श्रावस्ती में राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर, प्रशासन अलर्ट
रिपोर्ट: सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती। जिले में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के बीच राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नेपाल के कुसुम बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद नदी के जलस्तर में और वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में राप्ती नदी खतरे के निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और बाढ़ प्रभावित तथा संभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रशासनिक एवं राहत-बचाव तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने शनिवार को मधवा घाट और अशरफ नगर पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद स्थिति का निरीक्षण करने के साथ संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली और राहत-बचाव व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ा जलस्तर
बताया गया है कि नेपाल के कुसुम बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद राप्ती नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने भी परिस्थितियों को प्रभावित किया है। नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं और जलभराव वाले क्षेत्रों में आवागमन से बचें। साथ ही, किसी भी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।
डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने मधवा घाट तथा अशरफ नगर का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बाढ़ की स्थिति और संभावित प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली।
जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही प्रशासन की टीमें संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने वीडियो संदेश जारी कर जिलेवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों से सावधानी बरतने को कहा है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक आवागमन न करें। इसके अलावा बच्चों और बुजुर्गों को नदी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
कंट्रोल रूम स्थापित, राहत-बचाव तंत्र अलर्ट
बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली सूचनाओं पर नजर रखी जा रही है। साथ ही राहत एवं बचाव कार्य से जुड़े विभागों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की प्राथमिकता नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी करने के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित किया जा सके।
पल-पल की जा रही निगरानी
राप्ती नदी के जलस्तर पर जिला प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग स्वयं स्थिति की निगरानी कर रही हैं। प्रशासन की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों से संयम और सतर्कता बरतने की अपील की गई है। नदी के जलस्तर में किसी भी तरह के बदलाव की स्थिति में संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाने की तैयारी रखी गई है।
बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से नदी के किनारे रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। प्रशासन का राहत एवं बचाव तंत्र स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

