्र के शपथ ग्रहण समारोह में सामाजिक मुद्दों के साथ राजनीतिक और व्यापारी हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए। सम्मेलन में ब्रज क्षेत्र के 13 जिलों से पहुंचे अग्रबंधुओं की मौजूदगी में समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में रखे गए प्रस्तावों का उपस्थित जनसमूह ने तालियां बजाकर समर्थन किया।
सम्मेलन में वक्ताओं ने ब्रज क्षेत्र के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रत्येक विधानसभा सीट पर अग्रवाल समाज के 25 हजार से लेकर 1.50 लाख तक मतदाता हैं। इसी आधार पर ब्रज क्षेत्र में कम से कम 15 विधानसभा सीटों पर समाज की ओर से मजबूत राजनीतिक दावेदारी पेश करने की बात कही गई।
राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का प्रस्ताव
सम्मेलन में पारित राजनीतिक प्रस्ताव के तहत वक्ताओं ने कहा कि अग्रवाल समाज अब किसी राजनीतिक दल के साथ केवल समर्थन करने वाले समूह की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल समाज को सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व देगा, समाज उसके साथ सहयोग करेगा।
वक्ताओं ने राजनीतिक दलों को समाज की चुनावी भूमिका और मतदाता संख्या का अहसास कराने की बात कही। हालांकि, सम्मेलन में सामने रखे गए वोटों के आंकड़े आयोजकों और वक्ताओं के दावे हैं। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार के लिए उपलब्ध नहीं है।
प्रस्ताव में ब्रज क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। इसके तहत कम से कम 15 विधानसभा टिकटों पर दावेदारी पेश करने की बात कही गई। सम्मेलन में इस मुद्दे को समाज की राजनीतिक भागीदारी से जोड़कर देखा गया।
प्रस्तावों पर जनसमूह ने जताया समर्थन
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक, राजनीतिक और व्यापारी हितों से संबंधित प्रस्ताव एक-एक कर रखे गए। इन प्रस्तावों पर उपस्थित अग्रबंधुओं ने तालियां बजाकर समर्थन जताया। वक्ताओं ने संगठन की एकजुटता को आगामी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उनका कहना था कि समाज की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों के साथ राजनीतिक स्तर पर भी प्रभावी भागीदारी होनी चाहिए। इसके लिए स्थानीय स्तर से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक संगठन को मजबूत करने और समाज के लोगों को एक मंच पर लाने की आवश्यकता बताई गई।
इसके अलावा व्यापारियों की सुरक्षा और उनके हितों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। सम्मेलन में व्यापारी सुरक्षा-व्यापार आयोग के गठन, व्यापारी आयुक्त की नियुक्ति और विशेष व्यापारी संरक्षण कानून की मांग दोहराई गई।
48 पदाधिकारियों ने ली शपथ
समारोह में ब्रजक्षेत्र की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। सम्मेलन के राष्ट्रीय महासचिव गोपाल राय, राष्ट्रीय मंत्री विनय अग्रवाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नत्थूराम जैन और राष्ट्रीय संगठन मंत्री विनोद कुमार गुप्ता ने पदाधिकारियों को शपथ दिलाई।
इस दौरान मथुरा के समाजसेवी योगेन्द्र गोयल ट्रेजरी को ब्रज क्षेत्र का चेयरमैन बनाया गया। वहीं, शशिभानु गर्ग को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, चिराग अग्रवाल को उपाध्यक्ष और ताराचन्द अग्रवाल को ब्रज क्षेत्र संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई।
इसके साथ ही ब्रज क्षेत्र के कुल 48 पदाधिकारियों को संगठन की अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। नई कार्यकारिणी के गठन के बाद संगठन को जिलों और स्थानीय स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
मथुरा में होगा प्रदेश का अमृतकुंभ
सम्मेलन के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशिभानु गर्ग ने बताया कि जल्द ही प्रदेश स्तर पर अमृतकुंभ का आयोजन मथुरा में किया जाएगा। उनके अनुसार, इस आयोजन में करीब 50 हजार अग्रबंधुओं के शामिल होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और समाज के प्रमुख लोगों के शामिल होने की योजना है। इस दौरान समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और निर्णय लिए जाने की बात भी कही गई।
अमृतकुंभ को संगठन के विस्तार और समाज के विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने के बड़े कार्यक्रम के तौर पर प्रस्तुत किया गया। हालांकि, आयोजन की अंतिम तिथि और अतिथियों की आधिकारिक पुष्टि आयोजकों की ओर से अलग से की जानी बाकी है।
सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर जोर
सम्मेलन में वक्ताओं ने समाज को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता बताई। इसके लिए समाज के लोगों के बीच संवाद बढ़ाने, युवाओं को संगठन से जोड़ने और व्यापारी वर्ग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही गई।
साथ ही, वक्ताओं ने समाज के लिए महाराजा अग्रसेन के विचारों और सामाजिक संदेश को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। देश के विभिन्न हिस्सों में महाराजा अग्रसेन के मंदिरों की स्थापना और अग्रवाल परिवारों के घरों में उनकी छवि स्थापित करने से संबंधित प्रस्ताव भी कार्यक्रम में चर्चा का हिस्सा रहे।
इसके अतिरिक्त, राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे स्वर्गीय अशोक सिंघल की अयोध्या धाम में 100 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी रखी गई। यह मांग सम्मेलन में रखे गए प्रस्तावों का हिस्सा रही।
व्यापारी हितों के लिए विशेष कानून की मांग
सम्मेलन में व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर भी प्रस्ताव रखा गया। वक्ताओं ने व्यापारी सुरक्षा-व्यापार आयोग गठित करने और उसमें व्यापारी आयुक्त की नियुक्ति की मांग की। इसके साथ ही व्यापारियों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यापारी संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग की गई।
वक्ताओं ने कहा कि व्यापारियों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए एक प्रभावी संस्थागत व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट व्यवस्था की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में एक प्रशासनिक अधिकारी दिव्या मित्तल से जुड़े कथित उत्पीड़न के मामले का भी उल्लेख किया गया और वक्ताओं ने इसकी निंदा की। इस संबंध में लगाए गए आरोप सम्मेलन में व्यक्त किए गए विचारों पर आधारित हैं।
कार्यक्रम में पदाधिकारियों और समाज के लोगों की मौजूदगी
कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने की। संचालन कपिल अग्रवाल और विवेक गर्ग ने किया। राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के साथ ब्रज क्षेत्र के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों और समाज के लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
कुल मिलाकर, आगरा के अग्रवन में आयोजित सम्मेलन में संगठन के नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी देने के साथ-साथ सामाजिक, व्यापारी और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े कई प्रस्ताव रखे गए। विशेष रूप से 15 विधानसभा सीटों पर राजनीतिक दावेदारी की घोषणा और मथुरा में प्रस्तावित अमृतकुंभ आयोजन ने सम्मेलन के राजनीतिक एवं संगठनात्मक एजेंडे को प्रमुखता दी।

